मध्य प्रदेश स्वामित्व योजना 2026 की पूरी जानकारी जानें। Property Card, ड्रोन सर्वे, पात्रता, फायदे, स्टेटस चेक और नाम में गलती होने पर क्या करें।
मध्य प्रदेश स्वामित्व योजना 2026: संपत्ति कार्ड कैसे मिलेगा? पूरी जानकारी
मध्य प्रदेश स्वामित्व योजना 2026: गांव में रहने वाले जिन लोगों के मकान या संपत्ति आबादी क्षेत्र में स्थित हैं, उनके लिए स्वामित्व योजना बेहद महत्वपूर्ण है। इस योजना के तहत ग्रामीण आबादी क्षेत्र की संपत्तियों का ड्रोन सर्वे, डिजिटल मैपिंग और भूमि सीमाओं का सत्यापन किया जाता है। प्रक्रिया पूरी होने के बाद पात्र संपत्ति मालिकों को Property Card यानी संपत्ति कार्ड/Record of Rights उपलब्ध कराया जाता है।
अगर आप जानना चाहते हैं कि मध्य प्रदेश स्वामित्व योजना क्या है, Property Card कैसे बनता है, ड्रोन सर्वे कैसे होता है, स्वामित्व योजना में नाम कैसे चेक करें, संपत्ति कार्ड के क्या फायदे हैं और कार्ड में गलती होने पर क्या करें, तो इस लेख में आपको पूरी जानकारी आसान भाषा में मिलेगी।
मध्य प्रदेश स्वामित्व योजना 2026 क्या है?
स्वामित्व योजना (SVAMITVA Scheme) भारत सरकार की एक महत्वपूर्ण योजना है, जिसका उद्देश्य ग्रामीण आबादी क्षेत्रों में रहने वाले संपत्ति मालिकों को उनकी संपत्ति का स्पष्ट Record of Rights उपलब्ध कराना है।
SVAMITVA का पूरा नाम है:
Survey of Villages Abadi and Mapping with Improvised Technology in Village Areas
इस योजना के तहत ग्रामीण आबादी क्षेत्र की संपत्तियों का आधुनिक तकनीक से सर्वे किया जाता है। ड्रोन सर्वे और CORS तकनीक की मदद से उच्च सटीकता वाले नक्शे तैयार किए जाते हैं। इसके बाद स्थानीय स्तर पर सत्यापन और आपत्तियों के निराकरण की प्रक्रिया पूरी होने के बाद राज्य सरकार द्वारा Property Card जारी किया जाता है।
योजना की शुरुआत 24 अप्रैल 2020 को राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस के अवसर पर की गई थी।
स्वामित्व योजना का मुख्य उद्देश्य क्या है?
स्वामित्व योजना का उद्देश्य सिर्फ गांव का नक्शा तैयार करना नहीं है। इसके माध्यम से ग्रामीण संपत्तियों को औपचारिक रिकॉर्ड से जोड़ने और संपत्ति के अधिकार को अधिक स्पष्ट बनाने का प्रयास किया जाता है।
- योजना के प्रमुख उद्देश्य हैं:
- ग्रामीण आबादी क्षेत्र की संपत्तियों का सटीक सर्वे करना
- संपत्ति की सीमाओं का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार करना
- संपत्ति मालिकों को Record of Rights उपलब्ध कराना
- संपत्ति संबंधी विवादों को कम करने में सहायता करना
- ग्रामीण संपत्तियों को आर्थिक संपत्ति के रूप में उपयोग करने में मदद करना
- बैंक और संस्थागत ऋण तक पहुंच आसान बनाने में सहायता करना
- ग्राम पंचायतों को बेहतर योजना बनाने के लिए डिजिटल नक्शा उपलब्ध कराना
- ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल संपत्ति रिकॉर्ड को बढ़ावा देना
भारत सरकार के अनुसार ड्रोन आधारित मैपिंग और स्पष्ट संपत्ति सीमाओं से संपत्ति विवादों को कम करने में मदद मिल सकती है।
मध्य प्रदेश में स्वामित्व योजना की स्थिति 2026
मध्य प्रदेश में SVAMITVA योजना का कार्य बड़े स्तर पर चल रहा है।
3 फरवरी 2026 के PIB अपडेट के अनुसार मध्य प्रदेश में 39,474 गांवों के लिए 65,65,879 Property Cards तैयार किए जा चुके थे।
मार्च 2026 के केंद्र सरकार के अपडेट में देशभर में SVAMITVA के तहत 3.10 करोड़ Property Cards तैयार होने और 2.65 करोड़ Property Cards वितरित होने की जानकारी दी गई थी।
सरकारी आंकड़े समय-समय पर अपडेट होते रहते हैं। इसलिए अपने गांव की वर्तमान स्थिति जानने के लिए हमेशा नवीनतम आधिकारिक रिकॉर्ड देखना चाहिए।
मध्य प्रदेश के लिए महत्वपूर्ण आंकड़ा
| विवरण | उपलब्ध सरकारी आंकड़ा |
|---|---|
| मध्य प्रदेश में Property Card तैयार गांव | 39,474 |
| तैयार Property Cards | 65,65,879 |
| आंकड़े की तारीख | 29 जनवरी 2026 |
| स्रोत | भारत सरकार, PIB |
नोट: यह आंकड़ा 29 जनवरी 2026 की स्थिति पर आधारित है। वर्तमान संख्या इससे अलग हो सकती है क्योंकि सरकारी डैशबोर्ड लगातार अपडेट होते हैं।
स्वामित्व योजना में ड्रोन सर्वे कैसे होता है?
SVAMITVA योजना की सबसे खास विशेषता Drone Based Survey है।
इस प्रक्रिया में गांव के आबादी क्षेत्र की उच्च-रिजॉल्यूशन तस्वीरें और डिजिटल मैपिंग डेटा तैयार किया जाता है।
भारत सरकार के अनुसार इस प्रक्रिया में CORS यानी Continuously Operating Reference Stations तकनीक का भी उपयोग किया जाता है। तैयार किए गए नक्शे उच्च रिजॉल्यूशन वाले होते हैं और लगभग 5 सेंटीमीटर तक की सटीकता का उल्लेख सरकारी जानकारी में किया गया है।
ड्रोन सर्वे की सामान्य प्रक्रिया
गांव का चयन
↓
आबादी क्षेत्र की पहचान
↓
ड्रोन सर्वे
↓
डिजिटल/जियो-रेफरेंस्ड मैप
↓
जमीन पर सत्यापन
↓
दावे और आपत्तियां
↓
आपत्तियों/विवादों का समाधान
↓
Property Card तैयार
↓
Property Card वितरण
Property Card जारी करने से पहले ground verification और objections/disputes के resolution की प्रक्रिया राज्य स्तर पर की जाती है।
स्वामित्व योजना का Property Card क्या होता है?
Property Card ग्रामीण आबादी क्षेत्र में स्थित संपत्ति के अधिकारों का रिकॉर्ड उपलब्ध कराने वाला दस्तावेज है।
इसे सामान्य भाषा में:
- संपत्ति कार्ड
- Property Card
- अधिकार अभिलेख
- Record of Rights
जैसे शब्दों से समझा जा सकता है।
लेकिन एक जरूरी बात ध्यान रखें:
SVAMITVA Property Card को कृषि भूमि की खसरा-खतौनी का दूसरा नाम नहीं समझना चाहिए।
SVAMITVA का मुख्य फोकस ग्रामीण आबादी क्षेत्र की संपत्तियों का सर्वे और अधिकार रिकॉर्ड तैयार करना है।
भारत सरकार के आधिकारिक SVAMITVA पोर्टल पर मध्य प्रदेश के लिए Property Card Format भी उपलब्ध है।
क्या स्वामित्व योजना में हर जमीन का कार्ड बनता है?
नहीं।
यह योजना मुख्य रूप से गांव के आबादी क्षेत्र में स्थित पात्र संपत्तियों के सर्वे और रिकॉर्ड से संबंधित है।
इसका मतलब यह नहीं है कि गांव की प्रत्येक कृषि भूमि का SVAMITVA Property Card बनाया जाएगा।
अगर आपके पास खेत की जमीन है, तो उसके रिकॉर्ड के लिए राज्य की राजस्व रिकॉर्ड व्यवस्था, जैसे खसरा और अन्य संबंधित अभिलेख, अलग हो सकते हैं।
इसलिए आबादी भूमि और कृषि भूमि के रिकॉर्ड को अलग-अलग समझना जरूरी है।
मध्य प्रदेश में स्वामित्व योजना का Property Card कैसे बनेगा?
Property Card तैयार होने की प्रक्रिया को आसान भाषा में इस तरह समझ सकते हैं।
Step 1: गांव को योजना में शामिल किया जाता है
सबसे पहले संबंधित गांव को योजना के अंतर्गत सर्वे के लिए लिया जाता है।
Step 2: आबादी क्षेत्र की पहचान
गांव के आबादी क्षेत्र को चिन्हित किया जाता है।
Step 3: ड्रोन सर्वे
ड्रोन की मदद से आबादी क्षेत्र की मैपिंग की जाती है।
Step 4: डिजिटल नक्शा तैयार
सर्वे डेटा से डिजिटल और जियो-रेफरेंस्ड नक्शा तैयार किया जाता है।
Step 5: जमीन पर सत्यापन
तैयार नक्शे और वास्तविक जमीन की स्थिति का सत्यापन किया जाता है।
Step 6: दावा और आपत्ति
यदि संपत्ति मालिक को नाम, सीमा, क्षेत्रफल या अन्य विवरण में आपत्ति है, तो निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार दावा या आपत्ति प्रस्तुत करने का अवसर दिया जा सकता है।
Step 7: विवादों का समाधान
सक्षम राज्य प्राधिकारी द्वारा आपत्तियों और विवादों का निपटारा किया जाता है।
Step 8: Property Card तैयार
सत्यापन और आवश्यक प्रक्रिया पूरी होने के बाद Property Card तैयार किया जाता है।
Step 9: Property Card वितरण
तैयार रिकॉर्ड के आधार पर संपत्ति कार्ड वितरित किया जाता है।
स्वामित्व योजना में अपना नाम कैसे चेक करें?
अगर आप यह जानना चाहते हैं कि मध्य प्रदेश में मेरा स्वामित्व योजना का Property Card बना है या नहीं, तो आपको आधिकारिक SVAMITVA पोर्टल और मध्य प्रदेश की संबंधित राजस्व व्यवस्था में उपलब्ध जानकारी देखनी चाहिए।
SVAMITVA की आधिकारिक रिपोर्ट प्रणाली में Property Card Prepared और Property Card Distributed जैसे अलग-अलग चरणों की जानकारी उपलब्ध होती है।
अपने गांव की स्थिति देखने के लिए सामान्य रूप से आपको यह जानकारी पता होनी चाहिए:
- जिला
- तहसील
- गांव का नाम
- गांव का कोड, यदि उपलब्ध हो
महत्वपूर्ण बात
गांव का ड्रोन सर्वे पूरा होना और आपका Property Card बन जाना एक ही बात नहीं है।
सर्वे, नक्शा तैयार होना, सत्यापन, दावा-आपत्ति, Property Card तैयार होना और वितरण अलग-अलग चरण हो सकते हैं।
मध्य प्रदेश स्वामित्व योजना का स्टेटस कहां देखें?
स्वामित्व योजना से संबंधित जानकारी के लिए भारत सरकार का आधिकारिक SVAMITVA Portal सबसे महत्वपूर्ण स्रोत है।
मध्य प्रदेश में राजस्व प्रशासन की डिजिटल व्यवस्था में SARA पोर्टल भी महत्वपूर्ण है।
अपने गांव की स्थिति जानने के लिए अनधिकृत वेबसाइटों या सोशल मीडिया पोस्ट के बजाय सरकारी पोर्टल का उपयोग करें।
अगर Property Card में नाम गलत है तो क्या करें?
अगर आपके Property Card या संबंधित रिकॉर्ड में कोई गलती है, जैसे:
- नाम गलत दर्ज है
- पिता या पति का नाम गलत है
- संपत्ति की सीमा गलत है
- क्षेत्रफल में अंतर है
- संपत्ति किसी दूसरे व्यक्ति के नाम दर्ज है
- मकान या प्लॉट की स्थिति गलत है
तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार संबंधित राजस्व अधिकारी या सक्षम प्राधिकारी के सामने दावा/आपत्ति प्रस्तुत करनी चाहिए।
भारत सरकार की जानकारी के अनुसार Property Card जारी करने से पहले ground verification और objections/disputes के resolution की प्रक्रिया शामिल है।
दावा या आपत्ति करते समय क्या रखें?
उपलब्ध होने पर निम्न दस्तावेज उपयोगी हो सकते हैं:
- पुराने संपत्ति दस्तावेज
- खरीद-बिक्री से संबंधित दस्तावेज
- विरासत संबंधी दस्तावेज
- पुराने नक्शे
- उपलब्ध राजस्व रिकॉर्ड
- पंचायत से संबंधित रिकॉर्ड
- पहचान संबंधी दस्तावेज
दस्तावेजों की वास्तविक आवश्यकता स्थानीय प्रक्रिया के अनुसार अलग हो सकती है।
स्वामित्व योजना के क्या फायदे हैं?
1. संपत्ति का स्पष्ट रिकॉर्ड
ग्रामीण आबादी क्षेत्र की संपत्ति को औपचारिक रिकॉर्ड से जोड़ने में मदद मिलती है।
2. संपत्ति की सीमा स्पष्ट करने में मदद
ड्रोन मैपिंग और ground verification के माध्यम से संपत्ति की सीमाओं को रिकॉर्ड करने में सहायता मिलती है।
3. संपत्ति विवाद कम करने में सहायता
स्पष्ट नक्शे और अधिकार रिकॉर्ड से कुछ प्रकार के संपत्ति विवादों को कम करने में मदद मिल सकती है।
4. बैंक लोन में उपयोगिता
Property Card ग्रामीण संपत्ति को आर्थिक संपत्ति के रूप में उपयोग करने और संस्थागत ऋण तक पहुंच आसान बनाने में मदद कर सकता है।
अगस्त 2026 की PIB जानकारी के अनुसार SVAMITVA Property Cards के आधार पर 11,147 ऋणों में ₹1,713 करोड़ वितरित किए जा चुके थे।
हालांकि इसका अर्थ यह नहीं है कि प्रत्येक Property Card धारक को स्वतः बैंक लोन मिल जाएगा। ऋण बैंक की पात्रता और अन्य शर्तों पर निर्भर करता है।
5. ग्राम पंचायत की योजना बनाने में मदद
डिजिटल गांव का नक्शा पंचायत स्तर पर विकास कार्यों और स्थानीय संसाधनों की बेहतर योजना बनाने में उपयोगी हो सकता है।
6. डिजिटल ग्रामीण संपत्ति रिकॉर्ड
योजना ग्रामीण संपत्ति रिकॉर्ड को आधुनिक डिजिटल व्यवस्था से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
क्या Property Card मिलने से संपत्ति विवाद खत्म हो जाता है?
नहीं।
Property Card का उद्देश्य संपत्ति के अधिकार और सीमाओं का रिकॉर्ड अधिक स्पष्ट बनाना तथा विवादों को कम करने में सहायता करना है।
लेकिन यदि संपत्ति पर पहले से न्यायालयीन मामला, उत्तराधिकार विवाद या कोई अन्य कानूनी विवाद है, तो केवल Property Card जारी होने से वह विवाद अपने आप समाप्त नहीं हो जाता।
ऐसे मामलों में संबंधित कानून और सक्षम प्राधिकारी/न्यायालय की प्रक्रिया लागू होगी।
क्या Property Card से बैंक लोन मिलेगा?
Property Card बैंक ऋण के लिए उपयोगी हो सकता है, लेकिन लोन मिलना निश्चित नहीं है।
भारत सरकार के अनुसार SVAMITVA Property Cards के आधार पर बैंक ऋण दिए जा चुके हैं। अगस्त 2026 तक 11,147 ऋणों में ₹1,713 करोड़ वितरित होने की जानकारी PIB ने दी है।
बैंक लोन के लिए बैंक की अपनी शर्तें, दस्तावेज, संपत्ति की स्थिति और ऋण पात्रता लागू होगी।
स्वामित्व योजना और खसरा-खतौनी में क्या अंतर है?
दोनों को एक जैसा नहीं समझना चाहिए।
SVAMITVA Property Card मुख्य रूप से ग्रामीण आबादी क्षेत्र की संपत्तियों के अधिकार रिकॉर्ड से जुड़ा है।
वहीं खसरा-खतौनी जैसे राजस्व रिकॉर्ड भूमि रिकॉर्ड व्यवस्था से संबंधित होते हैं और कृषि भूमि के रिकॉर्ड के संदर्भ में महत्वपूर्ण हो सकते हैं।
इसलिए किसी व्यक्ति के पास कृषि भूमि का खसरा रिकॉर्ड और घर की आबादी भूमि का SVAMITVA Property Card अलग-अलग रिकॉर्ड हो सकते हैं।
स्वामित्व योजना और प्रधानमंत्री आवास योजना में अंतर
| स्वामित्व योजना | प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण |
|---|---|
| ग्रामीण आबादी संपत्ति का रिकॉर्ड | ग्रामीण परिवारों को आवास सहायता |
| ड्रोन सर्वे और डिजिटल मैपिंग | घर निर्माण के लिए सहायता |
| Property Card/Record of Rights | पक्का मकान |
| संपत्ति की सीमा और अधिकार रिकॉर्ड | ग्रामीण आवास |
| संपत्ति रिकॉर्ड से संबंधित | आवास निर्माण से संबंधित |
इसलिए स्वामित्व योजना में Property Card मिलने का अर्थ मुफ्त मकान मिलना नहीं है।
स्वामित्व योजना से ग्राम पंचायत को क्या लाभ है?
SVAMITVA का फायदा केवल व्यक्तिगत संपत्ति मालिक तक सीमित नहीं है।
डिजिटल गांव के नक्शे से ग्राम पंचायत को अपने क्षेत्र की संपत्तियों और संसाधनों की बेहतर जानकारी मिल सकती है।
इससे:
- ग्राम पंचायत विकास योजना
- स्थानीय बुनियादी ढांचे की योजना
- सार्वजनिक सुविधाओं की योजना
- संपत्ति कर आकलन
- गांव के संसाधनों की मैपिंग
जैसे कार्यों में सहायता मिल सकती है।
भारत सरकार के अनुसार SVAMITVA से Gram Panchayat स्तर पर planning और property tax assessment के लिए आधार उपलब्ध कराने में मदद मिलती है।
अगर गांव में ड्रोन सर्वे हो गया है लेकिन Property Card नहीं मिला तो?
इस स्थिति में परेशान होने की जरूरत नहीं है। क्योंकि ड्रोन सर्वे योजना का केवल एक चरण है।
इसके बाद:
मैप तैयार → ग्राउंड वेरिफिकेशन → दावा/आपत्ति → विवाद समाधान → Property Card तैयार → Property Card वितरण
जैसी प्रक्रियाएं हो सकती हैं।
इसलिए केवल ड्रोन सर्वे हो जाने से यह जरूरी नहीं है कि उसी समय Property Card भी जारी हो जाए।
मध्य प्रदेश स्वामित्व योजना 2026 के लिए जरूरी बातें
| विषय | जानकारी |
|---|---|
| योजना का नाम | स्वामित्व योजना |
| अंग्रेजी नाम | SVAMITVA Scheme |
| पूरा नाम | Survey of Villages Abadi and Mapping with Improvised Technology in Village Areas |
| शुरुआत | 24 अप्रैल 2020 |
| मुख्य क्षेत्र | ग्रामीण आबादी क्षेत्र |
| मुख्य तकनीक | Drone Survey, GIS, CORS |
| मुख्य दस्तावेज | Property Card / Record of Rights |
| मुख्य उद्देश्य | ग्रामीण संपत्ति का स्पष्ट अधिकार रिकॉर्ड |
| मध्य प्रदेश में स्थिति | बड़े स्तर पर क्रियान्वयन |
| आधिकारिक पोर्टल | SVAMITVA Portal |
| राज्य स्तर की व्यवस्था | MP SARA |
मध्य प्रदेश स्वामित्व योजना 2026: अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
स्वामित्व योजना क्या है?
स्वामित्व योजना ग्रामीण आबादी क्षेत्रों में संपत्तियों का ड्रोन और आधुनिक तकनीक से सर्वे करके संपत्ति मालिकों को Record of Rights/Property Card उपलब्ध कराने की योजना है।
मध्य प्रदेश में स्वामित्व योजना लागू है?
हाँ। मध्य प्रदेश SVAMITVA योजना के कार्यान्वयन वाले राज्यों में शामिल है और राज्य के लिए Property Card से संबंधित सरकारी रिकॉर्ड उपलब्ध हैं।
स्वामित्व योजना का Property Card क्या है?
यह ग्रामीण आबादी क्षेत्र में स्थित संपत्ति के अधिकार/स्वामित्व रिकॉर्ड से संबंधित दस्तावेज है।
क्या हर जमीन का Property Card बनता है?
नहीं। योजना मुख्य रूप से ग्रामीण आबादी क्षेत्र में स्थित पात्र संपत्तियों के सर्वे और रिकॉर्ड से संबंधित है।
क्या खेत की जमीन का Property Card बनेगा?
SVAMITVA का मुख्य फोकस ग्रामीण आबादी क्षेत्र है। कृषि भूमि के रिकॉर्ड अलग राजस्व व्यवस्था के अंतर्गत हो सकते हैं।
Property Card कैसे बनता है?
ड्रोन सर्वे, डिजिटल मैपिंग, ground verification, दावा-आपत्ति और विवाद समाधान जैसी प्रक्रियाओं के बाद राज्य सरकार द्वारा Property Card तैयार और वितरित किया जाता है।
क्या Property Card से बैंक लोन मिल सकता है?
Property Card बैंक ऋण प्राप्त करने में उपयोगी हो सकता है, लेकिन लोन स्वीकृति बैंक की पात्रता और नियमों पर निर्भर करती है।
Property Card में नाम गलत हो तो क्या करें?
निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार संबंधित राजस्व अधिकारी या सक्षम प्राधिकारी के सामने दावा/आपत्ति प्रस्तुत करनी चाहिए।
स्वामित्व योजना में गांव का स्टेटस कैसे देखें?
SVAMITVA के आधिकारिक पोर्टल पर उपलब्ध रिपोर्ट और मध्य प्रदेश की संबंधित राजस्व व्यवस्था के माध्यम से गांव की स्थिति की जानकारी प्राप्त की जा सकती है।
क्या Property Card मिलने से सभी जमीन विवाद खत्म हो जाते हैं?
नहीं। Property Card विवादों को कम करने और रिकॉर्ड स्पष्ट करने में मदद कर सकता है, लेकिन हर कानूनी विवाद अपने आप समाप्त नहीं होता।
निष्कर्ष
मध्य प्रदेश स्वामित्व योजना 2026 ग्रामीण आबादी क्षेत्र में रहने वाले परिवारों के लिए संपत्ति रिकॉर्ड को अधिक व्यवस्थित और डिजिटल बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।
ड्रोन सर्वे, CORS तकनीक, डिजिटल मैपिंग, ground verification और दावा-आपत्ति की प्रक्रिया के माध्यम से ग्रामीण संपत्तियों की सीमाओं और अधिकारों का रिकॉर्ड तैयार किया जाता है। इसके बाद पात्र संपत्ति मालिकों को Property Card उपलब्ध कराया जाता है।
मध्य प्रदेश में योजना बड़े स्तर पर लागू हो चुकी है। जनवरी 2026 की सरकारी जानकारी में राज्य के लिए 65 लाख से अधिक Property Cards तैयार होने की जानकारी दी गई थी।
अगर आपके गांव में ड्रोन सर्वे हो चुका है, लेकिन अभी Property Card नहीं मिला है, तो यह समझना जरूरी है कि सर्वे और कार्ड वितरण अलग-अलग चरण हैं।
सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि अपनी संपत्ति से संबंधित जानकारी के लिए आधिकारिक सरकारी रिकॉर्ड को ही अंतिम आधार मानें और नाम, सीमा या क्षेत्रफल में गलती होने पर निर्धारित दावा/आपत्ति प्रक्रिया का उपयोग करें।
आधिकारिक स्रोत
भारत सरकार के SVAMITVA Portal पर योजना, Property Card Format और प्रगति से संबंधित आधिकारिक जानकारी उपलब्ध है। मध्य प्रदेश के लिए Property Card Format भी आधिकारिक पोर्टल पर उपलब्ध है।
भारत सरकार के PIB अपडेट में SVAMITVA योजना की प्रगति, ड्रोन सर्वे, Property Cards और बैंक ऋण से संबंधित नवीनतम जानकारी उपलब्ध है।
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