VB-G RAM G योजना के तहत पशु शेड, बकरी शेड और मुर्गी शेड: पात्रता, ग्राम सभा और आवेदन की पूरी जानकारी
ग्रामीण भारत में बड़ी संख्या में परिवारों की आजीविका खेती के साथ-साथ पशुपालन, बकरी पालन, मुर्गी पालन और अन्य कृषि-संबंधित गतिविधियों पर निर्भर करती है। लेकिन पशुओं के लिए सुरक्षित और व्यवस्थित शेड उपलब्ध न होने के कारण ग्रामीण परिवारों को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
इसी संदर्भ में विकसित भारत–गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण), यानी VB-G RAM G के तहत ग्रामीण रोजगार को केवल मजदूरी उपलब्ध कराने तक सीमित न रखकर टिकाऊ और उत्पादक ग्रामीण परिसंपत्तियों के निर्माण से जोड़ने पर जोर दिया गया है।
भारत सरकार के अनुसार योजना के livelihood-related infrastructure के अंतर्गत livestock shelters, fisheries infrastructure, work sheds, storage facilities, rural haats और अन्य उत्पादक परिसंपत्तियों को बढ़ावा दिया जाता है।
इसलिए पशुपालन करने वाले ग्रामीणों के लिए पशु शेड जैसे कार्य महत्वपूर्ण हो सकते हैं, लेकिन किसी व्यक्ति को शेड स्वतः या निश्चित नकद राशि के रूप में मिलना इस योजना की सही व्याख्या नहीं होगी।
VB-G RAM G योजना क्या है?
Viksit Bharat–Guarantee for Rozgar and Aajeevika Mission (Gramin), VB-G RAM G Act, 2025 ग्रामीण रोजगार और आजीविका से संबंधित नया कानूनी ढांचा है।
आधिकारिक जानकारी के अनुसार इसके तहत पात्र ग्रामीण परिवारों के वयस्क सदस्य अकुशल शारीरिक कार्य करने के लिए स्वयं को प्रस्तुत करते हैं तो परिवार को वित्तीय वर्ष में कम से कम 125 दिनों के रोजगार की वैधानिक गारंटी दी गई है।
यह व्यवस्था 1 जुलाई 2026 से देश के ग्रामीण क्षेत्रों में लागू हुई और राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों ने इसके अनुरूप अपनी योजनाएं अधिसूचित की हैं।
योजना में कार्यों को मुख्य रूप से चार व्यापक क्षेत्रों में रखा गया है:
- जल सुरक्षा से संबंधित कार्य
- ग्रामीण आधारभूत संरचना
- आजीविका संबंधी आधारभूत संरचना
- अत्यधिक मौसम एवं आपदा से निपटने वाले कार्य
इन्हीं में livelihood-related infrastructure के अंतर्गत पशुधन से संबंधित आधारभूत संरचना को स्थान दिया गया है।
क्या VB-G RAM G में पशु शेड बनाया जा सकता है?
हाँ, आधिकारिक सरकारी जानकारी में livestock shelters को आजीविका संबंधी आधारभूत संरचना के अंतर्गत अनुमेय परिसंपत्तियों में शामिल किया गया है।
लेकिन यहां एक महत्वपूर्ण अंतर समझना जरूरी है। इसका अर्थ यह नहीं है कि : हर पशुपालक को आवेदन करते ही एक पशु शेड और निश्चित रुपये की राशि मिल जाएगी।
कार्य का चयन और स्वीकृति ग्राम पंचायत की योजना, ग्राम सभा की प्राथमिकता, योजना के अनुमेय कार्य, तकनीकी आवश्यकताओं तथा संबंधित राज्य के लागू नियमों के अनुसार होगी।
पशु शेड का उद्देश्य क्या है?
पशु शेड का मुख्य उद्देश्य पशुधन के लिए सुरक्षित और उपयोगी आधारभूत संरचना उपलब्ध कराना है।
इससे पशुओं को सामान्यतः:
- बारिश से बचाने
- धूप से सुरक्षा देने
- ठंड से बचाने
- व्यवस्थित रूप से रखने
- चारा-पानी प्रबंधन में सुविधा
- साफ-सफाई बनाए रखने
में सहायता मिल सकती है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि ऐसी परिसंपत्ति का उद्देश्य ग्रामीण परिवार की आजीविका को मजबूत करना है।
बकरी शेड क्या है?
बकरी पालन ग्रामीण क्षेत्रों में आय का महत्वपूर्ण साधन है। छोटे और सीमांत परिवारों के लिए बकरी पालन अतिरिक्त आय का स्रोत बन सकता है।
बकरियों के लिए उचित शेड होने से उनके रहने की व्यवस्था अधिक व्यवस्थित की जा सकती है।
बकरी शेड में स्थानीय तकनीकी मानकों के अनुसार निम्न बातों को ध्यान में रखा जा सकता है:
- पर्याप्त वेंटिलेशन
- बारिश से सुरक्षा
- साफ-सफाई
- पानी की व्यवस्था
- चारे की व्यवस्था
- पशुओं को रखने के लिए पर्याप्त स्थान
हालांकि “VB-G RAM G में हर बकरी पालक को निश्चित रूप से बकरी शेड मिलेगा” ऐसा दावा आधिकारिक स्रोतों के आधार पर नहीं किया जाना चाहिए।
पुराने ग्रामीण विकास मंत्रालय के प्रशिक्षण दस्तावेजों में भी cattle shed, goat shed और poultry shed जैसी livestock-related परिसंपत्तियों का उल्लेख मिलता है।
मुर्गी शेड क्या है?
मुर्गी पालन करने वाले ग्रामीण परिवारों के लिए पोल्ट्री शेड आवश्यक आधारभूत संरचना का काम करता है।
उचित शेड में:
- मुर्गियों को सुरक्षित रखने
- बारिश और धूप से बचाने
- हवा के आवागमन
- साफ-सफाई
- भोजन और पानी की व्यवस्था
- पक्षियों के बेहतर प्रबंधन
में सहायता मिल सकती है।
लेकिन यहां भी यही नियम लागू होगा कि किसी विशेष मुर्गी शेड का निर्माण योजना में स्वीकृत है या नहीं, यह स्थानीय योजना और लागू दिशा-निर्देशों से तय होगा।
क्या हर ग्रामीण को पशु शेड मिलेगा?
नहीं।
यह सबसे महत्वपूर्ण बात है जिसे ग्रामीणों को समझना चाहिए।
VB-G RAM G में livestock shelters को अनुमेय livelihood infrastructure के रूप में शामिल किया गया है, लेकिन इसका अर्थ सार्वभौमिक व्यक्तिगत लाभ नहीं है।
किसी कार्य की स्वीकृति में निम्न बातें महत्वपूर्ण हो सकती हैं:
- ग्राम पंचायत की योजना
- ग्राम सभा की प्राथमिकता
- परिवार की वास्तविक आजीविका गतिविधि
- लागू पात्रता
- अनुमेय कार्यों की सूची
- तकनीकी मापदंड
- उपलब्ध वित्तीय संसाधन
- प्रशासनिक एवं तकनीकी स्वीकृति
ग्राम सभा की भूमिका क्यों महत्वपूर्ण है?
VB-G RAM G के तहत Viksit Gram Panchayat Plan (VGPP) तैयार करने की व्यवस्था है।
भारत सरकार के अनुसार ग्राम सभा सहभागी योजना प्रक्रिया के माध्यम से ग्राम पंचायत के लिए आवश्यक और प्राथमिकता वाले अनुमेय कार्यों की पहचान करती है। इसके बाद ग्राम पंचायत VGPP तैयार करती है।
इसलिए यदि किसी गांव में बड़ी संख्या में परिवार:
- गाय/भैंस पालन
- बकरी पालन
- मुर्गी पालन
- अन्य पशुधन आधारित गतिविधियां
करते हैं, तो आजीविका संबंधी आधारभूत संरचना की आवश्यकता ग्राम सभा में रखी जा सकती है।
पशु शेड के लिए ग्रामीण क्या करें?
यदि आप पशुपालन करते हैं और आपको शेड की आवश्यकता है तो सबसे पहले अपनी ग्राम पंचायत से संपर्क करें।
पहला कदम — ग्राम पंचायत से जानकारी लें
ग्राम पंचायत में पूछें:
“VB-G RAM G के तहत हमारे ग्राम पंचायत के VGPP में livestock/livelihood infrastructure से संबंधित कौन-कौन से कार्य शामिल हैं?”
दूसरा कदम — ग्राम सभा में मांग रखें
अपनी आवश्यकता ग्राम सभा में रखें।
उदाहरण के लिए:
“मैं पशुपालन/बकरी पालन/मुर्गी पालन करता हूं। पशुओं को रखने के लिए उचित शेड उपलब्ध नहीं है। इसलिए योजना के लागू प्रावधानों के अनुसार पशु शेड/बकरी शेड/मुर्गी शेड संबंधी कार्य को ग्राम पंचायत की योजना में शामिल करने का अनुरोध करता हूं।”
तीसरा कदम — आवेदन दें
स्थानीय प्रक्रिया के अनुसार ग्राम पंचायत में लिखित आवेदन दिया जा सकता है।
आवेदन में सामान्यतः:
- नाम
- पिता/पति का नाम
- ग्राम
- ग्राम पंचायत
- जनपद
- जिला
- मोबाइल नंबर
- कार्य का प्रकार
- पशुओं की संख्या
- आवश्यकता का कारण
जैसी जानकारी दी जा सकती है।
दस्तावेजों की अंतिम सूची ग्राम पंचायत से जरूर पूछें, क्योंकि स्थानीय प्रक्रिया अलग हो सकती है।
क्या शेड के लिए ₹50,000 या ₹1 लाख मिलेंगे?
इस सवाल पर सबसे ज्यादा सावधानी की आवश्यकता है।
हर लाभार्थी के लिए ₹50,000, ₹60,000 या ₹1 लाख की एक समान राशि मिलने का दावा आधिकारिक VB-G RAM G स्रोतों से प्रमाणित नहीं है।
आधिकारिक केंद्रीय जानकारी में livestock shelters को livelihood infrastructure के रूप में बताया गया है, लेकिन प्रत्येक व्यक्ति के लिए एक सार्वभौमिक निश्चित शेड राशि घोषित नहीं की गई है।
इसलिए यदि सोशल मीडिया पर ऐसा संदेश मिले:
“VB-G RAM G में हर ग्रामीण को ₹1 लाख का बकरी शेड मिलेगा।”
तो उसे आधिकारिक आदेश के बिना सही नहीं मानना चाहिए।
शेड की लागत कैसे निर्धारित हो सकती है?
किसी स्वीकृत कार्य की लागत उसके:
- आकार
- डिजाइन
- तकनीकी मानक
- स्थानीय निर्धारित दर
- मजदूरी
- सामग्री
- स्वीकृत अनुमान
- कार्य के प्रकार
आदि पर निर्भर हो सकती है।
इसलिए एक ही राशि पूरे देश के सभी ग्रामीणों के लिए लागू होगी, ऐसा मानना उचित नहीं है।
क्या पैसा सीधे खाते में मिलेगा?
VB-G RAM G को सामान्य नकद सब्सिडी योजना के रूप में समझना सही नहीं है।
यह ग्रामीण रोजगार और टिकाऊ परिसंपत्ति निर्माण से जुड़ी व्यवस्था है। योजना का उद्देश्य रोजगार के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों में उत्पादक परिसंपत्तियों का निर्माण करना है।
इसलिए किसी स्वीकृत कार्य में मजदूरी और सामग्री से संबंधित भुगतान की प्रक्रिया लागू योजना, स्वीकृत कार्य और सरकारी नियमों के अनुसार होगी।
महिलाओं के लिए भी महत्वपूर्ण प्रावधान
VB-G RAM G में महिलाओं की भागीदारी और महिला-प्रधान परिवारों पर विशेष ध्यान दिया गया है।
भारत सरकार की जानकारी के अनुसार महिला-प्रधान परिवारों के लिए व्यक्तिगत परिसंपत्तियों को प्राथमिकता देने का प्रावधान है। साथ ही SHG भवन, कार्यशेड, प्रशिक्षण केंद्र, कंपोस्ट/वर्मी-कंपोस्ट यूनिट, नर्सरी, livestock shelters और fisheries infrastructure जैसी परिसंपत्तियों को भी आजीविका से जोड़ा गया है।
इसलिए ग्रामीण महिला और स्वयं सहायता समूह भी अपनी आजीविका से संबंधित आधारभूत संरचना की आवश्यकता को ग्राम सभा की योजना प्रक्रिया में रख सकते हैं।
पंचायत की भूमिका
VB-G RAM G में पंचायतों को योजना के planning, implementation और monitoring में महत्वपूर्ण भूमिका दी गई है।
ग्राम पंचायत स्तर पर VGPP तैयार किया जाता है और ग्राम सभा अनुमेय कार्यों की पहचान एवं प्राथमिकता तय करने की सहभागी प्रक्रिया में भूमिका निभाती है।
इसलिए पशु शेड के मामले में केवल व्यक्तिगत आवेदन ही नहीं, बल्कि ग्राम पंचायत की समग्र योजना प्रक्रिया को समझना जरूरी है।
छत्तीसगढ़ के ग्रामीणों के लिए खास जानकारी
छत्तीसगढ़ में VB-G RAM G के कार्यान्वयन के लिए केंद्र सरकार ने ₹3,354.85 करोड़ का अंतरिम आवंटन बताया था। यह जानकारी 9 जून 2026 को PIB Raipur द्वारा जारी की गई थी।
बाद में केंद्र सरकार ने बताया कि 1 जुलाई 2026 से VB-G RAM G पूरे देश के ग्रामीण क्षेत्रों में लागू हो चुका है और सभी राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों ने योजना अधिसूचित कर उसका कार्यान्वयन शुरू कर दिया है।
इसलिए छत्तीसगढ़ के ग्रामीणों को अपने ग्राम पंचायत स्तर पर यह जानकारी लेनी चाहिए कि उनके गांव की VGPP में कौन-कौन से कार्य शामिल किए गए हैं।
यदि ग्राम पंचायत जानकारी नहीं देती तो?
यदि आपको यह जानना है कि आपके गांव में पशु शेड या अन्य livelihood infrastructure का प्रस्ताव है या नहीं, तो आप क्रमशः:
ग्राम पंचायत → जनपद पंचायत/कार्यक्रम अधिकारी → जिला पंचायत/संबंधित ग्रामीण विकास अधिकारी
से जानकारी ले सकते हैं।
इसके अलावा योजना की पारदर्शिता के लिए उपलब्ध MIS, निगरानी और Social Audit जैसी व्यवस्थाओं का भी उपयोग किया जा सकता है। केंद्र सरकार VB-G RAM G के कार्यान्वयन की निगरानी MIS और अन्य तंत्रों के माध्यम से कर रही है।
निष्कर्ष
VB-G RAM G का महत्वपूर्ण पहलू यह है कि ग्रामीण रोजगार को स्थायी और उत्पादक परिसंपत्तियों के निर्माण तथा आजीविका सुदृढ़ीकरण से जोड़ा गया है।
सरकारी जानकारी के अनुसार livestock shelters और अन्य livestock/fisheries-related infrastructure livelihood-related infrastructure के अंतर्गत आते हैं।
इसलिए पशुपालन, बकरी पालन या मुर्गी पालन करने वाले ग्रामीणों के लिए शेड संबंधी कार्य महत्वपूर्ण हो सकते हैं। लेकिन किसी भी ग्रामीण को यह नहीं मानना चाहिए कि आवेदन करते ही उसे निश्चित राशि का शेड मिल जाएगा।
सबसे सही तरीका है कि ग्रामीण अपनी आवश्यकता ग्राम सभा में रखें और ग्राम पंचायत से VGPP में कार्य की स्थिति, पात्रता, तकनीकी मापदंड तथा स्वीकृति की प्रक्रिया की जानकारी लें।
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