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छत्तीसगढ़ प्रवर्तकता कार्यक्रम: बच्चों को मिलेंगे ₹4,000 प्रतिमाह, जानिए पात्रता, आवेदन और जरूरी जानकारी

By Umesh Shriwas

August 11, 2026

छत्तीसगढ़ प्रवर्तकता कार्यक्रम: बच्चों को मिलेंगे ₹4,000 प्रतिमाह, जानिए पात्रता, आवेदन और जरूरी जानकारी

छत्तीसगढ़ में महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा जरूरतमंद और संकटग्रस्त बच्चों के लिए प्रवर्तकता कार्यक्रम (Sponsorship Programme) संचालित किया जा रहा है। इस कार्यक्रम का उद्देश्य ऐसे बच्चों को परिवार से अलग होने, बेघर होने और शिक्षा से वंचित होने से बचाना है।

इस कार्यक्रम के तहत पात्र परिवार के अधिकतम दो बच्चों को प्रति बच्चा ₹4,000 प्रतिमाह की आर्थिक सहायता दी जाती है। यह सहायता बच्चे के 18 वर्ष की आयु पूर्ण होने तक दी जा सकती है, बशर्ते वह निर्धारित पात्रता एवं विभागीय शर्तों को पूरा करता हो।

प्रवर्तकता कार्यक्रम क्या है?

प्रवर्तकता कार्यक्रम ऐसे बच्चों और परिवारों के लिए है जिन्हें आर्थिक या पारिवारिक परिस्थितियों के कारण बच्चों की उचित देखभाल करने में कठिनाई हो रही है।

इसमें ऐसे बच्चे शामिल हो सकते हैं जिनके माता-पिता की मृत्यु हो चुकी है, माता-पिता का तलाक हो चुका है, बच्चा एकल माता-पिता के साथ रह रहा है या बच्चा विस्तारित/संयुक्त परिवार में रह रहा है और उसे पर्याप्त देखभाल एवं सहायता नहीं मिल पा रही है।

कार्यक्रम का प्रयास है कि बच्चों को परिवार से अलग करके संस्थागत देखरेख में भेजने के बजाय, संभव होने पर परिवार आधारित देखरेख उपलब्ध कराई जाए।

कितनी आर्थिक सहायता मिलती है?

प्रवर्तकता कार्यक्रम के तहत पात्र परिवार के अधिकतम दो बच्चों को आर्थिक सहायता दी जाती है।

  • सहायता राशि: ₹4,000 प्रतिमाह प्रति बच्चा
  • अधिकतम बच्चे: एक परिवार के 2 बच्चे
  • सहायता की अवधि: 18 वर्ष की आयु पूर्ण होने तक, निर्धारित शर्तों के अनुसार

इस प्रकार दो पात्र बच्चों वाले परिवार को कुल ₹8,000 प्रतिमाह तक की सहायता मिल सकती है।

प्रवर्तकता कार्यक्रम का उद्देश्य

इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बच्चों के सर्वोत्तम हित को सुनिश्चित करते हुए उनके जीवन स्तर में सुधार करना है।

आर्थिक सहायता के माध्यम से बच्चों की निम्न आवश्यकताओं को पूरा करने में परिवारों की मदद की जाती है:

  • चिकित्सा एवं स्वास्थ्य संबंधी जरूरतें
  • पोषण एवं भोजन
  • शिक्षा
  • व्यावसायिक प्रशिक्षण
  • दैनिक आवश्यकताओं की पूर्ति
  • बच्चे के समग्र विकास के लिए जरूरी सहायता

इसका उद्देश्य यह भी है कि आर्थिक परेशानी के कारण कोई बच्चा स्कूल, आंगनबाड़ी या व्यावसायिक प्रशिक्षण से दूर न हो और उसकी पढ़ाई एवं प्रशिक्षण लगातार जारी रहे।

बच्चों को परिवार से अलग होने से बचाना

प्रवर्तकता कार्यक्रम का एक महत्वपूर्ण उद्देश्य बच्चों को उनके जैविक या विस्तारित परिवार से अलग होने और बेघर होने से बचाना है।

यदि कोई बच्चा किसी कारण से संस्थागत देखरेख में पहुंच गया है या उसका रेस्क्यू किया गया है, तो उचित परिस्थितियों में उसे उसके जैविक अथवा विस्तारित परिवार में वापस भेजकर पुनर्वासित करने का प्रयास किया जाता है।

इस तरह संस्थागत देखरेख में रहने वाले बच्चों को परिवार आधारित देखरेख में स्थानांतरित करने पर जोर दिया जाता है।

किन परिवारों को प्रवर्तकता का लाभ मिल सकता है?

ऐसे परिवार जिनकी आर्थिक विपन्नता, अशक्तता या अन्य कठिन परिस्थितियों के कारण वे अपने बच्चों की अपेक्षित देखभाल नहीं कर पा रहे हैं, उन्हें इस कार्यक्रम के माध्यम से सहायता दी जा सकती है।

ऐसी परिस्थितियों में बच्चे के परिवार से अलग होने का खतरा हो सकता है या उसकी शिक्षा एवं विकास प्रभावित हो सकता है। प्रवर्तकता कार्यक्रम का उद्देश्य ऐसे बच्चों और परिवारों को समय पर सहायता उपलब्ध कराना है।

प्रवर्तकता कार्यक्रम के लिए कौन पात्र हो सकता है?

प्रवर्तकता कार्यक्रम के अंतर्गत विभिन्न परिस्थितियों में रहने वाले 18 वर्ष से कम उम्र के बालक-बालिकाओं पर विचार किया जा सकता है।

इनमें प्रमुख रूप से निम्न बच्चे शामिल हो सकते हैं:

  • जिनके माता-पिता की मृत्यु हो चुकी है और वे विस्तारित परिवार की देखरेख में रह रहे हैं।
  • माता-पिता द्वारा परित्यक्त बच्चे, जो विस्तारित परिवार के साथ रह रहे हैं।
  • एकल माता-पिता के बच्चे।
  • तलाकशुदा या वैवाहिक रूप से विछिन्न महिला के बच्चे।
  • विधवा माता के बच्चे।
  • ऐसे बच्चे जिनके माता-पिता कारागृह में हैं।
  • ऐसे बच्चे जिनकी माता असहाय, अशक्त या गंभीर बीमारी से पीड़ित हैं।
  • आर्थिक परेशानी के कारण शिक्षा या प्रशिक्षण से वंचित होने की स्थिति वाले बच्चे।
  • बाल विवाह, बाल तस्करी या अन्य शोषण से प्रभावित बच्चे।
  • ऐसे बच्चे जिनका गैर-कानूनी उद्देश्य के लिए उपयोग किया गया है या किया जा रहा है।
  • एचआईवी/एड्स से प्रभावित बच्चे।
  • मानसिक या शारीरिक रूप से दिव्यांग तथा विशेष आवश्यकताओं वाले बच्चे।

महत्वपूर्ण: किसी बच्चे की अंतिम पात्रता संबंधित विभाग द्वारा निर्धारित मापदंडों और जांच के आधार पर तय की जाती है।

परिवार की वार्षिक आय कितनी होनी चाहिए?

मिशन वात्सल्य के अंतर्गत प्रवर्तकता के लिए परिवार की वार्षिक आय को भी पात्रता के मापदंडों में शामिल किया गया है।

आपके दिए गए विभागीय विवरण के अनुसार:

  • महानगर क्षेत्रों में: वार्षिक आय ₹96,000 से अधिक नहीं होनी चाहिए।
  • ग्रामीण क्षेत्रों में: वार्षिक आय ₹72,000 से अधिक नहीं होनी चाहिए।

आवेदन करने से पहले अपने जिले के महिला एवं बाल विकास विभाग से वर्तमान आय सीमा और लागू नियमों की पुष्टि जरूर कर लें।

आवेदन कहां करें?

प्रवर्तकता कार्यक्रम के लिए आवेदन पत्र महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला कार्यालय या संबंधित परियोजना कार्यालय से प्राप्त किया जा सकता है।

आवेदन पत्र भरकर आवश्यक दस्तावेजों के साथ संबंधित कार्यालय में जमा किया जा सकता है।

यदि आप अपने बच्चे के लिए इस योजना का लाभ लेना चाहते हैं, तो अपने क्षेत्र के महिला एवं बाल विकास विभाग के परियोजना कार्यालय में संपर्क करके आवेदन की वर्तमान प्रक्रिया की जानकारी प्राप्त करें।

आवेदन के लिए कौन-कौन से दस्तावेज लग सकते हैं?

आवेदन के दौरान बच्चे और परिवार की स्थिति के अनुसार आवश्यक दस्तावेज मांगे जा सकते हैं।

सामान्य तौर पर इनमें शामिल हो सकते हैं:

  • बच्चे का आधार कार्ड
  • माता-पिता/अभिभावक का आधार कार्ड
  • बच्चे का जन्म प्रमाण पत्र
  • माता-पिता की मृत्यु होने पर मृत्यु प्रमाण पत्र
  • निवास प्रमाण पत्र
  • परिवार की आय से संबंधित प्रमाण
  • बैंक खाते की जानकारी
  • स्कूल से संबंधित दस्तावेज
  • दिव्यांगता प्रमाण पत्र, यदि लागू हो
  • अन्य आवश्यक दस्तावेज

ध्यान दें: दस्तावेजों की अंतिम सूची बच्चे की स्थिति और विभागीय प्रक्रिया के अनुसार अलग हो सकती है।

प्रवर्तकता कार्यक्रम कब से लागू है?

छत्तीसगढ़ राज्य में प्रवर्तकता कार्यक्रम का क्रियान्वयन 10 मार्च 2022 से किया जा रहा है।

यह कार्यक्रम किशोर न्याय (बालकों की देखरेख एवं संरक्षण) अधिनियम, 2015 की धारा 45 तथा किशोर न्याय (बालकों की देखरेख एवं संरक्षण) नियम, 2016 के नियम 24 के प्रावधानों के अनुसार संचालित किया जा रहा है।

निष्कर्ष

छत्तीसगढ़ का प्रवर्तकता कार्यक्रम उन बच्चों के लिए महत्वपूर्ण सहायता का माध्यम है, जो माता-पिता की मृत्यु, तलाक, एकल माता-पिता, आर्थिक परेशानी, बीमारी या अन्य कठिन परिस्थितियों के कारण शिक्षा और बेहतर देखभाल से वंचित होने के जोखिम में हैं।

इस कार्यक्रम का उद्देश्य केवल आर्थिक सहायता देना नहीं है, बल्कि बच्चों को परिवार से अलग होने और बेघर होने से बचाना, उनकी शिक्षा एवं प्रशिक्षण जारी रखना तथा उनके स्वास्थ्य, पोषण और समग्र विकास को सुनिश्चित करना है।

यदि आपके परिवार में 18 वर्ष से कम उम्र का कोई बच्चा ऐसी परिस्थिति में है, तो महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला या परियोजना कार्यालय में संपर्क करके प्रवर्तकता कार्यक्रम की पात्रता और आवेदन प्रक्रिया की जानकारी जरूर प्राप्त करें।

नोट: योजना की पात्रता, आय सीमा, दस्तावेज और आवेदन प्रक्रिया में समय के साथ बदलाव हो सकते हैं। आवेदन करने से पहले संबंधित महिला एवं बाल विकास कार्यालय से नवीनतम जानकारी की पुष्टि करें।

Umesh Shriwas

मैं एक आर.टी.आई. एक्टिविस्ट हूँ और Jaankaarilo.in वेब पोर्टल का संस्थापक हूँ। इस पोर्टल का उद्देश्य आम नागरिकों को उनके अधिकारों, सरकारी योजनाओं, कानूनों, सरकारी सेवाओं और प्रशासनिक प्रक्रियाओं से जुड़ी सरल, उपयोगी और विश्वसनीय जानकारी उपलब्ध कराना है।

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