मुख्यमंत्री नोनी बाबू मेधावी शिक्षा सहायता योजना 2026: पात्रता, ₹1 लाख तक सहायता और आवेदन

By Umesh Shriwas

November 1, 2026

मुख्यमंत्री नोनी बाबू मेधावी शिक्षा सहायता योजना 2026 की पात्रता और सहायता राशि

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मुख्यमंत्री नोनी बाबू मेधावी शिक्षा सहायता योजना 2026 की पूरी जानकारी जानें। पात्रता, 90 दिन पंजीयन, ₹5,000 से ₹1 लाख तक सहायता, विदेश पढ़ाई के लिए ₹50 लाख और आवेदन प्रक्रिया देखें।

मुख्यमंत्री नोनी बाबू मेधावी शिक्षा सहायता योजना 2026: पात्रता, राशि और आवेदन की पूरी जानकारी

छत्तीसगढ़ सरकार के भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल द्वारा पंजीकृत निर्माण श्रमिकों के बच्चों की पढ़ाई में आर्थिक सहायता देने के लिए मुख्यमंत्री नोनी बाबू मेधावी शिक्षा सहायता योजना संचालित की जा रही है। इस योजना का उद्देश्य निर्माण श्रमिकों के मेधावी बच्चों को स्कूली शिक्षा से लेकर उच्च एवं व्यावसायिक शिक्षा तक आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना है।

विभाग की वर्तमान योजना सूची में यह योजना वर्तमान में संचालित दिखाई गई है। योजना की शुरुआत 6 जनवरी 2012 को हुई थी। पात्र निर्माण श्रमिकों के प्रथम दो बच्चों को योजना के नियमों के अनुसार सहायता दी जाती है।

मुख्यमंत्री नोनी बाबू मेधावी शिक्षा सहायता योजना क्या है?

यह छत्तीसगढ़ के पंजीकृत निर्माण श्रमिकों के बच्चों के लिए शिक्षा सहायता योजना है। इसके तहत पात्र विद्यार्थियों को उनकी कक्षा और शिक्षा के स्तर के अनुसार आर्थिक सहायता दी जाती है।

योजना में सामान्य शिक्षा के साथ-साथ व्यावसायिक एवं प्रोफेशनल शिक्षा के लिए भी सहायता का प्रावधान है। इसके अलावा निर्धारित शर्तें पूरी करने वाले विद्यार्थियों को विदेश में उच्च शिक्षा के लिए भी बड़ी राशि की सहायता दी जा सकती है।

योजना की सबसे महत्वपूर्ण पात्रता

योजना का लाभ लेने के लिए मुख्य रूप से निम्न शर्तें लागू होती हैं—

  • विद्यार्थी पंजीकृत निर्माण श्रमिक का बच्चा होना चाहिए।
  • निर्माण श्रमिक का पंजीयन आवेदन से कम से कम 90 दिन पहले हुआ होना चाहिए।
  • योजना का लाभ सामान्यतः पंजीकृत श्रमिक के प्रथम दो बच्चों के लिए दिया जाता है।
  • 10वीं और 12वीं के विद्यार्थियों के लिए निर्धारित अंक प्राप्त करना आवश्यक है।
  • उच्च शिक्षा एवं प्रोफेशनल कोर्स के लिए संबंधित पाठ्यक्रम और संस्था योजना के नियमों के अनुसार पात्र होनी चाहिए।
  • विदेश में अध्ययन के लिए अलग से निर्धारित पात्रता, प्रवेश, सत्यापन और चयन प्रक्रिया लागू होती है।

पात्रता और सहायता राशि की पूरी सारणी

शिक्षा स्तर / श्रेणी प्रमुख पात्रता छात्र के लिए सहायता छात्रा के लिए सहायता
कक्षा 10वीं 75% या अधिक अंक तथा श्रमिक का कम से कम 90 दिन पूर्व पंजीयन ₹5,000 ₹5,500
कक्षा 12वीं 75% या अधिक अंक तथा श्रमिक का कम से कम 90 दिन पूर्व पंजीयन ₹5,000 ₹5,500
स्नातक (UG) पात्र निर्माण श्रमिक के प्रथम दो बच्चों में शामिल विद्यार्थी ₹7,000 ₹7,500
स्नातकोत्तर (PG) पात्र निर्माण श्रमिक के प्रथम दो बच्चों में शामिल विद्यार्थी ₹10,000 ₹10,500
व्यावसायिक/प्रोफेशनल शिक्षा निर्धारित पात्रता वाले विद्यार्थी ₹12,000 ₹12,500
पॉलीटेक्निक एवं डिप्लोमा निर्धारित मान्यता प्राप्त संस्थान में अध्ययनरत विद्यार्थी नियमानुसार नियमानुसार
कक्षा 10वीं/12वीं के राज्य मेरिट के टॉप 10 विद्यार्थी योजना की निर्धारित शर्तों के अनुसार ₹1,00,000 तक ₹1,00,000 तक
विदेश में उच्च शिक्षा निर्धारित पात्रता, प्रवेश एवं चयन प्रक्रिया के अनुसार अधिकतम ₹50 लाख प्रति शैक्षणिक सत्र तक अधिकतम ₹50 लाख प्रति शैक्षणिक सत्र तक

उपरोक्त राशि योजना के विभागीय प्रावधानों के अनुसार है। अलग-अलग पाठ्यक्रम के लिए अतिरिक्त शर्तें लागू हो सकती हैं।

10वीं और 12वीं के विद्यार्थियों के लिए विशेष नियम

कक्षा 10वीं और 12वीं के विद्यार्थियों को योजना के तहत सहायता प्राप्त करने के लिए 75 प्रतिशत या उससे अधिक अंक प्राप्त करना महत्वपूर्ण है।

इस श्रेणी में सामान्य विद्यार्थी को ₹5,000 और छात्रा को ₹5,500 की सहायता का प्रावधान है।

इसके अलावा राज्य की कक्षा 10वीं और 12वीं की मेरिट सूची में निर्धारित नियमों के अनुसार टॉप 10 विद्यार्थियों के लिए ₹1 लाख तक की विशेष सहायता का प्रावधान है।

उच्च शिक्षा के लिए कितनी सहायता मिलती है?

योजना में स्नातक, स्नातकोत्तर तथा व्यावसायिक एवं प्रोफेशनल शिक्षा के लिए अलग-अलग सहायता राशि निर्धारित है।

  • स्नातक कक्षाओं के लिए ₹7,000 तक
  • स्नातक छात्राओं के लिए ₹7,500 तक
  • स्नातकोत्तर के लिए ₹10,000 तक
  • स्नातकोत्तर छात्राओं के लिए ₹10,500 तक
  • व्यावसायिक/प्रोफेशनल शिक्षा के लिए ₹12,000 तक
  • प्रोफेशनल शिक्षा में छात्राओं के लिए ₹12,500 तक

निर्धारित पाठ्यक्रमों में फीस, ट्यूशन फीस, हॉस्टल तथा अन्य शैक्षणिक खर्चों से संबंधित सहायता के प्रावधान भी नियमों के अनुसार लागू हो सकते हैं। कुछ मामलों में किताब एवं स्टेशनरी के लिए भी सहायता का प्रावधान है।

पॉलीटेक्निक और डिप्लोमा करने वाले विद्यार्थियों को भी लाभ

योजना के प्रावधानों में समय-समय पर संशोधन किए गए हैं। इनमें पॉलीटेक्निक एवं डिप्लोमा कोर्स को भी निर्धारित शर्तों के अंतर्गत शामिल किया गया है।

इसलिए ऐसे विद्यार्थी आवेदन करने से पहले यह जरूर जांच लें कि उनका पाठ्यक्रम और संस्थान वर्तमान नियमों के अनुसार योजना के लिए पात्र है या नहीं।

विदेश में पढ़ाई के लिए ₹50 लाख तक की सहायता

योजना का एक महत्वपूर्ण प्रावधान विदेश में उच्च शिक्षा प्राप्त करने वाले पात्र विद्यार्थियों के लिए है।

निर्धारित नियमों के अनुसार विदेश में एक वर्षीय मास्टर कोर्स आदि के लिए अधिकतम ₹50 लाख प्रति शैक्षणिक सत्र तक सहायता का प्रावधान है। राशि संबंधित देश की निर्धारित मुद्रा की अद्यतन विनिमय दर के आधार पर देय हो सकती है और वास्तविक प्रवेश शुल्क तथा निर्धारित अधिकतम सीमा जैसे नियम लागू होते हैं।

विदेश में पढ़ाई के लिए सामान्य आवेदन की तुलना में अधिक दस्तावेज, प्रवेश संबंधी प्रमाण, सत्यापन और चयन प्रक्रिया लागू होती है। विद्यार्थी को आवेदन करने से पहले विभागीय नियमों को ध्यान से देखना चाहिए।

आवेदन के लिए कौन-कौन से दस्तावेज लग सकते हैं?

आवेदन के दौरान सामान्यतः निम्न दस्तावेजों की आवश्यकता पड़ सकती है—

  • निर्माण श्रमिक पंजीयन कार्ड/पंजीयन विवरण
  • श्रमिक का पहचान संबंधी दस्तावेज
  • विद्यार्थी का आधार/पहचान दस्तावेज
  • विद्यार्थी की अंकसूची
  • वर्तमान कक्षा या पाठ्यक्रम में प्रवेश का प्रमाण
  • बैंक खाते की जानकारी
  • पासपोर्ट साइज फोटो
  • निर्धारित प्रमाण पत्र
  • संस्थान/विद्यालय से संबंधित प्रमाण पत्र
  • उच्च शिक्षा के मामले में प्रवेश एवं फीस से संबंधित दस्तावेज

दस्तावेजों की वास्तविक सूची आवेदन की श्रेणी और वर्तमान विभागीय निर्देशों के अनुसार अलग हो सकती है।

प्राचार्य प्रमाण पत्र क्यों जरूरी है?

विभागीय ऑनलाइन आवेदन पोर्टल पर “मुख्यमंत्री नोनी बाबू मेधावी शिक्षा सहायता योजना हेतु प्राचार्य प्रमाण पत्र” का विकल्प उपलब्ध है। संबंधित विद्यार्थी को आवश्यकता के अनुसार विद्यालय/महाविद्यालय के प्राचार्य से प्रमाण पत्र प्राप्त कर आवेदन के साथ लगाना पड़ सकता है।

आवेदन कैसे करें?

योजना के लिए आवेदन छत्तीसगढ़ श्रम विभाग के ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से किया जा सकता है।

आवेदन की सामान्य प्रक्रिया इस प्रकार है—

  1. छत्तीसगढ़ श्रम विभाग के भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार मंडल के ऑनलाइन पोर्टल पर जाएं।
  2. भवन निर्माण श्रमिकों से संबंधित आवेदन विकल्प चुनें।
  3. मुख्यमंत्री नोनी बाबू मेधावी शिक्षा सहायता योजना का चयन करें।
  4. मांगी गई जानकारी सही-सही भरें।
  5. विद्यार्थी और श्रमिक से संबंधित दस्तावेज अपलोड करें।
  6. जहां आवश्यक हो, प्राचार्य प्रमाण पत्र संलग्न करें।
  7. आवेदन जमा करने से पहले सभी जानकारी जांच लें।
  8. आवेदन जमा करने के बाद प्राप्त आवेदन संख्या/पावती सुरक्षित रखें।
  9. आवेदन की जांच और सत्यापन के बाद पात्रता के अनुसार सहायता स्वीकृत की जाती है।

विभागीय आवेदन पोर्टल पर वर्तमान में योजना के लिए प्राचार्य प्रमाण पत्र डाउनलोड करने का विकल्प उपलब्ध है। पोर्टल पर यह भी निर्देश दिया गया है कि जानकारी हिन्दी में दर्ज की जाए, अन्यथा आवेदन निरस्त हो सकता है।

आवेदन करते समय इन बातों का रखें ध्यान

आवेदन भरते समय श्रमिक का पंजीयन नंबर, विद्यार्थी का नाम, जन्मतिथि, बैंक विवरण और शैक्षणिक जानकारी सही दर्ज करें।

विशेष रूप से विद्यार्थी के नाम और बैंक खाते की जानकारी में गलती होने पर सहायता राशि प्राप्त करने में समस्या आ सकती है।

दस्तावेजों की स्पष्ट स्कैन कॉपी अपलोड करें और आवेदन जमा करने के बाद उसकी पावती सुरक्षित रखें।

योजना की वर्तमान स्थिति 2026 में क्या है?

छत्तीसगढ़ श्रम विभाग की आधिकारिक योजना सूची में मुख्यमंत्री नोनी बाबू मेधावी शिक्षा सहायता योजना वर्तमान में संचालित बताई गई है। विभागीय पोर्टल पर योजना के लिए आवेदन संबंधी सुविधा भी उपलब्ध है। आधिकारिक आवेदन पेज को 26 अक्टूबर 2026 को अपडेट किया गया दिखाई देता है।

इसलिए योजना का लाभ लेने वाले श्रमिकों और विद्यार्थियों को किसी पुराने सोशल मीडिया पोस्ट या पुरानी जानकारी पर निर्भर रहने के बजाय विभागीय पोर्टल पर उपलब्ध वर्तमान नियमों और आवेदन निर्देशों को देखना चाहिए।

आवेदन में समस्या होने पर कहां संपर्क करें?

छत्तीसगढ़ श्रम विभाग की योजना सूची में विभागीय हेल्पलाइन नंबर 0771-3505050 दिया गया है। योजना से संबंधित आवेदन, पात्रता या तकनीकी समस्या होने पर विभागीय स्तर पर जानकारी प्राप्त की जा सकती है।

मुख्यमंत्री नोनी बाबू मेधावी शिक्षा सहायता योजना से जुड़े सवाल

क्या 90 दिन पहले पंजीकृत निर्माण श्रमिक के बच्चे को लाभ मिल सकता है?

हां, योजना की मुख्य पात्रता में निर्माण श्रमिक का कम से कम 90 दिन पहले पंजीकृत होना शामिल है। इसके साथ अन्य निर्धारित शर्तें भी पूरी करनी होती हैं।

कितने बच्चों को योजना का लाभ मिलता है?

योजना में पंजीकृत निर्माण श्रमिक के प्रथम दो बच्चों के लिए शिक्षा सहायता का प्रावधान है।

10वीं और 12वीं में कितने अंक जरूरी हैं?

10वीं और 12वीं के लिए सामान्य पात्रता में 75 प्रतिशत या उससे अधिक अंक की शर्त दी गई है।

क्या छात्राओं को अधिक राशि मिलती है?

हां। कई शिक्षा श्रेणियों में छात्राओं के लिए छात्र की तुलना में थोड़ी अधिक सहायता राशि निर्धारित की गई है।

क्या विदेश में पढ़ाई के लिए भी सहायता मिलती है?

हां। निर्धारित पात्रता और चयन प्रक्रिया पूरी करने वाले विद्यार्थियों को विदेश में उच्च शिक्षा के लिए अधिकतम ₹50 लाख प्रति शैक्षणिक सत्र तक सहायता का प्रावधान है।

क्या पॉलीटेक्निक और डिप्लोमा करने वाले विद्यार्थी आवेदन कर सकते हैं?

निर्धारित नियमों एवं मान्यता प्राप्त संस्थान/पाठ्यक्रम की शर्तों के अनुसार पॉलीटेक्निक एवं डिप्लोमा कोर्स को योजना में शामिल किया गया है। आवेदन से पहले वर्तमान पात्रता की जांच करना जरूरी है।

निष्कर्ष

मुख्यमंत्री नोनी बाबू मेधावी शिक्षा सहायता योजना निर्माण श्रमिक परिवारों के बच्चों के लिए शिक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण आर्थिक सहायता प्रदान करने वाली योजना है। इसमें कक्षा 10वीं और 12वीं से लेकर स्नातक, स्नातकोत्तर, प्रोफेशनल शिक्षा और निर्धारित शर्तों के तहत विदेश में उच्च शिक्षा तक सहायता का प्रावधान है।

पात्र श्रमिकों को आवेदन करने से पहले यह सुनिश्चित करना चाहिए कि उनका श्रमिक पंजीयन कम से कम 90 दिन पुराना है, विद्यार्थी प्रथम दो बच्चों में शामिल है और संबंधित शिक्षा स्तर की सभी शर्तें पूरी करता है।

योजना की राशि, पात्रता और आवेदन प्रक्रिया में समय-समय पर संशोधन हो सकते हैं। इसलिए आवेदन करने से पहले छत्तीसगढ़ श्रम विभाग के आधिकारिक पोर्टल पर उपलब्ध नवीनतम निर्देश जरूर देखें।

आधिकारिक योजना पोर्टल: छत्तीसगढ़ श्रम विभाग – योजनाएं

अस्वीकरण: यह जानकारी विभागीय वेबसाइट और उपलब्ध आधिकारिक योजना प्रावधानों के आधार पर तैयार की गई है। वास्तविक स्वीकृति संबंधित विभाग द्वारा दस्तावेजों और पात्रता के सत्यापन के बाद ही होगी।

Umesh Shriwas

मेरा नाम उमेश कुमार श्रीवास है। मैं Jaankaarilo.in का संस्थापक एवं कंटेंट ब्लॉगर हूँ। मैं RTI, श्रमिक अधिकार, सरकारी योजनाओं, कानून और प्रशासनिक प्रक्रियाओं से जुड़ी सरल, उपयोगी और विश्वसनीय जानकारी आम नागरिकों तक पहुंचाने का प्रयास करता हूँ, ताकि लोग अपने अधिकारों को समझें और सरकारी सेवाओं एवं योजनाओं का सही लाभ उठा सकें।

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