मध्यप्रदेश में RTI लगाने के बाद क्या होता है? जानिए 5 दिन में ट्रांसफर, 30 दिन में जवाब, 48 घंटे की Life & Liberty RTI, 40 दिन की Third Party प्रक्रिया और First Appeal की पूरी जानकारी।
मध्यप्रदेश में RTI लगाने के बाद क्या होता है? 30 दिन में जवाब नहीं मिले तो First Appeal कैसे करें
मध्यप्रदेश में RTI लगाने के बाद क्या होता है? अगर आपने ग्राम पंचायत, जनपद पंचायत, नगर पालिका, नगर निगम, तहसील, जिला कार्यालय या किसी अन्य सरकारी विभाग से जानकारी मांगने के लिए RTI आवेदन किया है, तो आवेदन जमा करने के बाद उसकी समय-सीमा और आगे की प्रक्रिया जानना बहुत जरूरी है।
सामान्य RTI आवेदन में लोक सूचना अधिकारी यानी PIO को आवेदन प्राप्त होने के बाद 30 दिनों के भीतर जवाब देना होता है। यदि आवेदन किसी दूसरे लोक प्राधिकरण से संबंधित है, तो उसे RTI Act की धारा 6(3) के तहत अधिकतम 5 दिनों के भीतर संबंधित लोक प्राधिकरण को ट्रांसफर किया जा सकता है।
अगर 30 दिनों के भीतर जवाब नहीं मिलता है, तो आवेदक प्रथम अपील यानी First Appeal कर सकता है। जरूरत पड़ने पर आगे द्वितीय अपील यानी Second Appeal का भी प्रावधान है।
आइए मध्यप्रदेश के संदर्भ में RTI लगाने के बाद की पूरी प्रक्रिया आसान भाषा में समझते हैं।
मध्यप्रदेश में RTI लगाने के बाद सबसे पहले क्या होता है?
जब आप मध्यप्रदेश के किसी सरकारी विभाग या लोक प्राधिकरण से सूचना प्राप्त करने के लिए RTI आवेदन देते हैं, तो आपका आवेदन संबंधित लोक सूचना अधिकारी (PIO) के पास जाता है।
उदाहरण के लिए आपने जानकारी मांगी है:
- ग्राम पंचायत के विकास कार्यों की
- जनपद पंचायत के किसी निर्माण कार्य की
- नगर पालिका के खर्च की
- तहसील कार्यालय की किसी फाइल की
- जिला कार्यालय के किसी रिकॉर्ड की
- सरकारी योजना के लाभार्थियों की
- सड़क, नाली, भवन या अन्य सरकारी निर्माण कार्य की
- सरकारी राशि के भुगतान और बिलों की
तो संबंधित विभाग का PIO आपके आवेदन के अनुसार सूचना उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू करता है। अगर सूचना उसी विभाग के पास है, तो वहीं से जवाब दिया जाता है। अगर सूचना किसी दूसरे लोक प्राधिकरण के पास है, तो आवेदन को संबंधित प्राधिकरण को ट्रांसफर किया जा सकता है।
1. RTI दूसरे विभाग में कितने दिन में ट्रांसफर होती है?
RTI Act की धारा 6(3) के तहत यदि मांगी गई सूचना किसी दूसरे लोक प्राधिकरण के पास है, तो आवेदन या उसका संबंधित हिस्सा उस लोक प्राधिकरण को ट्रांसफर किया जा सकता है।
यह ट्रांसफर जितनी जल्दी संभव हो और अधिकतम 5 दिनों के भीतर किया जाना चाहिए।
उदाहरण के लिए यदि आपने किसी जिला कार्यालय में ऐसी सूचना मांग ली जो किसी अन्य विभाग के पास उपलब्ध है, तो संबंधित PIO आवेदन को उचित लोक प्राधिकरण को ट्रांसफर कर सकता है।
आवेदक को आवेदन ट्रांसफर किए जाने की जानकारी भी दी जानी चाहिए।
2. मध्यप्रदेश में RTI का जवाब कितने दिन में आता है?
सामान्य RTI आवेदन में PIO को आवेदन प्राप्त होने की तारीख से 30 दिनों के भीतर जवाब देना होता है। जवाब में मांगी गई सूचना दी जा सकती है या यदि कानून के तहत सूचना देने से इनकार किया जाता है तो उसका कारण बताया जाना चाहिए।
उदाहरण के लिए यदि आपने ग्राम पंचायत में हुए किसी निर्माण कार्य की जानकारी मांगी है, तो उपलब्ध रिकॉर्ड के अनुसार संबंधित दस्तावेज, भुगतान संबंधी जानकारी या अन्य मांगी गई सूचना दी जा सकती है।
यदि मांगी गई सूचना RTI Act की धारा 8 या धारा 9 में दिए गए अपवादों के अंतर्गत आती है, तो PIO सूचना देने से इनकार कर सकता है। ऐसी स्थिति में संबंधित कानूनी आधार बताया जाना चाहिए।
3. 30 दिन में RTI का जवाब नहीं मिला तो क्या होगा?
अगर PIO ने निर्धारित समय के भीतर कोई जवाब नहीं दिया, तो इसे Deemed Refusal यानी मानी गई अस्वीकृति माना जाता है।
इसका मतलब यह है कि आपको PIO के अलग से रिजेक्शन लेटर का इंतजार करने की जरूरत नहीं है।
आप निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार First Appeal दाखिल कर सकते हैं।
आसान भाषा में समझें:
RTI आवेदन → 30 दिन → जवाब नहीं मिला → First Appeal
यही वह जगह है जहां कई RTI आवेदक गलती करते हैं। वे कई महीनों तक जवाब का इंतजार करते रहते हैं, जबकि कानून में अपील का रास्ता उपलब्ध है।
4. Life and Liberty RTI में 48 घंटे
अगर मांगी गई सूचना किसी व्यक्ति के जीवन या स्वतंत्रता (Life and Liberty) से संबंधित है, तो RTI Act में विशेष समय-सीमा का प्रावधान है।
ऐसे मामले में सूचना 48 घंटे के भीतर उपलब्ध कराई जानी चाहिए।
हालांकि, केवल RTI आवेदन में Life and Liberty लिख देने से हर आवेदन 48 घंटे वाली श्रेणी में नहीं आ जाता। मांगी गई सूचना का वास्तविक रूप से किसी व्यक्ति के जीवन या स्वतंत्रता से संबंध होना जरूरी है।
5. Third Party Information में 40 दिन तक की प्रक्रिया
अगर RTI में मांगी गई सूचना किसी Third Party से संबंधित है और PIO को लगता है कि सूचना जारी करने से पहले संबंधित तीसरे पक्ष का पक्ष जानना जरूरी है, तो RTI Act की धारा 11 के तहत Third Party Consultation की प्रक्रिया अपनाई जा सकती है।
इस स्थिति में संबंधित तीसरे पक्ष को नोटिस देकर अपनी आपत्ति या पक्ष रखने का अवसर दिया जाता है।
ऐसी विशेष स्थिति में निर्णय लेने की अधिकतम अवधि 40 दिनों तक हो सकती है।
ध्यान रखें कि हर RTI के लिए 40 दिन की समय-सीमा नहीं होती। यह विशेष Third Party प्रक्रिया से संबंधित है।
6. मध्यप्रदेश में First Appeal कब करें?
अगर RTI का जवाब नहीं आया है या PIO द्वारा दिया गया जवाब संतोषजनक नहीं है, तो आप RTI Act की धारा 19(1) के तहत प्रथम अपील कर सकते हैं।
First Appeal संबंधित First Appellate Authority (FAA) के पास की जाती है।
First Appeal इन परिस्थितियों में की जा सकती है:
- RTI का जवाब निर्धारित समय में नहीं मिला।
- PIO ने सूचना देने से मना कर दिया।
- अधूरी सूचना दी गई।
- मांगी गई सूचना के स्थान पर अस्पष्ट जवाब दिया गया।
- दी गई सूचना से आप संतुष्ट नहीं हैं।
- अनुचित रूप से सूचना देने से इनकार किया गया।
7. First Appeal कितने दिनों में करनी चाहिए?
PIO के निर्णय या जवाब से असंतुष्ट होने पर सामान्यतः 30 दिनों के भीतर First Appeal की जाती है।
अगर PIO ने कोई जवाब नहीं दिया है, तो जिस अवधि में जवाब दिया जाना था, उसके समाप्त होने के बाद First Appeal की जा सकती है।
उचित कारण होने पर विलंब से दाखिल की गई अपील को भी स्वीकार किया जा सकता है।
इसलिए RTI आवेदन देने के बाद तारीख को नोट करके रखना बहुत जरूरी है।
8. First Appeal का फैसला कितने दिन में आता है?
प्रथम अपीलीय प्राधिकारी को First Appeal का निपटारा सामान्यतः 30 दिनों के भीतर करना चाहिए।
विशेष परिस्थितियों में कारण दर्ज करके यह अवधि अधिकतम 45 दिनों तक बढ़ाई जा सकती है।
इसलिए First Appeal दाखिल करने के बाद उसकी तारीख और FAA के आदेश को भी सुरक्षित रखें।
9. First Appeal के बाद भी जवाब नहीं मिले तो क्या करें?
अगर First Appellate Authority ने First Appeal पर कोई निर्णय नहीं दिया या उसके निर्णय से आप संतुष्ट नहीं हैं, तो आप RTI Act की धारा 19(3) के तहत Second Appeal कर सकते हैं।
मध्यप्रदेश से संबंधित राज्य लोक प्राधिकरणों के मामलों में द्वितीय अपील का विषय मध्यप्रदेश राज्य सूचना आयोग के अधिकार क्षेत्र में आ सकता है।
वहीं केंद्र सरकार के लोक प्राधिकरण से संबंधित RTI के मामले में संबंधित केंद्रीय सूचना आयोग की प्रक्रिया लागू होती है।
इसलिए Second Appeal दाखिल करने से पहले यह देखना जरूरी है कि आपका संबंधित लोक प्राधिकरण राज्य सरकार के अधीन है या केंद्र सरकार के।
10. Second Appeal कितने दिनों में करनी होती है?
RTI Act की धारा 19(3) के तहत Second Appeal सामान्यतः 90 दिनों के भीतर की जाती है। यह अवधि प्रथम अपील के निर्णय या निर्णय मिलने की अपेक्षित तारीख से जुड़ी होती है।
उचित कारण होने पर संबंधित आयोग विलंब को स्वीकार कर सकता है।
मध्यप्रदेश में RTI की पूरी टाइमलाइन
| प्रक्रिया | सामान्य समय-सीमा |
|---|---|
| RTI आवेदन जमा | Day 0 |
| दूसरे लोक प्राधिकरण को ट्रांसफर | अधिकतम 5 दिन |
| सामान्य RTI का जवाब | 30 दिन |
| Life & Liberty से संबंधित सूचना | 48 घंटे |
| विशेष Third Party प्रक्रिया | अधिकतम 40 दिन |
| First Appeal | सामान्यतः 30 दिन |
| First Appeal का निपटारा | सामान्यतः 30 दिन |
| विशेष परिस्थिति में First Appeal | अधिकतम 45 दिन |
| Second Appeal | सामान्यतः 90 दिन |
मध्यप्रदेश में किन विभागों से RTI के जरिए जानकारी मांग सकते हैं?
RTI का इस्तेमाल मध्यप्रदेश के विभिन्न सरकारी विभागों और लोक प्राधिकरणों से रिकॉर्ड और उपलब्ध सूचना प्राप्त करने के लिए किया जा सकता है।
उदाहरण के लिए:
- ग्राम पंचायत: पंचायत में हुए विकास कार्य, निर्माण कार्य, भुगतान, बिल, मस्टर रोल और उपलब्ध रिकॉर्ड से संबंधित जानकारी।
- जनपद पंचायत: योजनाओं, निर्माण कार्यों, स्वीकृत राशि और उपलब्ध विभागीय रिकॉर्ड की जानकारी।
- नगर पालिका और नगर परिषद: सड़क, नाली, सफाई, निर्माण कार्य, भुगतान और अन्य उपलब्ध रिकॉर्ड।
- नगर निगम: विकास कार्य, टेंडर, भुगतान, ठेके और उपलब्ध सरकारी रिकॉर्ड।
- तहसील कार्यालय: राजस्व रिकॉर्ड और उपलब्ध प्रशासनिक रिकॉर्ड से संबंधित जानकारी।
- जनपद और जिला कार्यालय: सरकारी योजनाओं, कार्यों, भुगतान और विभागीय रिकॉर्ड से संबंधित जानकारी।
- शिक्षा विभाग: स्कूलों, शिक्षकों, उपलब्ध बजट और अन्य सार्वजनिक रिकॉर्ड से संबंधित जानकारी।
- स्वास्थ्य विभाग: सरकारी अस्पतालों, दवाओं की उपलब्धता, खरीद और अन्य उपलब्ध रिकॉर्ड से संबंधित जानकारी।
हालांकि RTI के माध्यम से सामान्यतः मौजूद रिकॉर्ड और सूचना मांगी जाती है। PIO से नई जानकारी तैयार करने, किसी विषय पर राय देने या काल्पनिक प्रश्न का उत्तर देने की मांग करना RTI के उद्देश्य से अलग हो सकता है।
RTI आवेदन की तारीख का रिकॉर्ड क्यों रखें?
RTI में समय-सीमा की गणना के लिए यह जानना बहुत जरूरी है कि आपका आवेदन PIO को कब प्राप्त हुआ।
इसलिए इन दस्तावेजों को सुरक्षित रखें:
- RTI आवेदन की कॉपी
- आवेदन जमा करने की रसीद
- Speed Post या Registered Post की रसीद
- डाक से भेजने पर Delivery Proof
- ऑनलाइन RTI का Registration Number
- PIO का जवाब
- अतिरिक्त शुल्क से संबंधित पत्र
- First Appeal की कॉपी
- First Appeal जमा करने का प्रमाण
- FAA का आदेश
इन दस्तावेजों की जरूरत आगे की अपील में पड़ सकती है।
मध्यप्रदेश में RTI का जवाब नहीं मिले तो क्या करें?
मान लीजिए आपने किसी सरकारी विभाग में RTI आवेदन दिया।
PIO को आपका आवेदन प्राप्त हो गया।
अब सामान्य मामले में 30 दिनों के भीतर जवाब आना चाहिए।
अगर 30 दिनों की निर्धारित अवधि समाप्त हो गई और कोई जवाब नहीं आया, तो आप Deemed Refusal के आधार पर First Appeal कर सकते हैं।
First Appeal में अपने मूल RTI आवेदन की तारीख, PIO को आवेदन प्राप्त होने की तारीख और जवाब नहीं मिलने की स्थिति स्पष्ट रूप से लिखना उपयोगी होता है।
उदाहरण से समझिए
मान लीजिए आपने मध्यप्रदेश की किसी ग्राम पंचायत के विकास कार्यों से संबंधित जानकारी मांगने के लिए RTI आवेदन दिया।
Day 0: RTI आवेदन PIO को प्राप्त हुआ।
अधिकतम 5 दिन: जरूरत पड़ने पर आवेदन संबंधित दूसरे लोक प्राधिकरण को ट्रांसफर किया जा सकता है।
30 दिन: सामान्य RTI का जवाब मिलने की निर्धारित अवधि।
30 दिन बाद भी जवाब नहीं: Deemed Refusal की स्थिति में First Appeal का रास्ता।
First Appeal: संबंधित FAA के पास धारा 19(1) के तहत अपील।
FAA का निर्णय: सामान्यतः 30 दिनों में, विशेष परिस्थिति में अधिकतम 45 दिनों तक।
संतुष्ट नहीं या निर्णय नहीं मिला: परिस्थितियों के अनुसार Second Appeal।
Second Appeal: धारा 19(3) के तहत सामान्यतः 90 दिनों के भीतर।
क्या RTI का जवाब नहीं मिलने पर सीधे राज्य सूचना आयोग जा सकते हैं?
सामान्यतः RTI Act में पहले First Appeal का प्रावधान है।
इसलिए केवल PIO से जवाब नहीं मिलने पर सामान्यतः पहले संबंधित First Appellate Authority के पास धारा 19(1) के तहत प्रथम अपील की जाती है।
यदि First Appeal के बाद भी समस्या का समाधान नहीं होता है, तो परिस्थितियों के अनुसार Second Appeal का रास्ता अपनाया जा सकता है।
RTI लगाने के बाद सबसे जरूरी बात
मध्यप्रदेश में RTI आवेदन देने के बाद केवल जवाब का इंतजार न करें।
- अपनी RTI की तारीख लिखकर रखें।
- PIO को आवेदन कब प्राप्त हुआ, इसका प्रमाण सुरक्षित रखें।
- 30 दिनों की समय-सीमा पर नजर रखें।
- जवाब नहीं मिलने पर First Appeal करें।
- First Appeal की तारीख भी सुरक्षित रखें।
- FAA का आदेश आने पर उसकी कॉपी संभालकर रखें।
- जरूरत पड़ने पर Second Appeal करें।
याद रखें, RTI में तारीख और दस्तावेज आपकी सबसे बड़ी ताकत होते हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
मध्यप्रदेश में RTI लगाने के बाद कितने दिन में जवाब आता है?
सामान्य RTI आवेदन का जवाब PIO को आवेदन प्राप्त होने की तारीख से 30 दिनों के भीतर देना होता है।
मध्यप्रदेश में RTI का जवाब 30 दिन में नहीं मिले तो क्या करें?
निर्धारित समय में जवाब नहीं मिलने पर आवेदक Deemed Refusal के आधार पर RTI Act की धारा 19(1) के तहत First Appeal कर सकता है।
RTI दूसरे विभाग में कितने दिन में ट्रांसफर होती है?
RTI Act की धारा 6(3) के तहत आवेदन या उसका संबंधित हिस्सा दूसरे लोक प्राधिकरण को अधिकतम 5 दिनों के भीतर ट्रांसफर किया जा सकता है।
मध्यप्रदेश में Life and Liberty RTI में कितने घंटे में जवाब देना होता है?
यदि सूचना वास्तव में किसी व्यक्ति के जीवन या स्वतंत्रता से संबंधित है, तो ऐसी सूचना 48 घंटे के भीतर उपलब्ध कराई जानी चाहिए।
मध्यप्रदेश में Third Party RTI में कितने दिन लग सकते हैं?
धारा 11 के तहत Third Party Consultation की स्थिति में निर्णय लेने की अधिकतम अवधि 40 दिनों तक हो सकती है।
मध्यप्रदेश में First Appeal कहां की जाती है?
First Appeal संबंधित विभाग के First Appellate Authority यानी FAA के पास की जाती है।
First Appeal कितने दिनों में करनी चाहिए?
PIO के निर्णय या जवाब से असंतुष्ट होने पर सामान्यतः 30 दिनों के भीतर First Appeal की जाती है। जवाब नहीं मिलने की स्थिति में निर्धारित जवाब अवधि समाप्त होने के बाद अपील की जा सकती है।
First Appeal का फैसला कितने दिन में आता है?
First Appellate Authority को सामान्यतः 30 दिनों के भीतर निर्णय करना चाहिए। विशेष परिस्थितियों में कारण दर्ज करके यह अवधि अधिकतम 45 दिनों तक बढ़ाई जा सकती है।
मध्यप्रदेश में Second Appeal कहां की जाती है?
राज्य सरकार के लोक प्राधिकरण से संबंधित मामले में Second Appeal के लिए मध्यप्रदेश राज्य सूचना आयोग का अधिकार क्षेत्र लागू हो सकता है। केंद्र सरकार के लोक प्राधिकरण के मामले में केंद्रीय सूचना आयोग की प्रक्रिया लागू होती है।
Second Appeal कितने दिन में करनी होती है?
RTI Act की धारा 19(3) के तहत Second Appeal सामान्यतः 90 दिनों के भीतर की जाती है।
निष्कर्ष
मध्यप्रदेश में RTI के माध्यम से नागरिक ग्राम पंचायत से लेकर जिला कार्यालय और अन्य सरकारी लोक प्राधिकरणों से उपलब्ध सरकारी रिकॉर्ड और सूचना प्राप्त कर सकते हैं।
लेकिन RTI आवेदन जमा करने के बाद उसकी समय-सीमा पर नजर रखना उतना ही जरूरी है।
- 5 दिन — आवेदन दूसरे लोक प्राधिकरण को ट्रांसफर
- 30 दिन — सामान्य RTI का जवाब
- 48 घंटे — Life and Liberty से संबंधित सूचना
- 40 दिन — विशेष Third Party प्रक्रिया
- 30 दिन — First Appeal की सामान्य समय-सीमा
- 30 दिन — First Appeal के निपटारे की सामान्य अवधि
- 45 दिन तक — विशेष परिस्थिति में First Appeal का निपटारा
- 90 दिन — Second Appeal की सामान्य समय-सीमा
अगर निर्धारित समय में RTI का जवाब नहीं मिलता है, तो केवल इंतजार करते रहने के बजाय RTI Act में दिए गए अपील के अधिकार का इस्तेमाल करें।
नोट: RTI की समय-सीमा मामले के तथ्यों, आवेदन प्राप्त होने की तारीख और लागू कानूनी प्रावधानों के अनुसार प्रभावित हो सकती है। अपील दाखिल करने से पहले अपने मामले से संबंधित वर्तमान नियमों और प्रक्रिया की जांच करना उचित है।
यह लेख सामान्य जानकारी के उद्देश्य से है।
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