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मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक मृत्यु एवं दिव्यांग सहायता योजना 2026: ₹5 लाख तक सहायता

By Umesh Shriwas

August 16, 2026

मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक मृत्यु एवं दिव्यांग सहायता योजना 2026 में सामान्य मृत्यु पर ₹1 लाख, दुर्घटना से मृत्यु पर ₹5 लाख और दिव्यांगता पर ₹2.50 लाख मिलेंगे। पात्रता और आवेदन जानें।

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मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक मृत्यु एवं दिव्यांग सहायता योजना 2026: ₹5 लाख तक सहायता, पात्रता और आवेदन की पूरी जानकारी

किसी श्रमिक के लिए रोज कमाना और अपने परिवार का पेट पालना ही सबसे बड़ी जिम्मेदारी होती है। लेकिन जरा सोचिए, अगर काम के दौरान अचानक कोई दुर्घटना हो जाए और परिवार के कमाने वाले सदस्य की मृत्यु हो जाए या वह हमेशा के लिए दिव्यांग हो जाए, तो उस परिवार का क्या होगा?

ऐसी मुश्किल घड़ी में छत्तीसगढ़ सरकार की एक महत्वपूर्ण योजना श्रमिक परिवार के लिए आर्थिक सहारा बन सकती है। मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक मृत्यु एवं दिव्यांग सहायता योजना के तहत पात्र पंजीकृत निर्माण श्रमिक की सामान्य मृत्यु पर ₹1 लाख, कार्यस्थल पर दुर्घटना से मृत्यु होने पर ₹5 लाख और कार्यस्थल पर दुर्घटना से दिव्यांगता होने पर ₹2.50 लाख की एकमुश्त सहायता राशि देने का प्रावधान है।

अगर आपके घर में कोई निर्माण श्रमिक है, तो इस जानकारी को केवल पढ़कर छोड़िए मत। हो सकता है यह जानकारी आपके किसी परिचित श्रमिक परिवार के लिए बेहद महत्वपूर्ण साबित हो।

इस लेख में हम आसान भाषा में जानेंगे कि मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक मृत्यु एवं दिव्यांग सहायता योजना क्या है, किसे लाभ मिलेगा, कितनी राशि मिलेगी, सामान्य मृत्यु और दुर्घटना मृत्यु में क्या अंतर है, दिव्यांगता की स्थिति में कितनी सहायता मिलेगी और योजना के लिए आवेदन कैसे किया जाता है।

मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक मृत्यु एवं दिव्यांग सहायता योजना क्या है?

मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक मृत्यु एवं दिव्यांग सहायता योजना छत्तीसगढ़ के भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल द्वारा संचालित योजना है।

इस योजना का उद्देश्य पंजीकृत निर्माण श्रमिक की मृत्यु या कार्यस्थल पर दुर्घटना के कारण दिव्यांगता होने की स्थिति में श्रमिक और उसके परिवार को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना है।

छत्तीसगढ़ श्रम विभाग की वर्तमान योजना सूची में इस योजना की शुरुआत 09 जून 2020 बताई गई है और योजना को वर्तमान में संचालित बताया गया है।

मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक मृत्यु एवं दिव्यांग सहायता योजना में कितने रुपये मिलते हैं?

इस योजना में सहायता राशि घटना की स्थिति के अनुसार अलग-अलग निर्धारित है।

स्थिति सहायता राशि
सामान्य मृत्यु ₹1,00,000
कार्यस्थल पर दुर्घटना से मृत्यु ₹5,00,000
कार्यस्थल पर दुर्घटना से दिव्यांगता ₹2,50,000

यह सहायता राशि मंडल द्वारा एकमुश्त दिए जाने का प्रावधान है।

सबसे ज्यादा सहायता कब मिलेगी?

अगर पंजीकृत निर्माण श्रमिक की कार्यस्थल पर दुर्घटना के कारण मृत्यु होती है, तो योजना के अनुसार ₹5 लाख की सहायता राशि देय है।

यही कारण है कि निर्माण कार्य से जुड़े श्रमिकों और उनके परिवारों के लिए इस योजना की जानकारी रखना बेहद जरूरी है।

कौन इस योजना का लाभ ले सकता है?

छत्तीसगढ़ श्रम विभाग की वर्तमान योजना सूची के अनुसार इस योजना के लिए 18 से 60 वर्ष आयु वर्ग के पंजीकृत निर्माण श्रमिक पात्र हैं। अर्थात केवल सामान्य मजदूर होना पर्याप्त नहीं है। श्रमिक का संबंधित मंडल में पंजीकृत निर्माण श्रमिक होना आवश्यक है और योजना की अन्य निर्धारित शर्तें भी पूरी करनी होंगी।

योजना की पात्रता एक नजर में

इस योजना के लिए मुख्य रूप से:

  • श्रमिक की उम्र 18 से 60 वर्ष के बीच होनी चाहिए।
  • श्रमिक पंजीकृत निर्माण श्रमिक होना चाहिए।
  • मृत्यु या दिव्यांगता से संबंधित घटना योजना के नियमों के अंतर्गत आनी चाहिए।
  • आवेदन के समय विभाग द्वारा मांगे गए प्रमाण और दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे।
  • अंतिम पात्रता का निर्णय मंडल द्वारा उपलब्ध दस्तावेज और लागू नियमों के आधार पर किया जाएगा।

सामान्य मृत्यु पर ₹1 लाख कैसे मिलेगा?

योजना में सामान्य मृत्यु की स्थिति में पात्र पंजीकृत निर्माण श्रमिक के लिए ₹1,00,000 की एकमुश्त सहायता निर्धारित है। यह सहायता परिवार के लिए आर्थिक संकट की स्थिति में महत्वपूर्ण सहयोग हो सकती है। हालांकि सामान्य मृत्यु और कार्यस्थल पर दुर्घटना से मृत्यु को एक जैसा नहीं माना गया है। दोनों परिस्थितियों में सहायता राशि अलग है।

कार्यस्थल पर दुर्घटना से मृत्यु होने पर ₹5 लाख

यह योजना का सबसे महत्वपूर्ण प्रावधानों में से एक है।

यदि पंजीकृत निर्माण श्रमिक की कार्य स्थल पर दुर्घटना से मृत्यु होती है, तो वर्तमान आधिकारिक योजना विवरण के अनुसार ₹5,00,000 की एकमुश्त सहायता दी जाती है।

उदाहरण के लिए निर्माण स्थल पर काम करते समय किसी गंभीर दुर्घटना के कारण श्रमिक की मृत्यु हो जाती है, तो पात्रता और आवश्यक प्रमाण पूरे होने पर परिवार योजना के तहत सहायता के लिए आवेदन कर सकता है।

कार्यस्थल पर दुर्घटना से दिव्यांगता होने पर ₹2.50 लाख

दुर्घटना में श्रमिक की मृत्यु ही हो, ऐसा जरूरी नहीं है। कई बार दुर्घटना के बाद श्रमिक जीवित तो रहता है, लेकिन स्थायी रूप से दिव्यांग हो जाता है और काम करने की क्षमता प्रभावित हो जाती है।

ऐसी स्थिति में भी योजना के तहत सहायता का प्रावधान है।

आधिकारिक योजना विवरण के अनुसार कार्यस्थल पर दुर्घटना से दिव्यांगता होने पर ₹2,50,000 की एकमुश्त सहायता देय है।

क्या श्रमिक कार्ड होना जरूरी है?

हां, योजना की मूल पात्रता पंजीकृत निर्माण श्रमिक के लिए है।

इसलिए यदि किसी व्यक्ति का निर्माण श्रमिक के रूप में मंडल में पंजीयन ही नहीं है, तो वह इस योजना का लाभ लेने के लिए पात्र नहीं होगा।

इसी वजह से निर्माण कार्य करने वाले लोगों के लिए अपना श्रमिक पंजीयन सक्रिय रखना और समय पर नवीनीकरण कराना महत्वपूर्ण है। श्रम विभाग के वर्तमान पोर्टल पर श्रमिक कार्ड के नवीनीकरण को प्रति वर्ष अनिवार्य बताया गया है।

आवेदन के लिए कौन-कौन से दस्तावेज लग सकते हैं?

योजना के आवेदन में घटना के अनुसार अलग-अलग दस्तावेजों की आवश्यकता हो सकती है। इसलिए आवेदन करने से पहले आधिकारिक पोर्टल पर वर्तमान दस्तावेज सूची देखना जरूरी है।

सामान्य रूप से ऐसी स्थिति में निम्न प्रकार के दस्तावेज/प्रमाण मांगे जा सकते हैं:

  • श्रमिक पंजीयन कार्ड
  • आधार कार्ड
  • बैंक पासबुक
  • मृत्यु प्रमाण पत्र, यदि मृत्यु हुई हो
  • दुर्घटना से संबंधित प्रमाण
  • कार्यस्थल पर दुर्घटना होने का प्रमाण
  • दिव्यांगता प्रमाण पत्र, यदि दिव्यांगता हुई हो
  • पुलिस रिपोर्ट/एफआईआर, जहां लागू हो
  • पोस्टमार्टम रिपोर्ट, जहां आवश्यक हो
  • अस्पताल/चिकित्सा संबंधी दस्तावेज
  • आवेदक/आश्रित का पहचान प्रमाण
  • अन्य दस्तावेज जो विभाग द्वारा मांगे जाएं

ध्यान दें: ऊपर दिए दस्तावेजों की सूची को सामान्य मार्गदर्शन समझें। वास्तविक आवेदन में विभाग द्वारा मांगे गए वर्तमान दस्तावेज ही अंतिम माने जाएंगे।

आवेदन कैसे करें?

छत्तीसगढ़ श्रम विभाग के ऑनलाइन पोर्टल पर निर्माण श्रमिकों के लिए योजना आवेदन की सुविधा उपलब्ध है। विभाग के पोर्टल पर योजना आवेदन फार्म, योजना स्थिति देखने और हितग्राही का योजना रिकॉर्ड खोजने जैसी सेवाएं उपलब्ध हैं।

ऑनलाइन आवेदन की सामान्य प्रक्रिया

  • पहला चरण: छत्तीसगढ़ श्रम विभाग की आधिकारिक वेबसाइट खोलें।
  • दूसरा चरण: भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल की योजनाओं में जाएं।
  • तीसरा चरण: मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक मृत्यु एवं दिव्यांग सहायता योजना चुनें।
  • चौथा चरण: आवेदन फॉर्म में श्रमिक और घटना से संबंधित जानकारी भरें।
  • पांचवां चरण: विभाग द्वारा मांगे गए दस्तावेज अपलोड करें।
  • छठा चरण: जानकारी को अच्छी तरह जांचकर आवेदन जमा करें।
  • सातवां चरण: आवेदन क्रमांक/रसीद को सुरक्षित रखें।

आवेदन करने से पहले योजना की वर्तमान पात्रता और दस्तावेजों को आधिकारिक पोर्टल पर जरूर जांचें।

आवेदन की स्थिति कैसे देखें?

अगर आपने योजना के लिए आवेदन कर दिया है और जानना चाहते हैं कि आपका आवेदन कहां तक पहुंचा है, तो श्रम विभाग के पोर्टल पर योजना स्थिति देखने की सुविधा उपलब्ध है।

आवेदन क्रमांक और मांगी गई अन्य जानकारी के माध्यम से आवेदन की स्थिति देखी जा सकती है।

एक जरूरी बात: पुरानी और नई योजना में भ्रम न करें

छत्तीसगढ़ श्रम विभाग के पोर्टल पर एक महत्वपूर्ण सूचना दी गई है कि यदि किसी हितग्राही की मृत्यु 09 जून 2020 से पहले हुई है, तो उस मामले में पुरानी अधिसूचना के अनुसार पात्रता देखी जाएगी; जबकि नई योजना मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक मृत्यु एवं दिव्यांग सहायता योजना में आवेदन करने की बात कही गई है।

इसलिए मृत्यु की तारीख को ध्यान में रखना जरूरी है।

श्रमिक परिवार के लिए यह योजना क्यों महत्वपूर्ण है?

निर्माण कार्य जोखिम वाला काम है। ऊंचाई पर काम करना, भारी सामान उठाना, मशीनों का उपयोग करना और निर्माण स्थल पर दुर्घटना का खतरा हमेशा बना रहता है।

ऐसी परिस्थिति में एक दुर्घटना केवल श्रमिक को ही प्रभावित नहीं करती, बल्कि उसके पूरे परिवार की आर्थिक स्थिति बदल सकती है।

यही वजह है कि पंजीकृत निर्माण श्रमिकों को अपने श्रमिक कार्ड की स्थिति, नवीनीकरण और मंडल की कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी समय-समय पर लेते रहना चाहिए।

योजना की पूरी जानकारी एक नजर में

जानकारी विवरण
योजना का नाम मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक मृत्यु एवं दिव्यांग सहायता योजना
विभाग छत्तीसगढ़ श्रम विभाग
मंडल भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल
शुरुआत 09 जून 2020
पात्रता 18 से 60 वर्ष के पंजीकृत निर्माण श्रमिक
सामान्य मृत्यु ₹1,00,000
कार्यस्थल दुर्घटना से मृत्यु ₹5,00,000
कार्यस्थल दुर्घटना से दिव्यांगता ₹2,50,000
सहायता का प्रकार एकमुश्त
वर्तमान स्थिति योजना वर्तमान में संचालित

उपरोक्त राशि और पात्रता छत्तीसगढ़ श्रम विभाग की वर्तमान योजना सूची के अनुसार है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक मृत्यु एवं दिव्यांग सहायता योजना में कितने रुपये मिलते हैं?

सामान्य मृत्यु पर ₹1 लाख, कार्यस्थल पर दुर्घटना से मृत्यु पर ₹5 लाख और कार्यस्थल पर दुर्घटना से दिव्यांगता होने पर ₹2.50 लाख की एकमुश्त सहायता का प्रावधान है।

इस योजना के लिए कौन पात्र है?

18 से 60 वर्ष आयु वर्ग के पंजीकृत निर्माण श्रमिक इस योजना की मूल पात्रता में आते हैं। इसके अलावा घटना और आवेदन से जुड़ी अन्य निर्धारित शर्तें पूरी करनी होती हैं।

क्या सामान्य मृत्यु पर भी सहायता मिलती है?

हां। वर्तमान योजना विवरण के अनुसार सामान्य मृत्यु पर ₹1,00,000 की सहायता निर्धारित है।

दुर्घटना में मृत्यु होने पर कितनी सहायता मिलेगी?

यदि पंजीकृत निर्माण श्रमिक की कार्यस्थल पर दुर्घटना से मृत्यु होती है, तो ₹5,00,000 की सहायता का प्रावधान है।

दुर्घटना में दिव्यांग होने पर कितनी राशि मिलेगी?

कार्यस्थल पर दुर्घटना से दिव्यांगता होने पर ₹2,50,000 की एकमुश्त सहायता निर्धारित है।

क्या योजना अभी चालू है?

हां। छत्तीसगढ़ श्रम विभाग की वर्तमान योजना सूची में यह योजना “योजना वर्तमान में चल रही है” के रूप में दर्ज है।

निष्कर्ष

मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक मृत्यु एवं दिव्यांग सहायता योजना उन पंजीकृत निर्माण श्रमिक परिवारों के लिए महत्वपूर्ण आर्थिक सुरक्षा का माध्यम है, जिनके सामने मृत्यु या कार्यस्थल दुर्घटना के कारण दिव्यांगता जैसी गंभीर परिस्थिति आती है।

योजना के तहत वर्तमान आधिकारिक जानकारी के अनुसार सामान्य मृत्यु पर ₹1 लाख, कार्यस्थल पर दुर्घटना से मृत्यु पर ₹5 लाख और कार्यस्थल पर दुर्घटना से दिव्यांगता पर ₹2.50 लाख की एकमुश्त सहायता का प्रावधान है।

अगर आपके परिवार या आसपास कोई व्यक्ति निर्माण कार्य करता है, तो उसे यह जानकारी जरूर बताएं। हो सकता है आज आपके द्वारा शेयर की गई यह छोटी-सी जानकारी किसी जरूरतमंद श्रमिक परिवार के बहुत काम आ जाए।

आवेदन करने से पहले छत्तीसगढ़ श्रम विभाग के आधिकारिक पोर्टल पर योजना की वर्तमान पात्रता, दस्तावेज और आवेदन संबंधी नियम जरूर जांचें।

आधिकारिक जानकारी

छत्तीसगढ़ श्रम विभाग – योजनाओं की आधिकारिक सूची

Umesh Shriwas

मेरा नाम उमेश कुमार श्रीवास है। मैं Jaankaarilo.in का संस्थापक एवं कंटेंट ब्लॉगर हूँ। मैं RTI, श्रमिक अधिकार, सरकारी योजनाओं, कानून और प्रशासनिक प्रक्रियाओं से जुड़ी सरल, उपयोगी और विश्वसनीय जानकारी आम नागरिकों तक पहुंचाने का प्रयास करता हूँ, ताकि लोग अपने अधिकारों को समझें और सरकारी सेवाओं एवं योजनाओं का सही लाभ उठा सकें।

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