मुख्यमंत्री दिव्यांगजन शिक्षा प्रोत्साहन योजना 2026-27: 31 अगस्त तक आवेदन, मिलेगा लैपटॉप या ट्राइसाइकिल

By Umesh Shriwas

August 30, 2026

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मुख्यमंत्री दिव्यांगजन शिक्षा प्रोत्साहन योजना 2026-27 में पात्र दिव्यांग विद्यार्थियों को लैपटॉप या मोटराइज्ड ट्राइसाइकिल मिल सकती है। जानें पात्रता, दस्तावेज, आवेदन प्रक्रिया और 31 अगस्त 2026 की अंतिम तिथि।

मुख्यमंत्री दिव्यांगजन शिक्षा प्रोत्साहन योजना 2026-27: 31 अगस्त तक करें आवेदन, मिल सकता है लैपटॉप या मोटराइज्ड ट्राइसाइकिल

मुख्यमंत्री दिव्यांगजन शिक्षा प्रोत्साहन योजना 2026-27: आवेदन की अंतिम तिथि 31 अगस्त

मध्यप्रदेश सरकार दिव्यांग विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए प्रोत्साहित करने और उनकी पढ़ाई को आसान बनाने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री दिव्यांगजन शिक्षा प्रोत्साहन योजना संचालित कर रही है।

वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए योजना के तहत ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। पात्र दिव्यांग छात्र-छात्राएं 31 अगस्त 2026 तक आवेदन कर सकते हैं।

इस योजना के तहत पात्र और चयनित विद्यार्थियों को उनकी दिव्यांगता की श्रेणी एवं निर्धारित पात्रता के अनुसार लैपटॉप या बैटरी से चलने वाली मोटराइज्ड ट्राइसाइकिल उपलब्ध कराई जाती है।

मध्यप्रदेश सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग ने 22 जून 2026 को वित्तीय वर्ष 2026-27 में योजना के ऑनलाइन क्रियान्वयन के संबंध में दिशा-निर्देश जारी किए हैं। विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर योजना का उद्देश्य दिव्यांग विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए प्रोत्साहित करना, शिक्षा संस्थानों तक उनकी पहुंच को सुगम बनाना और उन्हें आत्मनिर्भर बनाना बताया गया है।

मुख्यमंत्री दिव्यांगजन शिक्षा प्रोत्साहन योजना क्या है?

यह मध्यप्रदेश सरकार की एक राज्य स्तरीय योजना है, जिसे पहले मुख्यमंत्री नि:शक्त शिक्षा प्रोत्साहन योजना या मुख्यमंत्री दिव्यांग शिक्षा प्रोत्साहन योजना के नाम से भी जाना जाता रहा है। वर्तमान वित्तीय वर्ष 2026-27 के निर्देशों में इसे मुख्यमंत्री दिव्यांगजन शिक्षा प्रोत्साहन योजना कहा गया है।

योजना का संचालन सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग, मध्यप्रदेश शासन द्वारा किया जाता है।

इस योजना का उद्देश्य केवल विद्यार्थियों को पढ़ाई के लिए प्रोत्साहित करना नहीं है, बल्कि ऐसे दिव्यांग विद्यार्थियों की विशेष जरूरतों को पूरा करना भी है, जिन्हें शिक्षा प्राप्त करने में तकनीकी या आवागमन संबंधी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।

योजना का मुख्य उद्देश्य

मुख्यमंत्री दिव्यांगजन शिक्षा प्रोत्साहन योजना के प्रमुख उद्देश्य निम्नलिखित हैं—

  • दिव्यांग विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए प्रोत्साहित करना।
  • दिव्यांग विद्यार्थियों की शिक्षा संस्थानों तक पहुंच को आसान बनाना।
  • दोनों पैरों से चलने में असमर्थ अस्थिबाधित विद्यार्थियों को आवागमन में सहायता देना।
  • दृष्टिबाधित और श्रवण बाधित विद्यार्थियों को पढ़ाई के लिए आवश्यक सहायक संसाधन उपलब्ध कराना।
  • दिव्यांग विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाना।

सरकार का उद्देश्य यह है कि दिव्यांगता किसी विद्यार्थी की शिक्षा और भविष्य की प्रगति में बाधा न बने।

मुख्यमंत्री दिव्यांगजन शिक्षा प्रोत्साहन योजना में क्या लाभ मिलेगा?

इस योजना के तहत पात्र विद्यार्थियों को उनकी दिव्यांगता और आवश्यकता के अनुसार मुख्य रूप से दो प्रकार की सामग्री सहायता प्रदान की जाती है।

1. लैपटॉप

दृष्टिबाधित, श्रवण बाधित, बौद्धिक दिव्यांग तथा निर्धारित पात्रता वाले अन्य दिव्यांग विद्यार्थियों को योजना के तहत लैपटॉप प्रदान किया जा सकता है।

आज के समय में ऑनलाइन पढ़ाई, डिजिटल नोट्स, प्रोजेक्ट, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी और तकनीकी शिक्षा के लिए लैपटॉप एक महत्वपूर्ण संसाधन बन गया है। इससे दिव्यांग विद्यार्थी भी डिजिटल शिक्षा से बेहतर तरीके से जुड़ सकते हैं।

2. मोटराइज्ड ट्राइसाइकिल

ऐसे अस्थिबाधित विद्यार्थी, जिनके शरीर का निचला भाग प्रभावित है और जो चलने में गंभीर रूप से असमर्थ हैं, उन्हें निर्धारित पात्रता के अनुसार बैटरी से चलने वाली मोटराइज्ड ट्राइसाइकिल प्रदान की जा सकती है।

इसका उद्देश्य विद्यार्थी की स्कूल, कॉलेज या अन्य शैक्षणिक संस्थानों तक पहुंच को अधिक सुगम बनाना है।

मुख्यमंत्री दिव्यांगजन शिक्षा प्रोत्साहन योजना 2026-27 के लिए पात्रता

योजना का लाभ लेने के लिए विद्यार्थी को विभाग द्वारा निर्धारित पात्रता शर्तों को पूरा करना होगा।

मध्यप्रदेश का मूल निवासी होना जरूरी

आवेदक विद्यार्थी मध्यप्रदेश का मूल निवासी होना चाहिए।

पिछली परीक्षा में निर्धारित अंक होना आवश्यक

योजना की पात्रता के अनुसार—

अस्थिबाधित श्रेणी के विद्यार्थियों को पिछली परीक्षा में 60 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त होना चाहिए।

वहीं अन्य निर्धारित दिव्यांग श्रेणी के विद्यार्थियों को पिछली परीक्षा में कम से कम 50 प्रतिशत अंक प्राप्त होना आवश्यक है।

नियमित विद्यार्थी होना जरूरी

विद्यार्थी ने शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, महाविद्यालय अथवा निर्धारित पात्रता वाले पॉलीटेक्निक संस्थान में नियमित विद्यार्थी के रूप में प्रवेश लिया होना चाहिए।

पॉलीटेक्निक के मामले में विभागीय जानकारी के अनुसार निर्धारित अवधि का न्यूनतम दो वर्ष का डिप्लोमा पाठ्यक्रम भी पात्रता के अंतर्गत आता है।

दिव्यांगता की निर्धारित श्रेणी

योजना में दिव्यांगता की निर्धारित श्रेणियों के अनुसार पात्रता तय की जाती है। इनमें मुख्य रूप से—

  • दोनों पैरों से चलने में असमर्थ अस्थिबाधित विद्यार्थी
  • 40 प्रतिशत से अधिक दृष्टिबाधित विद्यार्थी
  • 40 प्रतिशत से अधिक श्रवण बाधित विद्यार्थी
  • चिकित्सक द्वारा प्रमाणित बौद्धिक दिव्यांगता वाले विद्यार्थी

शामिल हो सकते हैं।

SPARSH पोर्टल में पंजीकरण

दिव्यांग विद्यार्थी का नाम SPARSH पोर्टल में दर्ज होना आवश्यक है। इसलिए जिन विद्यार्थियों का पंजीकरण पहले से नहीं है, उन्हें आवेदन से पहले अपनी जानकारी और पंजीकरण की स्थिति जांच लेनी चाहिए।

योजना के लिए आवश्यक दस्तावेज

ऑनलाइन आवेदन करते समय विद्यार्थियों को सामान्य रूप से निम्नलिखित दस्तावेजों की आवश्यकता हो सकती है—

  • पिछली परीक्षा की अंकसूची
  • दिव्यांगता प्रमाण पत्र
  • आयु प्रमाण पत्र
  • वर्तमान शैक्षणिक संस्थान में नियमित प्रवेश लेने का प्रमाण पत्र
  • आधार कार्ड
  • समग्र आईडी
  • SPARSH पोर्टल से संबंधित पंजीकरण जानकारी
  • मोबाइल नंबर
  • अन्य दस्तावेज, यदि पोर्टल या विभाग द्वारा मांगे जाएं

दस्तावेजों में नाम, जन्मतिथि और अन्य जानकारी सही होनी चाहिए। किसी दस्तावेज में गलत जानकारी होने पर आवेदन की जांच के दौरान समस्या हो सकती है।

मुख्यमंत्री दिव्यांगजन शिक्षा प्रोत्साहन योजना 2026-27 में आवेदन कैसे करें?

वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए योजना का क्रियान्वयन ऑनलाइन किया जा रहा है।

आवेदन करने के लिए सबसे पहले विद्यार्थी को सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग के पोर्टल और SPARSH से संबंधित अपनी पात्रता एवं पंजीकरण स्थिति जांचनी चाहिए।

ऑनलाइन आवेदन करते समय निम्नलिखित बातों का ध्यान रखें—

चरण 1: SPARSH पोर्टल में पंजीकरण जांचें

सबसे पहले यह सुनिश्चित करें कि विद्यार्थी का दिव्यांग पंजीकरण SPARSH पोर्टल में दर्ज है।

चरण 2: योजना का चयन करें

पोर्टल में उपलब्ध योजनाओं में मुख्यमंत्री दिव्यांगजन शिक्षा प्रोत्साहन योजना का चयन करें।

चरण 3: व्यक्तिगत और शैक्षणिक जानकारी भरें

आवेदन फॉर्म में नाम, पता, समग्र आईडी, शैक्षणिक जानकारी और दिव्यांगता से संबंधित जानकारी सावधानीपूर्वक भरें।

चरण 4: दस्तावेज अपलोड करें

पिछली परीक्षा की अंकसूची, दिव्यांगता प्रमाण पत्र और वर्तमान संस्थान में प्रवेश का प्रमाण पत्र जैसे आवश्यक दस्तावेज अपलोड करें।

चरण 5: आवेदन की जांच करें

फॉर्म जमा करने से पहले सभी जानकारी को दोबारा जांच लें।

चरण 6: आवेदन सबमिट करें

सफलतापूर्वक आवेदन जमा करने के बाद आवेदन क्रमांक या रसीद सुरक्षित रखें। यह आगे आवेदन की स्थिति जानने में उपयोगी हो सकती है।

आवेदन की अंतिम तिथि: 31 अगस्त 2026

वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए पात्र विद्यार्थियों से आवेदन प्राप्त करने की अंतिम तिथि 31 अगस्त 2026 निर्धारित की गई है।

इसलिए पात्र विद्यार्थी अंतिम दिन का इंतजार न करें। पोर्टल पर तकनीकी समस्या, दस्तावेज अपलोड करने में परेशानी या SPARSH पंजीकरण में किसी त्रुटि के कारण आवेदन में देरी हो सकती है।

अधिकारिक एवं उपलब्ध सार्वजनिक जानकारी के अनुसार आवेदन के बाद आवेदनों की जांच और स्वीकृति की प्रक्रिया आगे जिला स्तर पर की जाएगी।

आवेदन के बाद क्या होगा?

आवेदन जमा होने के बाद संबंधित विभाग और जिला स्तर के अधिकारी दस्तावेजों तथा पात्रता की जांच करेंगे।

सभी शर्तें पूरी होने पर पात्र विद्यार्थियों का चयन किया जाएगा। इसके बाद योजना के अंतर्गत निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार लैपटॉप या मोटराइज्ड ट्राइसाइकिल उपलब्ध कराई जाएगी।

यह ध्यान रखना जरूरी है कि केवल आवेदन करने से लाभ की गारंटी नहीं होती। अंतिम लाभ विभाग द्वारा दस्तावेजों के सत्यापन और निर्धारित पात्रता की पुष्टि के बाद ही दिया जाएगा।

क्या सभी दिव्यांग विद्यार्थियों को एक ही लाभ मिलेगा?

नहीं। योजना के तहत लाभ विद्यार्थी की दिव्यांगता की श्रेणी और निर्धारित पात्रता के आधार पर दिया जाता है।

कुछ पात्र विद्यार्थियों को लैपटॉप दिया जा सकता है, जबकि चलने में गंभीर रूप से असमर्थ और निर्धारित दिव्यांगता मानदंड पूरा करने वाले विद्यार्थियों को मोटराइज्ड ट्राइसाइकिल का लाभ मिल सकता है।

इसलिए आवेदन करने से पहले अपनी दिव्यांगता श्रेणी और योजना की पात्रता को समझना जरूरी है।

योजना से संबंधित महत्वपूर्ण सावधानियां

आवेदन करने से पहले इन बातों का विशेष ध्यान रखें—

  • आवेदन की अंतिम तिथि 31 अगस्त 2026 से पहले आवेदन करें।
  • पिछली परीक्षा की अंकसूची में प्राप्त अंकों की पात्रता जांच लें।
  • दिव्यांगता प्रमाण पत्र वैध होना चाहिए।
  • SPARSH पोर्टल में पंजीकरण की स्थिति जांचें।
  • वर्तमान स्कूल, कॉलेज या पॉलीटेक्निक में नियमित प्रवेश का प्रमाण तैयार रखें।
  • आवेदन जमा करने के बाद आवेदन क्रमांक सुरक्षित रखें।
  • गलत या अधूरी जानकारी न भरें।

मुख्यमंत्री दिव्यांगजन शिक्षा प्रोत्साहन योजना 2026-27 से जुड़े सवाल

प्रश्न: मुख्यमंत्री दिव्यांगजन शिक्षा प्रोत्साहन योजना में क्या मिलता है?

उत्तर: पात्र विद्यार्थियों को उनकी दिव्यांगता और निर्धारित पात्रता के अनुसार लैपटॉप या मोटराइज्ड ट्राइसाइकिल प्रदान की जा सकती है।

प्रश्न: आवेदन की अंतिम तिथि क्या है?

उत्तर: वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए आवेदन की अंतिम तिथि 31 अगस्त 2026 है।

प्रश्न: क्या योजना केवल मध्यप्रदेश के विद्यार्थियों के लिए है?

उत्तर: हां, योजना के लिए आवेदक का मध्यप्रदेश का मूल निवासी होना आवश्यक है।

प्रश्न: कितने प्रतिशत अंक जरूरी हैं?

उत्तर: अस्थिबाधित विद्यार्थियों के लिए पिछली परीक्षा में 60 प्रतिशत से अधिक अंक और अन्य निर्धारित दिव्यांग श्रेणियों के लिए 50 प्रतिशत अंक आवश्यक बताए गए हैं।

प्रश्न: क्या SPARSH पोर्टल में नाम होना जरूरी है?

उत्तर: हां, विभागीय पात्रता जानकारी के अनुसार दिव्यांग विद्यार्थी का नाम SPARSH पोर्टल में अंकित होना चाहिए।

निष्कर्ष

मुख्यमंत्री दिव्यांगजन शिक्षा प्रोत्साहन योजना 2026-27 मध्यप्रदेश के दिव्यांग विद्यार्थियों के लिए महत्वपूर्ण योजना है। इसके माध्यम से सरकार विद्यार्थियों को केवल शिक्षा के लिए प्रोत्साहित नहीं कर रही, बल्कि डिजिटल शिक्षा और आवागमन से जुड़ी वास्तविक समस्याओं को कम करने का प्रयास भी कर रही है।

यदि आप या आपके परिवार का कोई पात्र दिव्यांग विद्यार्थी इस योजना की शर्तों को पूरा करता है, तो 31 अगस्त 2026 से पहले ऑनलाइन आवेदन जरूर करें

अंतिम तिथि का इंतजार न करें और आवेदन करने से पहले अपने दस्तावेज, SPARSH पंजीकरण तथा शैक्षणिक पात्रता की जांच कर लें।

नोट: योजना के अंतिम लाभ का निर्णय विभाग द्वारा दस्तावेजों और पात्रता के सत्यापन के बाद किया जाएगा। आवेदन करने से पहले नवीनतम जानकारी के लिए मध्यप्रदेश सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग की आधिकारिक वेबसाइट अवश्य देखें।

Umesh Shriwas

मेरा नाम उमेश कुमार श्रीवास है। मैं Jaankaarilo.in का संस्थापक एवं कंटेंट ब्लॉगर हूँ। मैं RTI, श्रमिक अधिकार, सरकारी योजनाओं, कानून और प्रशासनिक प्रक्रियाओं से जुड़ी सरल, उपयोगी और विश्वसनीय जानकारी आम नागरिकों तक पहुंचाने का प्रयास करता हूँ, ताकि लोग अपने अधिकारों को समझें और सरकारी सेवाओं एवं योजनाओं का सही लाभ उठा सकें।

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