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RTI द्वितीय अपील कैसे करें? पूरी प्रक्रिया, 90 दिन की समय-सीमा और प्रारूप

By Umesh Shriwas

August 8, 2026

RTI द्वितीय अपील कैसे करें? जानिए प्रथम अपील के बाद सूचना आयोग में द्वितीय अपील की प्रक्रिया, 90 दिन की समय-सीमा, जरूरी दस्तावेज और तैयार आवेदन प्रारूप। RTI Online

Table of Contents

RTI द्वितीय अपील कैसे करें? पूरी प्रक्रिया, 90 दिन की समय-सीमा और आवेदन प्रारूप

आपने RTI लगाई। समय पर जानकारी नहीं मिली, इसलिए प्रथम अपील भी कर दी। लेकिन प्रथम अपील के बाद भी जानकारी नहीं मिली या अपीलीय अधिकारी के जवाब से आप संतुष्ट नहीं हैं।

ऐसी स्थिति में RTI की प्रक्रिया यहीं खत्म नहीं होती। कानून में इसके बाद द्वितीय अपील का रास्ता दिया गया है।

अब सवाल है—RTI द्वितीय अपील कैसे करें?

इस लेख में आसान भाषा में समझेंगे कि द्वितीय अपील क्या होती है, कब की जाती है, राज्य और केंद्रीय सूचना आयोग में से किसके पास जाना है, कितने दिनों के अंदर अपील करनी होती है, कौन-कौन से दस्तावेज लगाने होते हैं और द्वितीय अपील का आवेदन कैसे लिखा जाता है।

द्वितीय अपील क्या होती है?

जब किसी व्यक्ति ने RTI आवेदन किया, उसके बाद प्रथम अपील भी की, लेकिन सूचना की समस्या का समाधान नहीं हुआ, तो वह RTI Act की धारा 19(3) के तहत संबंधित सूचना आयोग के सामने द्वितीय अपील कर सकता है।

सरल शब्दों में पूरी प्रक्रिया इस तरह समझिए:

RTI आवेदन → लोक सूचना अधिकारी (PIO) → प्रथम अपील → प्रथम अपीलीय अधिकारी → द्वितीय अपील → सूचना आयोग

RTI Act के तहत द्वितीय अपील केंद्रीय सूचना आयोग या राज्य सूचना आयोग के समक्ष की जाती है। यह इस बात पर निर्भर करता है कि संबंधित सार्वजनिक प्राधिकरण केंद्र सरकार के अधीन है या राज्य सरकार के।

RTI द्वितीय अपील कब करनी चाहिए?

RTI द्वितीय अपील मुख्य रूप से तब की जाती है जब प्रथम अपील के बाद भी सूचना से जुड़ी समस्या बनी रहती है।

1. प्रथम अपील के बाद भी सूचना नहीं मिली

अगर प्रथम अपीलीय अधिकारी ने निर्धारित अवधि में कोई निर्णय नहीं दिया है, तो आगे द्वितीय अपील का रास्ता खुल सकता है।

2. प्रथम अपील खारिज कर दी गई

अगर FAA ने आपकी अपील खारिज कर दी और आपको लगता है कि निर्णय उचित नहीं है, तो आप सूचना आयोग के समक्ष द्वितीय अपील कर सकते हैं।

3. अधूरी सूचना दी गई

आपने 10 बिंदुओं पर सूचना मांगी लेकिन केवल कुछ बिंदुओं की जानकारी दी गई। प्रथम अपील के बाद भी बाकी सूचना नहीं मिली तो द्वितीय अपील की जा सकती है।

4. गलत सूचना मिलने का मामला

यदि आपको लगता है कि उपलब्ध रिकॉर्ड के विपरीत या मांगी गई सूचना से अलग जानकारी दी गई है, तो उसके आधार पर द्वितीय अपील में अपना पक्ष रखा जा सकता है।

5. सूचना देने से इनकार कर दिया गया

यदि PIO ने सूचना देने से इनकार किया और प्रथम अपील के बाद भी समस्या का समाधान नहीं हुआ, तो सूचना आयोग के समक्ष मामला रखा जा सकता है।

RTI द्वितीय अपील कितने दिन के अंदर करनी होती है?

यह सबसे महत्वपूर्ण सवाल है।

RTI Act की धारा 19(3) के अनुसार द्वितीय अपील सामान्यतः 90 दिनों के भीतर की जा सकती है। यह अवधि उस तारीख से संबंधित है जब प्रथम अपीलीय प्राधिकारी का निर्णय प्राप्त हुआ या जिस तारीख तक निर्णय दिया जाना चाहिए था। पर्याप्त कारण होने पर सूचना आयोग देरी से दाखिल अपील को स्वीकार कर सकता है।

इसलिए प्रथम अपील करने के बाद उसकी तारीख और FAA के निर्णय की तारीख जरूर नोट करके रखें।

एक जरूरी बात

केंद्रीय सूचना आयोग की वर्तमान मार्गदर्शिका के अनुसार, यदि प्रथम अपीलीय प्राधिकारी का कोई जवाब नहीं आया है, तो आयोग में द्वितीय अपील करने से पहले प्रथम अपील दाखिल किए जाने के 45 दिन पूरे होने चाहिए। FAA का निर्णय इससे पहले आ जाए तो उसके निर्णय के विरुद्ध भी द्वितीय अपील की जा सकती है।

RTI द्वितीय अपील कैसे करें?

अब सबसे जरूरी सवाल—RTI द्वितीय अपील कैसे करें?

इसकी प्रक्रिया को कुछ आसान चरणों में समझिए।

Step 1: अपनी पूरी RTI फाइल तैयार करें

सबसे पहले ये दस्तावेज एक जगह रखें:

  • मूल RTI आवेदन
  • RTI जमा करने की रसीद/ऑनलाइन आवेदन संख्या
  • PIO का जवाब, यदि मिला हो
  • प्रथम अपील की कॉपी
  • प्रथम अपील की प्राप्ति/जमा करने का प्रमाण
  • FAA का आदेश, यदि मिला हो
  • अन्य संबंधित दस्तावेज

केंद्रीय सूचना आयोग भी द्वितीय अपील के साथ मूल RTI आवेदन, प्रथम अपील और उपलब्ध जवाब/आदेश की प्रतियां लगाने को आवश्यक बताता है।

Step 2: पता करें मामला केंद्रीय है या राज्य का

यह तय करना बहुत जरूरी है कि आपकी द्वितीय अपील कहां जाएगी।

केंद्रीय सरकार का विभाग

अगर RTI किसी केंद्रीय सरकारी विभाग या केंद्रीय सार्वजनिक प्राधिकरण से संबंधित है तो द्वितीय अपील केंद्रीय सूचना आयोग (CIC) में जाती है।

राज्य सरकार का विभाग

अगर RTI राज्य सरकार के विभाग, राज्य के स्थानीय निकाय या राज्य के किसी सार्वजनिक प्राधिकरण से संबंधित है तो मामला संबंधित राज्य सूचना आयोग के अधिकार क्षेत्र में आ सकता है।

उदाहरण के लिए राज्य सरकार के विभाग से संबंधित RTI में सामान्यतः संबंधित राज्य सूचना आयोग का रुख किया जाता है।

Step 3: अपनी समस्या स्पष्ट लिखें

द्वितीय अपील में बहुत लंबी कहानी लिखने की जरूरत नहीं है।

आपको स्पष्ट रूप से बताना चाहिए:

मैंने RTI कब लगाई?

PIO ने क्या जवाब दिया?

प्रथम अपील कब की?

FAA ने क्या निर्णय दिया?

मुझे किस बात पर आपत्ति है?

अब मैं सूचना आयोग से क्या चाहता हूं?

केंद्रीय सूचना आयोग की guidelines भी अपील में मांगी गई सूचना, उपलब्ध न कराई गई सूचना, असंतोष के कारण, अपील के आधार और मांगी गई राहत को स्पष्ट रूप से लिखने की सलाह देती हैं।

Step 4: द्वितीय अपील में क्या मांगें?

आपकी मांग बिल्कुल स्पष्ट होनी चाहिए।

उदाहरण के लिए:

“मेरे मूल RTI आवेदन के बिंदु क्रमांक 3, 5 एवं 7 की मांगी गई सूचना उपलब्ध कराने हेतु संबंधित लोक सूचना अधिकारी को निर्देशित किया जाए।”

अगर सूचना देने में अनावश्यक देरी हुई है तो मामले के तथ्यों के अनुसार आयोग से कानून के तहत उचित आदेश/राहत देने का अनुरोध किया जा सकता है।

RTI Act की धारा 19(8) के तहत सूचना आयोग सार्वजनिक प्राधिकरण को सूचना उपलब्ध कराने और अधिनियम के अनुपालन के लिए आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दे सकता है। कानून में कुछ परिस्थितियों में मुआवजा और धारा 20 के तहत दंड से संबंधित शक्तियां भी दी गई हैं।

RTI द्वितीय अपील का तैयार प्रारूप

नीचे एक सामान्य प्रारूप दिया जा रहा है। इसे अपने मामले के अनुसार बदलकर इस्तेमाल किया जा सकता है।

सेवा में,
माननीय सूचना आयुक्त,
[केंद्रीय सूचना आयोग/राज्य सूचना आयोग]
[पूरा पता]

विषय: सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 की धारा 19(3) के तहत द्वितीय अपील।

महोदय/महोदया,

सविनय निवेदन है कि मेरे द्वारा दिनांक [RTI आवेदन की तारीख] को सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 के तहत लोक सूचना अधिकारी के समक्ष आवेदन प्रस्तुत किया गया था।

मेरे RTI आवेदन का विवरण निम्नानुसार है:

RTI आवेदन दिनांक: __________
RTI आवेदन/पंजीयन क्रमांक: __________
लोक सूचना अधिकारी का नाम/कार्यालय: __________

उक्त आवेदन के माध्यम से मैंने [विषय का नाम] से संबंधित सूचना मांगी थी।

लोक सूचना अधिकारी द्वारा दिनांक [तारीख] को जवाब दिया गया / निर्धारित समय में कोई जवाब नहीं दिया गया।

इसके पश्चात मैंने दिनांक [प्रथम अपील की तारीख] को संबंधित प्रथम अपीलीय प्राधिकारी के समक्ष प्रथम अपील प्रस्तुत की।

प्रथम अपीलीय प्राधिकारी द्वारा दिनांक [तारीख] को आदेश दिया गया / निर्धारित अवधि में कोई निर्णय नहीं दिया गया।

इसके बावजूद मुझे मांगी गई पूर्ण सूचना प्राप्त नहीं हुई है।

अतः मैं सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 की धारा 19(3) के तहत यह द्वितीय अपील प्रस्तुत कर रहा/रही हूं।

अपील के आधार

  1. मेरे मूल RTI आवेदन के बिंदु क्रमांक ______ की सूचना उपलब्ध नहीं कराई गई है।
  2. उपलब्ध कराई गई सूचना अपूर्ण है।
  3. मांगी गई सूचना के संबंध में उपलब्ध अभिलेखों की प्रमाणित प्रतियां उपलब्ध नहीं कराई गई हैं।
  4. प्रथम अपील के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हुआ है।

मांगी गई राहत

अतः माननीय आयोग से निवेदन है कि:

  1. संबंधित लोक सूचना अधिकारी को मेरे मूल RTI आवेदन में मांगी गई शेष/पूर्ण सूचना उपलब्ध कराने का निर्देश दिया जाए।
  2. जहां आवश्यक हो, संबंधित अभिलेखों की प्रमाणित प्रतियां उपलब्ध कराने का निर्देश दिया जाए।
  3. मामले के तथ्यों एवं कानून के अनुसार अन्य उचित आदेश पारित करने की कृपा की जाए।

दिनांक: __________
स्थान: __________

अपीलकर्ता का नाम: __________
पूरा पता: __________
मोबाइल नंबर: __________
ई-मेल: __________
हस्ताक्षर: __________

द्वितीय अपील के साथ कौन-कौन से दस्तावेज लगाएं?

द्वितीय अपील करते समय दस्तावेजों को क्रम से लगाना बहुत उपयोगी रहता है।

1. मूल RTI आवेदन

जो आवेदन PIO को दिया था उसकी कॉपी।

2. PIO का जवाब

अगर जवाब मिला है तो उसकी कॉपी।

3. प्रथम अपील

FAA को दी गई प्रथम अपील की कॉपी।

4. FAA का आदेश

यदि प्रथम अपीलीय अधिकारी ने कोई आदेश दिया है तो उसकी कॉपी।

5. अन्य संबंधित दस्तावेज

यदि किसी दस्तावेज पर आपका मामला आधारित है तो उसकी कॉपी लगाई जा सकती है।

6. दस्तावेजों की सूची

केंद्रीय सूचना आयोग अपनी guidelines में documents का index लगाने की भी बात करता है। दस्तावेजों को क्रमांक देकर लगाना इसलिए बेहतर है ताकि आयोग के लिए पूरा मामला समझना आसान हो।

6. अपीलीय शुल्क

केंद्रीय सूचना आयोग में द्वितीय अपील करने से किसी प्रकार का शुल्क नहीं देना होता। लेकिन राज्य सरकार के मामलों में द्वितीय अपील का 100 रुपया शुल्क लगता है जो की अलग अलग राज्यों में अलग अलग हो सकता है ।

क्या द्वितीय अपील के लिए फीस लगती है?

यहां केंद्र और राज्य की प्रक्रिया में अंतर हो सकता है।

केंद्रीय सूचना आयोग के समक्ष द्वितीय अपील के लिए कोई शुल्क नहीं है। CIC की FAQ में स्पष्ट रूप से बताया गया है कि second appeal/complaint के साथ कोई fee जमा नहीं करनी होती।

लेकिन राज्य सूचना आयोग के मामले में संबंधित राज्य के लागू नियमों को देखना चाहिए।

इसलिए यदि आप छत्तीसगढ़ या किसी अन्य राज्य में द्वितीय अपील कर रहे हैं, तो संबंधित राज्य सूचना आयोग की वर्तमान व्यवस्था जरूर जांचें।

क्या द्वितीय अपील ऑनलाइन की जा सकती है?

केंद्रीय सूचना आयोग के मामलों में द्वितीय अपील ऑनलाइन भी दाखिल की जा सकती है। CIC की FAQ में electronic filing की सुविधा का उल्लेख है और आयोग की वेबसाइट पर Appeal and Complaint Online सेवा उपलब्ध है।

ऑनलाइन अपील करते समय दस्तावेजों को स्पष्ट रूप से स्कैन करके और आवश्यक हस्ताक्षर/स्व-प्रमाणन के साथ अपलोड करना चाहिए।

राज्य सूचना आयोगों में ऑनलाइन सुविधा उपलब्ध है या नहीं, यह संबंधित राज्य आयोग की वर्तमान वेबसाइट और नियमों से जांचना चाहिए।

द्वितीय अपील और शिकायत में क्या अंतर है?

बहुत से लोग द्वितीय अपील और शिकायत को एक ही समझ लेते हैं, जबकि दोनों अलग प्रक्रियाएं हैं।

द्वितीय अपील

धारा 19(3) के तहत प्रथम अपीलीय प्राधिकारी के निर्णय या निर्धारित समय में निर्णय न होने के खिलाफ की जाती है।

शिकायत

RTI Act की धारा 18 के तहत कुछ विशेष परिस्थितियों में सूचना आयोग के समक्ष शिकायत की जा सकती है।

केंद्रीय सूचना आयोग के अनुसार एक महत्वपूर्ण अंतर यह है कि द्वितीय अपील में आयोग उपयुक्त मामले में PIO को सूचना उपलब्ध कराने का निर्देश दे सकता है, जबकि शिकायत की कार्यवाही का आधार और राहत अलग होती है।

इसलिए केवल “शिकायत” लिख देने के बजाय यह देखना जरूरी है कि आपके मामले में द्वितीय अपील उचित रास्ता है या शिकायत।

क्या द्वितीय अपील में सीधे सूचना आयोग जा सकते हैं?

सामान्यतः नहीं।

RTI Act की धारा 19 की व्यवस्था में पहले प्रथम अपील का चरण आता है और उसके बाद द्वितीय अपील की जाती है।

केंद्रीय सूचना आयोग अपनी FAQ में भी स्पष्ट करता है कि आयोग में द्वितीय अपील करने से पहले First Appellate Authority के पास प्रथम अपील दाखिल की जानी चाहिए। बिना प्रथम अपील के second appeal वापस की जा सकती है।

इसलिए सामान्य क्रम याद रखें:

RTI → प्रथम अपील → द्वितीय अपील

अगर 90 दिन निकल गए तो क्या होगा?

अगर किसी कारण से 90 दिनों के भीतर द्वितीय अपील दाखिल नहीं हो पाई है तो इसका मतलब यह नहीं है कि हर स्थिति में मामला खत्म हो गया।

RTI Act में सूचना आयोग को पर्याप्त कारण होने पर देरी से दाखिल द्वितीय अपील स्वीकार करने की शक्ति दी गई है।

लेकिन ऐसी स्थिति में अपील के साथ देरी माफ करने का अनुरोध (Condonation of Delay) और देरी का उचित कारण बताना जरूरी हो सकता है।

केंद्रीय सूचना आयोग की FAQ भी निर्धारित अवधि के बाद second appeal दाखिल करने पर formal request for condonation of delay की आवश्यकता बताती है।

इसलिए 90 दिन निकलने का इंतजार न करें। समय रहते अपील करना सबसे अच्छा है।

द्वितीय अपील में मुआवजा और जुर्माने की बात

कई लोग सोचते हैं कि द्वितीय अपील करते ही अधिकारी पर जुर्माना लग जाएगा। ऐसा जरूरी नहीं है।

RTI Act में सूचना आयोग को कुछ परिस्थितियों में दंड लगाने और उचित मामलों में मुआवजे से संबंधित शक्तियां दी गई हैं, लेकिन इसका निर्णय मामले के तथ्यों और कानून के आधार पर आयोग करता है।

अगर आप मुआवजा मांगना चाहते हैं तो केवल यह लिखना पर्याप्त नहीं है कि “मुझे मुआवजा दिया जाए।”

आपको यह बताना चाहिए कि सूचना न मिलने के कारण आपको क्या वास्तविक नुकसान या हानि हुई और उसका आधार क्या है। CIC की guidelines भी compensation मांगने पर उसके specific grounds और suffered detriment का विवरण देने की बात करती हैं।

एक उदाहरण से समझिए

मान लीजिए आपने ग्राम पंचायत के विकास कार्यों पर RTI लगाई।

आपने 8 बिंदुओं पर जानकारी मांगी।

PIO ने केवल 4 बिंदुओं की जानकारी दी।

आपने प्रथम अपील की।

FAA ने भी केवल PIO के जवाब को सही मान लिया और बाकी सूचना नहीं मिली।

अब आप द्वितीय अपील में लिख सकते हैं:

“मूल RTI आवेदन के बिंदु क्रमांक 5 से 8 की सूचना अभी तक उपलब्ध नहीं कराई गई है। प्रथम अपील के बावजूद उक्त सूचना प्राप्त नहीं हुई। अतः संबंधित लोक सूचना अधिकारी को उक्त बिंदुओं की उपलब्ध सूचना एवं मांगी गई अभिलेखों की प्रमाणित प्रतियां उपलब्ध कराने हेतु निर्देशित किया जाए।”

इस तरह आयोग के सामने आपकी समस्या बिल्कुल स्पष्ट रहेगी।

RTI द्वितीय अपील करते समय 8 गलतियां न करें

1. प्रथम अपील किए बिना द्वितीय अपील न करें

सामान्यतः पहले FAA के पास प्रथम अपील करना जरूरी है।

2. 90 दिन की समय-सीमा भूलें नहीं

निर्धारित अवधि का ध्यान रखें।

3. पूरी RTI फाइल लगाएं

RTI, PIO जवाब, प्रथम अपील और FAA आदेश—जो उपलब्ध हों, उन्हें क्रम से रखें।

4. अपनी मांग स्पष्ट रखें

आयोग से वास्तव में क्या चाहते हैं, यह साफ लिखें।

5. अनावश्यक आरोप न लगाएं

तथ्यों और रिकॉर्ड पर आधारित भाषा रखें।

6. नई RTI के सवाल न जोड़ते जाएं

द्वितीय अपील का संबंध मूल RTI और प्रथम अपील से होना चाहिए। CIC भी RTI, first appeal और second appeal के आपस में संबंधित होने पर जोर देता है।

7. दस्तावेजों को क्रमांक दें

Index बनाकर दस्तावेज लगाना बेहतर है।

8. अपील की कॉपी/प्रेषण का प्रमाण रखें

केंद्रीय सूचना आयोग की guidelines में public authority को second appeal की copy भेजने के proof का भी उल्लेख है।

RTI द्वितीय अपील कैसे करें — आसान फॉर्मूला

अगर आपको पूरी प्रक्रिया याद नहीं रहती तो केवल यह क्रम याद रखें:

पहले RTI लगाएं

PIO का जवाब देखें

जवाब नहीं/अधूरा/असंतोषजनक → प्रथम अपील

FAA का निर्णय देखें

समस्या बनी रहे → द्वितीय अपील

संबंधित सूचना आयोग

यह पूरी प्रक्रिया समझने का सबसे आसान तरीका है।


निष्कर्ष

RTI में द्वितीय अपील उस समय महत्वपूर्ण हो जाती है जब प्रथम अपील के बाद भी आपको मांगी गई सूचना नहीं मिलती या आपको लगता है कि उपलब्ध सूचना कानून के अनुसार पर्याप्त नहीं है।

RTI द्वितीय अपील कैसे करें इसका सबसे आसान जवाब यही है कि पहले अपनी पूरी RTI फाइल तैयार करें, प्रथम अपील और उसके परिणाम को देखें, फिर यह तय करें कि मामला केंद्रीय सूचना आयोग में जाएगा या राज्य सूचना आयोग में।

इसके बाद निर्धारित समय-सीमा के भीतर द्वितीय अपील दाखिल करें और उसमें साफ-साफ लिखें कि आपने कौन-सी सूचना मांगी थी, क्या सूचना मिली, क्या नहीं मिली और सूचना आयोग से आप किस राहत की मांग कर रहे हैं।

कानून के अनुसार द्वितीय अपील सामान्यतः 90 दिनों के भीतर की जाती है। पर्याप्त कारण होने पर देरी को माफ किया जा सकता है।

याद रखें—RTI की पूरी प्रक्रिया में दस्तावेज और तारीखें सबसे महत्वपूर्ण हैं। इसलिए RTI आवेदन से लेकर प्रथम अपील और द्वितीय अपील तक हर रसीद, जवाब और आदेश की कॉपी सुरक्षित रखें।

महत्वपूर्ण: यह लेख सामान्य जानकारी के लिए है। केंद्रीय और राज्य सूचना आयोग की ऑनलाइन प्रक्रिया, शुल्क तथा दस्तावेज संबंधी नियम अलग हो सकते हैं। अपील दाखिल करने से पहले संबंधित आयोग की वर्तमान आधिकारिक वेबसाइट और नियम जरूर देखें।

आधिकारिक स्रोत

  • केंद्रीय सूचना आयोग — Second Appeal Guidelines.
  • केंद्रीय सूचना आयोग — Second Appeal / RTI Act Section 19.
  • India Code — RTI Act, Section 19.
  • केंद्रीय सूचना आयोग — FAQ.

Umesh Shriwas

मैं एक आर.टी.आई. एक्टिविस्ट हूँ और Jaankaarilo.in वेब पोर्टल का संस्थापक हूँ। इस पोर्टल का उद्देश्य आम नागरिकों को उनके अधिकारों, सरकारी योजनाओं, कानूनों, सरकारी सेवाओं और प्रशासनिक प्रक्रियाओं से जुड़ी सरल, उपयोगी और विश्वसनीय जानकारी उपलब्ध कराना है।

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