PMJVM योजना 2026: आदिवासियों को लाभ, Van Dhan, MSP और आवेदन की पूरी जानकारी।

By Umesh Shriwas

August 21, 2026

PMJVM योजना 2026: आदिवासियों को लाभ, Van Dhan, MSP और आवेदन की पूरी जानकारी।

Table of Contents

PMJVM योजना 2026 की पूरी जानकारी: जनजातीय कार्य मंत्रालय की PMJVM योजना में Van Dhan, MFP पर MSP, value addition, branding, marketing, VDVK, पात्रता और आवेदन प्रक्रिया जानें।

प्रधानमंत्री जनजातीय विकास मिशन (PMJVM) 2026: आदिवासी परिवारों को आजीविका, वन उपज और रोजगार से जोड़ने की पूरी जानकारी

भारत के जनजातीय समुदायों की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने के लिए केंद्र सरकार कई योजनाएं संचालित करती है। इन्हीं में से एक महत्वपूर्ण योजना है प्रधानमंत्री जनजातीय विकास मिशन (PMJVM)

PMJVM का पूरा नाम Pradhan Mantri Janjatiya Vikas Mission है। यह योजना मुख्य रूप से जनजातीय समुदायों की आजीविका, उद्यमिता, लघु वनोपज (Minor Forest Produce), कृषि एवं गैर-कृषि उत्पाद, मूल्य संवर्धन, ब्रांडिंग और बाजार उपलब्धता को मजबूत करने पर केंद्रित है।

इस योजना की खास बात यह है कि इसका उद्देश्य केवल किसी व्यक्ति को आर्थिक सहायता देना नहीं है, बल्कि जनजातीय उत्पादों को कच्चे माल से बाजार तक पूरी value chain से जोड़ना है।

योजना के अंतर्गत लघु वनोपज संग्रह करने वाले जनजातीय लोगों को बेहतर मूल्य दिलाने, Van Dhan Vikas Kendras के माध्यम से उत्पादों का processing और value addition कराने तथा तैयार उत्पादों को बाजार तक पहुंचाने की व्यवस्था विकसित की जाती है।

2026-27 में PMJVM के लिए ₹289 करोड़ का allocation दर्ज किया गया है। जनजातीय कार्य मंत्रालय की आधिकारिक scheme-wise financial summary में यह राशि PMJVM के लिए निर्धारित है।

इस लेख में जानिए PMJVM क्या है, किसके लिए है, इसमें क्या लाभ मिलते हैं, Van Dhan Vikas Kendra क्या है, लघु वनोपज पर MSP कैसे काम करता है, कौन पात्र है, आवेदन कैसे होता है, TRIFED की क्या भूमिका है और छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों के जनजातीय परिवार इससे कैसे लाभ उठा सकते हैं।

PMJVM योजना क्या है?

प्रधानमंत्री जनजातीय विकास मिशन (PMJVM) भारत सरकार के जनजातीय कार्य मंत्रालय (Ministry of Tribal Affairs) की आजीविका एवं जनजातीय उत्पादों से संबंधित प्रमुख योजना है।

इस योजना को जनजातीय आजीविका को बढ़ावा देने वाली दो पुरानी योजनाओं को मिलाकर तैयार किया गया है:

  1. Minor Forest Produce (MFP) के लिए Minimum Support Price (MSP) और Value Chain Development की व्यवस्था
  2. Institutional Support for Development and Marketing of Tribal Products/Produce

PMJVM की operational guidelines 27 मार्च 2023 को जारी की गई थीं।

योजना का उद्देश्य जनजातीय समुदायों की पारंपरिक जानकारी, प्राकृतिक संसाधनों, वन उपज, कृषि उत्पाद और अन्य स्थानीय उत्पादों को बेहतर बाजार से जोड़कर उनकी आजीविका और आय के अवसरों को मजबूत करना है।

PMJVM का मुख्य उद्देश्य क्या है?

PMJVM को समझने का सबसे आसान तरीका है:

“जनजातीय उत्पाद → मूल्य संवर्धन → ब्रांडिंग → बाजार → बेहतर आय”

इस योजना के प्रमुख उद्देश्य हैं:

  • जनजातीय समुदायों के लिए आजीविका के अवसर बढ़ाना
  • लघु वनोपज संग्रह करने वालों को बेहतर मूल्य दिलाना
  • MFP के लिए Minimum Support Price व्यवस्था को मजबूत करना
  • वन उत्पादों का value addition करना
  • स्थानीय कृषि और गैर-कृषि उत्पादों को बाजार से जोड़ना
  • जनजातीय उद्यमिता को बढ़ावा देना
  • Van Dhan Vikas Kendras को मजबूत करना
  • जनजातीय उत्पादों की branding और packaging करना
  • बाजार तक पहुंच बढ़ाना
  • प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण करना
  • जनजातीय समुदायों की पारंपरिक skills को आर्थिक गतिविधि से जोड़ना

मंत्रालय के अनुसार PMJVM का vision जनजातीय entrepreneurship और livelihood opportunities को मजबूत करना तथा MFP, farm और non-farm तथा tribal product-based enterprises को बढ़ावा देना है।

PMJVM किस मंत्रालय की योजना है?

PMJVM का संचालन भारत सरकार के जनजातीय कार्य मंत्रालय (Ministry of Tribal Affairs) द्वारा किया जाता है।

योजना के implementation में TRIFED यानी Tribal Cooperative Marketing Development Federation of India Limited की महत्वपूर्ण भूमिका है।

TRIFED जनजातीय उत्पादों के विकास, marketing, value addition और market linkage से जुड़े कार्यों में मंत्रालय की प्रमुख implementing agency है।

जनजातीय कार्य मंत्रालय की आधिकारिक वेबसाइट

PMJVM में TRIFED की क्या भूमिका है?

TRIFED को PMJVM की nodal implementing agency के रूप में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी गई है।

TRIFED के माध्यम से:

  • Van Dhan कार्यक्रम
  • tribal products की marketing
  • value addition
  • training
  • branding
  • packaging
  • market linkage
  • MFP procurement से संबंधित सहायता
  • Tribal products को विभिन्न बाजारों तक पहुंचाना

जैसे कार्य किए जाते हैं।

इसलिए PMJVM को समझते समय जनजातीय कार्य मंत्रालय + TRIFED + राज्य की implementing agencies + जनजातीय उत्पादक/SHG/VDVK को एक साथ समझना जरूरी है।

PMJVM में लघु वनोपज (MFP) क्या है?

PMJVM का एक बड़ा हिस्सा Minor Forest Produce यानी लघु वनोपज से जुड़ा है।

जनजातीय समुदायों के बहुत से परिवार जंगल से मिलने वाले उत्पादों के संग्रह पर निर्भर रहते हैं। ये उत्पाद केवल कच्चे रूप में बेचने के बजाय processing और value addition के माध्यम से अधिक आर्थिक मूल्य पैदा कर सकते हैं।

उदाहरण के तौर पर स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार:

  • महुआ
  • इमली
  • साल बीज
  • चिरौंजी
  • गोंद
  • शहद
  • लाख
  • औषधीय पौधे
  • अन्य गैर-काष्ठ वन उत्पाद

जैसे उत्पाद आजीविका का माध्यम हो सकते हैं।

ध्यान दें: किसी विशेष MFP की MSP दर और सूची समय-समय पर सरकारी अधिसूचना के अनुसार देखी जानी चाहिए।

PMJVM में MSP का क्या मतलब है?

MSP यानी Minimum Support Price (न्यूनतम समर्थन मूल्य)

यदि किसी अधिसूचित लघु वनोपज का बाजार मूल्य निर्धारित MSP से नीचे चला जाता है, तो योजना के अंतर्गत designated State Agencies द्वारा निर्धारित MSP पर procurement किया जा सकता है।

इसका उद्देश्य MFP gatherers को बहुत कम बाजार कीमत मिलने की स्थिति में एक safety net उपलब्ध कराना है।

सरल उदाहरण से समझिए:

मान लीजिए किसी अधिसूचित लघु वनोपज के लिए सरकार ने एक MSP निर्धारित किया है।

यदि खुले बाजार में व्यापारी उस उत्पाद के लिए उससे कम कीमत दे रहे हैं, तो लागू व्यवस्था के अनुसार राज्य की designated agency MSP पर खरीद कर सकती है।

इससे संग्रहकर्ता को अत्यधिक कम कीमत पर अपना उत्पाद बेचने की मजबूरी कम हो सकती है।

क्या PMJVM में हर वन उपज की MSP तय है?

नहीं।

MSP केवल उन MFP/commodities के लिए लागू होती है जिन्हें योजना के तहत अधिसूचित किया गया है।

जनजातीय कार्य मंत्रालय की 2023-24 annual report में PMJVM के तहत 87 MFP/commodities के लिए MSP notified होने की जानकारी दी गई थी। MSP सूची में समय-समय पर बदलाव/संशोधन संभव है।

इसलिए किसी उत्पाद की वर्तमान MSP जानने के लिए हमेशा नवीनतम सरकारी सूची देखना चाहिए।

PMJVM में Van Dhan Yojana क्या है?

Van Dhan Yojana PMJVM के livelihood component का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

इसका उद्देश्य जंगल से मिलने वाले उत्पादों को केवल कच्चे रूप में बेचने के बजाय:

संग्रह → प्राथमिक processing → value addition → packaging → branding → marketing

की पूरी प्रक्रिया से जोड़ना है।

इससे जनजातीय उत्पादकों को अपने उत्पाद की value chain में अधिक हिस्सेदारी मिलने की संभावना बनती है।

मंत्रालय की annual report के अनुसार Van Dhan कार्यक्रम में Van Dhan Self Help Groups (VDSHGs) को संगठित करके उन्हें Van Dhan Vikas Kendra के रूप में बड़े समूह से जोड़ा जाता है।

Van Dhan Vikas Kendra (VDVK) क्या है?

VDVK यानी Van Dhan Vikas Kendra स्थानीय स्तर पर जनजातीय उत्पादों के collection, processing, value addition, training और marketing को बढ़ावा देने वाला केंद्र है।

PMJVM guidelines के अनुसार एक VDVK में लगभग 15 Van Dhan Self Help Groups और अधिकतम लगभग 300 सदस्य हो सकते हैं। इसका उद्देश्य छोटे-छोटे समूहों को एक साथ लाकर scale का लाभ देना है।

उदाहरण के लिए अलग-अलग गांवों के जनजातीय परिवार यदि महुआ, इमली, शहद, मसाले या अन्य स्थानीय उत्पाद इकट्ठा करते हैं, तो VDVK के माध्यम से इनका:

  • संग्रह
  • sorting
  • cleaning
  • processing
  • drying
  • packaging
  • branding
  • storage
  • marketing

जैसा काम सामूहिक रूप से किया जा सकता है।

Van Dhan Self Help Group क्या है?

PMJVM guidelines के अनुसार Van Dhan Self Help Group (VDSHG) में अधिकतम 20 सदस्य हो सकते हैं और समूह में कम से कम 70% ST सदस्य होने की शर्त बताई गई है। समूह के प्रमुख पदों पर ST समुदाय के सदस्यों की भूमिका भी निर्धारित है। ऐसे कई VDSHG मिलकर Van Dhan Vikas Kendra का हिस्सा बन सकते हैं। इस मॉडल का उद्देश्य छोटे उत्पादकों को सामूहिक रूप से training, raw material aggregation, processing और marketing की सुविधा देना है।

PMJVM में किसे लाभ मिलता है?

PMJVM का लाभ मुख्य रूप से जनजातीय समुदायों से जुड़े livelihood और enterprise ecosystem को मजबूत करने के लिए है।

इसमें अलग-अलग components के माध्यम से:

  • ST forest produce gatherers
  • Tribal artisans
  • Tribal producers
  • Van Dhan SHGs
  • Van Dhan Vikas Kendras
  • Tribal Producer Organisations
  • Tribal cooperatives
  • जनजातीय उत्पादों से जुड़े समूह

और संबंधित State Implementing Agencies की भूमिका हो सकती है। इसलिए PMJVM को ऐसी योजना नहीं समझना चाहिए जिसमें हर ST व्यक्ति को सीधे एक निश्चित राशि बैंक खाते में मिलती है।

लाभ योजना के component, समूह की भूमिका, राज्य की implementation व्यवस्था और स्वीकृत proposal के अनुसार हो सकते हैं।

क्या PMJVM में सीधे ₹50,000 या ₹1 लाख मिलते हैं?

ऐसा कोई सामान्य सार्वभौमिक cash benefit PMJVM की मुख्य योजना के रूप में नहीं है।

इंटरनेट पर कई बार PMJVM या Van Dhan के नाम पर “हर आदिवासी परिवार को ₹50,000”, “₹1 लाख की सहायता” या इसी तरह के दावे दिखाई देते हैं।

इन दावों को बिना आधिकारिक आदेश के सही नहीं मानना चाहिए।

PMJVM का मुख्य फोकस livelihood ecosystem, MFP procurement, Van Dhan Vikas Kendra, value addition, training, infrastructure, branding और marketing पर है।

PMJVM में जनजातीय उत्पादों की value addition क्यों महत्वपूर्ण है?

किसी उत्पाद को जंगल से संग्रह करके कच्चे रूप में बेचने पर उत्पादक को उसकी अंतिम बाजार कीमत का सीमित हिस्सा मिल सकता है।

लेकिन उसी उत्पाद की:

  • सफाई
  • processing
  • grading
  • drying
  • powdering
  • packaging
  • branding

करके बाजार में बिक्री की जाए तो उसका commercial value बढ़ सकता है।

यही Value Addition का मूल उद्देश्य है।

PMJVM इसी value chain को मजबूत करने का प्रयास करता है।

उदाहरण: महुआ से value addition

मान लीजिए किसी क्षेत्र में जनजातीय परिवार महुआ संग्रह करते हैं।

सिर्फ कच्चे महुआ की बिक्री करने के बजाय उचित processing, grading, packaging और अन्य अनुमत value-added products के माध्यम से इसे बाजार तक पहुंचाने पर अधिक मूल्य प्राप्त करने का अवसर बन सकता है।

यही काम Van Dhan model के माध्यम से सामूहिक रूप से किया जा सकता है।

महत्वपूर्ण: खाद्य उत्पाद बनाने और बेचने के लिए संबंधित food safety, labeling और अन्य लागू नियमों का पालन आवश्यक हो सकता है।

PMJVM में Branding और Marketing का क्या लाभ है?

किसी अच्छे उत्पाद का बाजार तभी बढ़ता है जब ग्राहक उसे पहचानता हो।

इसलिए PMJVM में केवल उत्पादन ही नहीं बल्कि:

Branding + Packaging + Marketing + Market Linkage

पर भी जोर दिया जाता है।

TRIFED जनजातीय उत्पादों को TRIBES India जैसे retail channels और online platforms के माध्यम से market करने में भूमिका निभाता है। फरवरी 2026 की PIB जानकारी के अनुसार value-added tribal products को TRIBES India outlets और विभिन्न e-commerce channels/ONDC आदि के माध्यम से बाजार तक पहुंचाया जा रहा था।

इससे स्थानीय जनजातीय उत्पादों को केवल स्थानीय हाट या बाजार तक सीमित रखने के बजाय बड़े बाजारों तक पहुंचाने का अवसर मिलता है।

क्या PMJVM में प्रशिक्षण भी मिलता है?

हां।

TRIFED द्वारा VDVK members के लिए primary processing, value addition और enterprise development जैसे क्षेत्रों में capacity-building training की जाती है।

प्रशिक्षण का उद्देश्य केवल उत्पाद बनाना नहीं बल्कि समूह को एक छोटे enterprise की तरह संचालित करने की क्षमता विकसित करना भी है।

PMJVM में प्रशिक्षण किन क्षेत्रों में हो सकता है?

स्थानीय product और approved activity के अनुसार प्रशिक्षण में शामिल हो सकते हैं:

  • MFP collection
  • प्राथमिक processing
  • value addition
  • product development
  • packaging
  • branding
  • quality improvement
  • business management
  • entrepreneurship
  • marketing
  • digital marketing
  • market linkage

PMJVM में बुनियादी ढांचे के लिए सहायता

योजना में livelihood activities के लिए आवश्यक infrastructure को मजबूत करने का भी प्रावधान है।

राज्य सरकार द्वारा infrastructure development/creation से संबंधित proposal और Detailed Project Report (DPR) TRIFED को प्रस्तुत की जा सकती है, जिसके मूल्यांकन और approval के लिए Project Appraisal Committee की व्यवस्था है।

इसका अर्थ है कि बड़े infrastructure support के लिए प्रक्रिया सामान्य व्यक्तिगत online form भरने जैसी नहीं है।

यह राज्य/implementing agency और project proposal आधारित व्यवस्था हो सकती है।

PMJVM में कौन-कौन से उत्पाद महत्वपूर्ण हो सकते हैं?

योजना के अंतर्गत स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार MFP, कृषि और गैर-कृषि जनजातीय उत्पाद livelihood activities से जुड़े हो सकते हैं।

उदाहरण के तौर पर:

लघु वनोपज

  • महुआ
  • इमली
  • साल बीज
  • चिरौंजी
  • शहद
  • लाख
  • गोंद
  • औषधीय वन उत्पाद

कृषि आधारित उत्पाद

  • मिलेट
  • कोदो-कुटकी
  • मक्का
  • दालें
  • मसाले
  • स्थानीय कृषि उत्पाद

Tribal Products

  • हस्तशिल्प
  • प्राकृतिक उत्पाद
  • सजावटी वस्तुएं
  • पारंपरिक कला उत्पाद
  • processed tribal products

हालांकि किसी विशेष उत्पाद की eligibility, procurement और MSP स्थिति के लिए वर्तमान सरकारी सूची देखना जरूरी है।

PMJVM और MSP में क्या अंतर है?

दोनों को अलग-अलग समझना जरूरी है।

PMJVM एक व्यापक livelihood mission है।

इसके अंतर्गत MFP के लिए MSP mechanism एक महत्वपूर्ण component है।

यानी:

PMJVM = व्यापक मिशन

और

MFP MSP = लघु वनोपज के लिए मूल्य सुरक्षा का एक component

इसके अलावा Van Dhan, value addition, marketing, training और infrastructure जैसे पहलू भी मिशन का हिस्सा हैं।

PMJVM में राज्य सरकार की क्या भूमिका है?

PMJVM के implementation में राज्यों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है।

राज्य स्तर पर:

  • State Nodal Department
  • State Implementing Agency
  • Tribal Development Department
  • संबंधित सहकारी संस्थाएं
  • स्थानीय संस्थाएं

जैसे तंत्र योजना के विभिन्न components को लागू करने में भूमिका निभा सकते हैं।

MFP procurement के मामले में designated State Agencies द्वारा notified MSP पर procurement की व्यवस्था है।

छत्तीसगढ़ के जनजातीय लोगों के लिए PMJVM क्यों महत्वपूर्ण है?

छत्तीसगढ़ में बड़ी संख्या में जनजातीय परिवार वन आधारित आजीविका, लघु वनोपज और स्थानीय कृषि उत्पादों से जुड़े हैं।

इस कारण PMJVM का Van Dhan और MFP value-chain model राज्य के कई वन एवं जनजातीय क्षेत्रों के लिए उपयोगी हो सकता है।

विशेष रूप से:

  • महुआ
  • इमली
  • साल बीज
  • चिरौंजी
  • लाख
  • शहद
  • औषधीय वन उत्पाद
  • मिलेट
  • स्थानीय हस्तशिल्प

जैसे उत्पादों के collection, processing और marketing को मजबूत करने से जनजातीय परिवारों की आय के अवसर बढ़ सकते हैं।

हालांकि किसी जिले में कौन सा product, VDVK या procurement व्यवस्था सक्रिय है, इसकी जानकारी स्थानीय State Implementing Agency/जनजातीय विभाग से लेना अधिक सही होगा।

PMJVM में VDVK कैसे काम करता है?

इसे एक उदाहरण से समझिए।

मान लीजिए किसी गांव में 20 जनजातीय परिवार महुआ और अन्य वन उत्पाद इकट्ठा करते हैं।

पहले वे अलग-अलग व्यापारी को कच्चा उत्पाद बेचते थे।

अब यदि वे Van Dhan SHG का हिस्सा बनते हैं और कई ऐसे SHG मिलकर VDVK बनाते हैं, तो सामूहिक रूप से:

संग्रह → छंटाई → processing → value addition → packaging → branding → marketing

की व्यवस्था बनाई जा सकती है।

इससे bargaining power और market access बेहतर करने का अवसर मिलता है।

PMJVM में बाजार तक उत्पाद कैसे पहुंचता है?

तैयार value-added tribal products को विभिन्न marketing channels से बाजार तक पहुंचाया जा सकता है।

PIB की फरवरी 2026 की जानकारी के अनुसार TRIFED के माध्यम से तैयार उत्पादों की marketing TRIBES India outlets और online e-commerce channels जैसे tribesindia.com, ONDC, Amazon और Flipkart के माध्यम से भी की जा रही थी।

इससे जनजातीय उत्पादकों के लिए स्थानीय बाजार से आगे national market तक पहुंचने का अवसर बनता है।

PMJVM 2026-27 में कितनी राशि है?

जनजातीय कार्य मंत्रालय की 2026-27 Scheme Wise Sanction Order & Financial Summary के अनुसार:

PMJVM Allocation: ₹289 करोड़

उसी आधिकारिक summary में PMJVM के लिए 2026-27 में अब तक ₹72.250 करोड़ sanction दर्ज था। यह आंकड़ा मंत्रालय की वेबसाइट पर उपलब्ध वर्तमान financial summary के अनुसार है और समय के साथ बदल सकता है।

योजना के individual sanction orders में भी 2026 में PMJVM के अंतर्गत विभिन्न sanction entries प्रकाशित की गई हैं।

2026 में PMJVM की वर्तमान स्थिति

2026 में भी PMJVM के अंतर्गत livelihood और Van Dhan गतिविधियां जारी हैं।

जुलाई 2026 की PIB जानकारी के अनुसार TRIFED ने PMJVM के तहत 4,172 Van Dhan Vikas Kendras sanction किए थे, जिनसे 12,48,067 members जुड़े बताए गए।

इससे पता चलता है कि योजना केवल कागज पर मौजूद कार्यक्रम नहीं है, बल्कि विभिन्न राज्यों में VDVK और livelihood activities के माध्यम से लागू की जा रही है।

PMJVM में आवेदन कैसे करें?

यहां सबसे जरूरी बात यह है कि PMJVM को सामान्य “एक व्यक्ति ऑनलाइन फॉर्म भरे और पैसे खाते में आएं” वाली योजना न समझें।

योजना के अलग-अलग components के लिए implementation mechanism अलग हो सकता है।

यदि आप जनजातीय उत्पादक हैं

अपने क्षेत्र में:

  • VDVK
  • Van Dhan SHG
  • Tribal Development Department
  • State Implementing Agency
  • TRIFED से संबंधित स्थानीय व्यवस्था

के बारे में जानकारी लें।

यदि आप लघु वनोपज संग्रह करते हैं

देखें कि आपका MFP संबंधित राज्य में PMJVM के तहत procurement और MSP व्यवस्था में शामिल है या नहीं।

यदि आप SHG/समूह बनाना चाहते हैं

अपने जिले के संबंधित जनजातीय विभाग/State Implementing Agency से पूछें कि आपके क्षेत्र में Van Dhan Vikas Kendra की व्यवस्था उपलब्ध है या नहीं।

यदि आप infrastructure project शुरू करना चाहते हैं

संबंधित राज्य implementing agency के माध्यम से DPR और proposal की प्रक्रिया की जानकारी लें।

PMJVM के लिए कौन-कौन से दस्तावेज लग सकते हैं?

योजना के component के अनुसार दस्तावेज अलग हो सकते हैं।

सामान्य रूप से किसी individual/SHG/group की पहचान और eligibility से संबंधित दस्तावेज मांगे जा सकते हैं, जैसे:

  • आधार कार्ड
  • ST प्रमाण पत्र
  • बैंक खाता
  • मोबाइल नंबर
  • पासपोर्ट फोटो
  • SHG registration/records
  • समूह के सदस्यों की जानकारी
  • संगठन/सहकारी संस्था के दस्तावेज
  • उत्पाद से संबंधित जानकारी
  • project proposal/DPR, जहां लागू हो
  • अन्य राज्य/implementing agency द्वारा मांगे गए दस्तावेज

सटीक document list component और राज्य के अनुसार बदल सकती है।

इसलिए किसी एजेंट की बनाई हुई generic list पर निर्भर रहने के बजाय संबंधित विभाग से अंतिम सूची लें।

क्या PMJVM में सिर्फ ST प्रमाण पत्र वाले व्यक्ति लाभ ले सकते हैं?

PMJVM का मूल फोकस Scheduled Tribe communities की livelihood और tribal products पर है। लेकिन योजना के अलग-अलग components में beneficiaries और implementing structures की eligibility अलग हो सकती है।

उदाहरण के लिए PMJVM guidelines में VDSHG और tribal supplier organizations के लिए ST participation की विशेष शर्तें दी गई हैं।

इसलिए केवल “मैं ST हूं” होना हर component में automatic benefit की guarantee नहीं है।

PMJVM में महिलाओं की भूमिका

जनजातीय क्षेत्रों में महिलाएं MFP collection, agriculture, processing और traditional products में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।

Van Dhan SHG model के माध्यम से महिलाओं को:

  • समूह आधारित काम
  • processing
  • packaging
  • value addition
  • entrepreneurship
  • marketing

से जोड़ने का अवसर मिल सकता है।

इस तरह PMJVM केवल forest produce procurement तक सीमित नहीं रहता बल्कि community-based enterprise development को भी बढ़ावा देता है।

PMJVM में सबसे बड़ा फायदा क्या है?

PMJVM का सबसे महत्वपूर्ण पहलू यह है कि यह जनजातीय समुदाय को केवल कच्चा माल बेचने वाले संग्रहकर्ता के रूप में नहीं बल्कि producer और entrepreneur के रूप में विकसित करने की दिशा में काम करता है।

उदाहरण:

पहले:
जंगल से उत्पाद → व्यापारी → बाजार

Value Addition Model:
जंगल/खेत → SHG → VDVK → processing → packaging → branding → बड़ा बाजार

यही परिवर्तन PMJVM की livelihood approach की मुख्य ताकत है।

PMJVM और Van Dhan Yojana में क्या संबंध है?

Van Dhan को PMJVM के livelihood/value-chain framework के महत्वपूर्ण हिस्से के रूप में समझा जा सकता है।

PMJVM में Van Dhan Vikas Kendras के माध्यम से MFP और अन्य tribal produce के:

  • aggregation
  • processing
  • value addition
  • training
  • branding
  • marketing

को बढ़ावा दिया जाता है।

इसलिए PMJVM और Van Dhan को पूरी तरह अलग-अलग योजनाएं समझना सही नहीं होगा।

PMJVM और PM-JANMAN में क्या अंतर है?

दोनों योजनाएं जनजातीय समुदायों के लिए हैं, लेकिन इनका focus अलग है।

PMJVM:
मुख्य रूप से livelihood, MFP, tribal products, value addition, marketing और entrepreneurship पर केंद्रित।

PM-JANMAN:
विशेष रूप से Particularly Vulnerable Tribal Groups (PVTGs) के लिए basic services और socio-economic development पर केंद्रित।

इसलिए यदि कोई व्यक्ति PVTG समुदाय से संबंधित है तो PM-JANMAN की पात्रता भी अलग से देखनी चाहिए।

PMJVM और Tribal Scholarship में क्या अंतर है?

PMJVM छात्रवृत्ति योजना नहीं है।

ST विद्यार्थियों की पढ़ाई के लिए Pre-Matric Scholarship, Post-Matric Scholarship, National Fellowship आदि अलग योजनाएं हैं।

PMJVM का मुख्य focus livelihood और tribal economic activities हैं।

इसलिए यदि कोई छात्र scholarship ढूंढ रहा है तो उसे PMJVM के बजाय संबंधित scholarship scheme देखनी चाहिए।

PMJVM के बारे में 10 महत्वपूर्ण बातें

  1. PMJVM जनजातीय कार्य मंत्रालय की livelihood-oriented scheme है।
  2. इसे दो पुरानी tribal livelihood/marketing schemes को मिलाकर बनाया गया।
  3. TRIFED इसकी nodal implementing agency है।
  4. MFP के लिए MSP mechanism इसका महत्वपूर्ण component है।
  5. Van Dhan Vikas Kendra इसके livelihood/value-addition model का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
  6. Value addition और branding से tribal products को बेहतर बाजार मिल सकता है।
  7. योजना केवल cash assistance देने वाली योजना नहीं है।
  8. प्रत्येक ST व्यक्ति को समान निश्चित राशि मिलने का दावा सही नहीं है।
  9. State Implementing Agencies की महत्वपूर्ण भूमिका होती है।
  10. 2026-27 में PMJVM के लिए ₹289 करोड़ allocation दर्ज है।

PMJVM में आवेदन करने से पहले क्या करें?

यदि आप PMJVM का लाभ लेना चाहते हैं तो सबसे पहले यह पता करें कि आप किस category में आते हैं:

  • MFP Collector → MSP/Procurement
  • Tribal SHG → Van Dhan/Value Addition
  • Tribal Producer → Product Development/Marketing
  • VDVK → Processing/Training/Marketing
  • State Agency → Infrastructure/Procurement Proposal

इसके बाद संबंधित विभाग या implementing agency से वर्तमान प्रक्रिया की जानकारी लें।

PMJVM में धोखाधड़ी से कैसे बचें?

सरकारी योजनाओं के नाम पर कई बार लोग फर्जी आवेदन, registration और commission के नाम पर पैसे मांगते हैं।

इन बातों का ध्यान रखें:

  • “PMJVM में सभी ST लोगों को ₹1 लाख मिलेगा” जैसे दावों से सावधान रहें।
  • किसी अनजान व्यक्ति को OTP न दें।
  • बैंक PIN/ATM PIN साझा न करें।
  • फर्जी website पर Aadhaar/PAN upload न करें।
  • सरकारी योजना के नाम पर advance commission देने से बचें।
  • आवेदन की जानकारी संबंधित सरकारी विभाग से verify करें।
  • PMJVM guidelines और official notices को प्राथमिकता दें।

PMJVM की आधिकारिक वेबसाइट कहां है?

PMJVM से संबंधित official information Ministry of Tribal Affairs की वेबसाइट पर उपलब्ध है।

जनजातीय कार्य मंत्रालय – PMJVM और Livelihood योजनाएं

मंत्रालय की Livelihood Division में PMJVM के साथ-साथ VCF-ST और NSTFDC/STFDC से संबंधित योजनाओं की जानकारी भी उपलब्ध है।

PMJVM Operational Guidelines PDF

PMJVM के लिए जरूरी आधिकारिक स्रोत

जनजातीय कार्य मंत्रालय:
tribal.nic.in

PMJVM Livelihood Page:
PMJVM – Ministry of Tribal Affairs

PMJVM Guidelines:
PMJVM Operational Guidelines

2026-27 Financial Allocation:
PMJVM 2026-27 Scheme-wise Financial Summary

PMJVM योजना 2026 – Frequently Asked Questions

PMJVM का पूरा नाम क्या है?

PMJVM का पूरा नाम Pradhan Mantri Janjatiya Vikas Mission यानी प्रधानमंत्री जनजातीय विकास मिशन है।

PMJVM किस मंत्रालय की योजना है?

यह भारत सरकार के जनजातीय कार्य मंत्रालय की योजना है।

PMJVM का मुख्य उद्देश्य क्या है?

जनजातीय समुदायों की आजीविका और उद्यमिता को मजबूत करना तथा MFP, कृषि एवं अन्य tribal products को value addition और market linkage से जोड़ना।

PMJVM में ₹1 लाख मिलते हैं क्या?

हर ST व्यक्ति को ₹1 लाख की निश्चित cash assistance देने का कोई सामान्य PMJVM प्रावधान नहीं है। योजना के अलग-अलग components के माध्यम से livelihood और enterprise support दिया जाता है।

PMJVM में Van Dhan क्या है?

Van Dhan model के माध्यम से जनजातीय समूहों को MFP और अन्य स्थानीय उत्पादों के collection, processing, value addition और marketing से जोड़ा जाता है।

VDVK में कितने लोग हो सकते हैं?

PMJVM guidelines के अनुसार एक VDVK में लगभग 15 VDSHG और अधिकतम लगभग 300 सदस्य हो सकते हैं।

PMJVM में MSP क्या है?

MSP यानी Minimum Support Price। अधिसूचित MFP के लिए बाजार मूल्य निर्धारित MSP से नीचे जाने पर designated State Agencies द्वारा MSP पर procurement की व्यवस्था हो सकती है।

PMJVM में TRIFED की क्या भूमिका है?

TRIFED PMJVM की nodal implementing agency है और livelihood, Van Dhan, value addition, training तथा marketing से जुड़े implementation में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

PMJVM में 2026-27 का बजट कितना है?

जनजातीय कार्य मंत्रालय की 2026-27 scheme-wise financial summary में PMJVM के लिए ₹289 करोड़ allocation दर्ज है।

क्या PMJVM में ऑनलाइन आवेदन किया जा सकता है?

यह component और राज्य की implementation व्यवस्था पर निर्भर करता है। PMJVM सामान्य व्यक्तिगत cash-benefit application scheme नहीं है। Van Dhan, MFP procurement और infrastructure जैसे components के लिए संबंधित State Implementing Agency/जनजातीय विभाग की प्रक्रिया महत्वपूर्ण है।

निष्कर्ष

प्रधानमंत्री जनजातीय विकास मिशन (PMJVM) को केवल एक सरकारी सहायता योजना के रूप में नहीं बल्कि जनजातीय समुदायों की पूरी livelihood value chain को मजबूत करने वाले मिशन के रूप में समझना चाहिए।

इस योजना में लघु वनोपज के लिए MSP, Van Dhan Vikas Kendra, value addition, processing, training, branding, packaging और marketing जैसे महत्वपूर्ण पहलुओं को जोड़ा गया है।

इसका सबसे बड़ा उद्देश्य यह है कि जनजातीय परिवार अपने जंगल और स्थानीय संसाधनों से मिलने वाले उत्पादों को केवल कच्चे रूप में बेचने के बजाय उन्हें बेहतर तरीके से process करके अधिक मूल्य वाले उत्पादों में बदल सकें और बड़े बाजारों तक पहुंच बना सकें।

2026-27 में PMJVM के लिए ₹289 करोड़ का allocation दर्ज है और 2026 में भी योजना के अंतर्गत Van Dhan Vikas Kendras तथा livelihood activities के लिए सरकारी sanction जारी हुए हैं।

यदि आप जनजातीय समुदाय से हैं, लघु वनोपज का संग्रह करते हैं, Van Dhan SHG/VDVK से जुड़े हैं या tribal products का व्यवसाय करते हैं, तो अपने जिले की State Implementing Agency, जनजातीय विभाग या संबंधित VDVK से यह जरूर पता करें कि आपके क्षेत्र में PMJVM के कौन-कौन से components सक्रिय हैं।

सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि PMJVM को “हर आदिवासी को सीधे पैसा देने वाली योजना” समझना गलत है। इसका वास्तविक फोकस जनजातीय समुदायों को उनके प्राकृतिक संसाधनों, पारंपरिक कौशल और स्थानीय उत्पादों के माध्यम से संगठित आजीविका और टिकाऊ आर्थिक अवसर उपलब्ध कराने पर है।

PMJVM योजना – Quick Facts

  • योजना का नाम: प्रधानमंत्री जनजातीय विकास मिशन
  • English Name: Pradhan Mantri Janjatiya Vikas Mission
  • Short Name: PMJVM
  • मंत्रालय: जनजातीय कार्य मंत्रालय, भारत सरकार
  • मुख्य implementing agency: TRIFED
  • मुख्य क्षेत्र: Tribal Livelihood & Entrepreneurship
  • प्रमुख component: Minor Forest Produce (MFP) MSP
  • महत्वपूर्ण पहल: Van Dhan Vikas Kendra
  • मुख्य गतिविधियां: Collection, Processing, Value Addition, Branding और Marketing
  • लक्षित समुदाय: मुख्य रूप से जनजातीय समुदाय और tribal producer ecosystem

2026-27 Allocation: ₹289 करोड़

Umesh Shriwas

मेरा नाम उमेश कुमार श्रीवास है। मैं Jaankaarilo.in का संस्थापक एवं कंटेंट ब्लॉगर हूँ। मैं RTI, श्रमिक अधिकार, सरकारी योजनाओं, कानून और प्रशासनिक प्रक्रियाओं से जुड़ी सरल, उपयोगी और विश्वसनीय जानकारी आम नागरिकों तक पहुंचाने का प्रयास करता हूँ, ताकि लोग अपने अधिकारों को समझें और सरकारी सेवाओं एवं योजनाओं का सही लाभ उठा सकें।

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