मध्य प्रदेश आर्थिक संबल योजना 2026: ₹4 लाख सहायता

By Umesh Shriwas

September 15, 2026

मध्य प्रदेश संबल योजना 2026 में दुर्घटना मृत्यु पर ₹4 लाख सहायता और संबल कार्ड

Table of Contents

मध्य प्रदेश संबल योजना 2026 की पूरी जानकारी: दुर्घटना में मृत्यु पर ₹4 लाख, सामान्य मृत्यु पर ₹2 लाख, संबल कार्ड, पात्रता, आवेदन और स्टेटस जानें।

मध्य प्रदेश आर्थिक संबल योजना 2026: दुर्घटना लाभ, ₹4 लाख सहायता और संबल कार्ड की पूरी जानकारी

मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री जनकल्याण (संबल 2.0) योजना असंगठित क्षेत्र के पंजीकृत श्रमिकों और उनके परिवारों को सामाजिक एवं आर्थिक सुरक्षा देने वाली महत्वपूर्ण योजना है। योजना के तहत पात्र श्रमिक की दुर्घटना में मृत्यु होने पर ₹4 लाख की अनुग्रह सहायता, सामान्य मृत्यु पर ₹2 लाख, स्थायी अपंगता पर ₹2 लाख और आंशिक स्थायी अपंगता पर ₹1 लाख की सहायता का प्रावधान है। इसके अलावा अंत्येष्टि सहायता के रूप में ₹5,000 दिए जाने का प्रावधान है।

संबल 2.0 केवल दुर्घटना सहायता तक सीमित नहीं है। इसका उद्देश्य ऐसे असंगठित श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा उपलब्ध कराना है जिन्हें निर्धारित सामाजिक सुरक्षा सुविधाओं का लाभ नहीं मिल रहा है। योजना के लिए पंजीयन, आवेदन और संबंधित सेवाएं ऑनलाइन उपलब्ध हैं तथा स्वीकृत सहायता राशि DBT के माध्यम से बैंक खाते में भेजी जाती है।

मुख्यमंत्री जनकल्याण संबल 2.0 योजना क्या है?

मुख्यमंत्री जनकल्याण (संबल 2.0) योजना मध्य प्रदेश श्रम विभाग से संबंधित राज्य प्रवर्तित सामाजिक सुरक्षा योजना है। इसे असंगठित क्षेत्र के ऐसे पंजीकृत श्रमिकों और उनके परिवारों को आर्थिक सुरक्षा देने के उद्देश्य से संचालित किया जाता है, जिन्हें निर्धारित सामाजिक सुरक्षा निधि या अन्य संबंधित सामाजिक सुरक्षा लाभ प्राप्त नहीं होते।

मध्य प्रदेश में मूल संबल योजना वर्ष 2018 में शुरू की गई थी। बाद में पंजीयन और लाभ से जुड़ी प्रक्रियाओं को सरल एवं अधिक पारदर्शी बनाने के लिए संबल 2.0 और उसका पोर्टल विकसित किया गया। जिला दमोह की मध्य प्रदेश सरकार की आधिकारिक वेबसाइट भी योजना के तहत नए पंजीयन और पूर्व में अपात्र किए गए श्रमिकों के पुनः पंजीयन की सुविधा का उल्लेख करती है।

संबल योजना का मुख्य उद्देश्य

योजना का मुख्य उद्देश्य असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा उपलब्ध कराना है। विशेष रूप से श्रमिक या उसके परिवार के सामने मृत्यु, दुर्घटना या दिव्यांगता जैसी स्थिति आने पर निर्धारित आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना इसका महत्वपूर्ण हिस्सा है।

संबल योजना 2026 में कितनी आर्थिक सहायता मिलती है?

संबल 2.0 के तहत प्रमुख सहायता राशि इस प्रकार है:

स्थिति सहायता राशि
अंत्येष्टि सहायता ₹5,000
दुर्घटना में मृत्यु ₹4,00,000
सामान्य मृत्यु ₹2,00,000
स्थायी अपंगता ₹2,00,000
आंशिक स्थायी अपंगता ₹1,00,000

ये राशि मध्य प्रदेश शासन के योजना डैशबोर्ड में दर्ज प्रावधानों के अनुसार हैं। भुगतान DBT के माध्यम से सीधे हितग्राही के बैंक खाते में किया जाता है।

दुर्घटना में मृत्यु होने पर ₹4 लाख किसे मिलेंगे?

संबल योजना का सबसे महत्वपूर्ण लाभ दुर्घटना में मृत्यु होने पर ₹4 लाख की अनुग्रह सहायता है।

यदि योजना में पंजीकृत और पात्र असंगठित श्रमिक की दुर्घटना में मृत्यु हो जाती है, तो निर्धारित नियमों के अनुसार उसके पात्र उत्तराधिकारी/परिवार को ₹4 लाख की सहायता मिल सकती है।

यह समझना जरूरी है कि केवल संबल कार्ड होना अपने आप ₹4 लाख का भुगतान सुनिश्चित नहीं करता। मृत्यु के मामले में पात्रता, पंजीयन की स्थिति और आवश्यक दस्तावेजों की जांच के बाद सहायता स्वीकृत की जाती है।

मध्य प्रदेश शासन के आधिकारिक रिकॉर्ड में भी संबल 2.0 के अंतर्गत मृत्यु अनुग्रह सहायता के मामलों में पात्रता के आधार पर भुगतान किए जाने की जानकारी दी गई है।

सामान्य मृत्यु पर कितनी सहायता मिलती है?

यदि पंजीकृत श्रमिक की मृत्यु दुर्घटना के कारण नहीं बल्कि सामान्य मृत्यु के रूप में होती है, तो योजना के अंतर्गत ₹2 लाख की अनुग्रह सहायता का प्रावधान है।

इसलिए दुर्घटना मृत्यु और सामान्य मृत्यु के लाभ को अलग-अलग समझना जरूरी है:

  • दुर्घटना में मृत्यु — ₹4 लाख
  • सामान्य मृत्यु — ₹2 लाख

स्थायी अपंगता पर ₹2 लाख

दुर्घटना के कारण श्रमिक को निर्धारित श्रेणी की स्थायी अपंगता होने पर ₹2 लाख की सहायता का प्रावधान है।

स्थायी अपंगता के मामले में संबंधित प्रमाण-पत्र और योजना के नियमों के अनुसार पात्रता निर्धारित की जाती है।

आंशिक स्थायी अपंगता पर ₹1 लाख

आंशिक स्थायी अपंगता की स्थिति में ₹1 लाख की सहायता का प्रावधान है।

इस लाभ के लिए भी संबंधित चिकित्सा/दिव्यांगता प्रमाण और अन्य आवश्यक दस्तावेजों की जांच की जा सकती है।

अंत्येष्टि सहायता कितनी है?

संबल 2.0 में ₹5,000 की अंत्येष्टि सहायता का प्रावधान है। यह मृत्यु के बाद अंतिम संस्कार से जुड़ी तत्काल आर्थिक जरूरत में सहायता देने के उद्देश्य से है।

मध्य प्रदेश विधानसभा के रिकॉर्ड में भी संबल 2.0 के अंतर्गत मृत्यु के बाद अंत्येष्टि सहायता को तत्काल प्रदान किए जाने की जानकारी दर्ज है।

संबल योजना में कौन पात्र हो सकता है?

संबल योजना मुख्य रूप से असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के लिए है। आधिकारिक योजना विवरण के अनुसार इसका उद्देश्य ऐसे पंजीकृत असंगठित श्रमिकों को आर्थिक सुरक्षा देना है जिन्हें निर्धारित सामाजिक सुरक्षा निधि का लाभ प्राप्त नहीं होता।

सिर्फ यह कहना पर्याप्त नहीं है कि कोई व्यक्ति मजदूरी करता है। पंजीयन के समय योजना के निर्धारित नियमों के अनुसार श्रमिक की स्थिति और परिवार से संबंधित जानकारी का सत्यापन किया जाता है।

उपलब्ध संबल 2.0 पंजीयन जांच निर्देशों में मध्य प्रदेश निवासी होने, आयु, शासकीय सेवा एवं आयकरदाता होने तथा कृषि भूमि जैसी परिस्थितियों की जांच का उल्लेख मिलता है।

इसलिए आवेदन करने से पहले अपनी वास्तविक पात्रता की जांच करना जरूरी है।

पात्रता जांच में किन बातों का ध्यान रखें?

आवेदन से पहले सामान्य रूप से इन बातों की जांच करें:

  • क्या आपका मध्य प्रदेश में वैध निवास है?
  • क्या आप असंगठित क्षेत्र में काम करते हैं?
  • क्या आपका संबल पंजीयन वैध/सक्रिय है?
  • क्या आपकी समग्र जानकारी सही है?
  • क्या आधार संबंधी जानकारी सही है?
  • क्या आप या आपके पति/पत्नी सरकारी सेवा में हैं?
  • क्या आप या आपके पति/पत्नी आयकरदाता हैं?
  • क्या परिवार/कृषि भूमि संबंधी जानकारी योजना के नियमों के अनुरूप है?
  • क्या बैंक खाता और अन्य विवरण सही हैं?

ध्यान दें: पात्रता की अंतिम स्वीकृति संबंधित सरकारी नियमों और जांच के आधार पर होती है। इसलिए इंटरनेट पर बताई गई किसी एक पात्रता सूची को अंतिम मानने के बजाय संबल पोर्टल और संबंधित विभाग के वर्तमान निर्देशों को प्राथमिकता दें।

संबल कार्ड क्या है?

संबल कार्ड योजना में पंजीकृत श्रमिक की पहचान और उसके पंजीयन से जुड़ा महत्वपूर्ण रिकॉर्ड है।

संबल/समग्र सदस्य आईडी के माध्यम से हितग्राही से संबंधित जानकारी देखी जा सकती है। मध्य प्रदेश सरकार के आधिकारिक जिला पोर्टल के अनुसार संबल/समग्र सदस्य आईडी के माध्यम से हितग्राही डैशबोर्ड उपलब्ध है।

संबल कार्ड को केवल एक सामान्य पहचान कार्ड समझना सही नहीं होगा। वास्तविक लाभ लेने के लिए पंजीयन की स्थिति और संबंधित लाभ की पात्रता भी महत्वपूर्ण है।

संबल 2.0 में नया पंजीयन कैसे करें?

मध्य प्रदेश सरकार के e-Service पोर्टल पर “संबल 2.0 – नया श्रमिक पंजीयन” सेवा उपलब्ध है। इसके अलावा संबल 2.0 पंजीयन के लिए आधिकारिक पोर्टल भी उपलब्ध है।

सामान्य प्रक्रिया इस प्रकार समझी जा सकती है:

चरण 1: आधिकारिक संबल पोर्टल खोलें

संबल 2.0 आधिकारिक पोर्टल पर जाएं।

चरण 2: पंजीयन से संबंधित विकल्प चुनें

नए श्रमिक पंजीयन के लिए उपलब्ध संबंधित विकल्प चुनें।

चरण 3: समग्र संबंधी जानकारी दर्ज करें

पंजीयन प्रक्रिया में समग्र आईडी/परिवार से संबंधित जानकारी का उपयोग किया जाता है। संबल व्यवस्था में समग्र e-KYC समन्वयन के लिए भी सरकारी सेवा उपलब्ध है।

चरण 4: श्रमिक संबंधी जानकारी भरें

आवेदक के व्यवसाय, श्रमिक की श्रेणी और अन्य मांगी गई जानकारी को सही-सही दर्ज करें।

चरण 5: जानकारी की जांच करें

नाम, पता, परिवार की जानकारी, आधार/समग्र विवरण और अन्य जानकारी में गलती होने पर आगे चलकर लाभ लेने में परेशानी हो सकती है।

चरण 6: आवेदन सुरक्षित करें

सभी जानकारी की जांच करने के बाद आवेदन को निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार सुरक्षित/सबमिट करें।

चरण 7: आवेदन क्रमांक सुरक्षित रखें

यदि आवेदन संख्या या अन्य संदर्भ संख्या प्राप्त होती है तो उसे सुरक्षित रखें। आगे आवेदन की स्थिति देखने में इसकी आवश्यकता हो सकती है।

संबल कार्ड का स्टेटस कैसे चेक करें?

आवेदन करने के बाद पंजीयन की स्थिति ऑनलाइन देखी जा सकती है।

संबल पोर्टल पर उपलब्ध संबंधित आवेदन स्थिति सुविधा में आवश्यक जानकारी दर्ज करके आवेदन का वर्तमान स्टेटस देखा जा सकता है।

यदि आवेदन लंबित है तो इसका अर्थ यह जरूरी नहीं कि आवेदन अस्वीकार हो गया है। संबंधित विभाग द्वारा सत्यापन और स्वीकृति की प्रक्रिया पूरी होने के बाद स्थिति बदल सकती है।

संबल कार्ड कैसे डाउनलोड करें?

स्वीकृत पंजीयन के बाद संबल पोर्टल पर हितग्राही विवरण के माध्यम से अपने पंजीयन से संबंधित जानकारी देखी जा सकती है।

संबल/समग्र सदस्य आईडी के माध्यम से हितग्राही डैशबोर्ड की सुविधा उपलब्ध होने का उल्लेख मध्य प्रदेश सरकार के जिला पोर्टल पर किया गया है।

कार्ड डाउनलोड/प्रिंट का विकल्प पोर्टल पर उपलब्ध वर्तमान सुविधा के अनुसार इस्तेमाल करें।

संबल योजना में पैसा कैसे मिलता है?

संबल योजना के तहत स्वीकृत आर्थिक सहायता DBT यानी Direct Benefit Transfer के माध्यम से बैंक खाते में भेजी जाती है। आधिकारिक योजना डैशबोर्ड में सीधे हितग्राही के बैंक खाते में भुगतान किए जाने की जानकारी दी गई है।

इसलिए आवेदन करते समय बैंक खाते की जानकारी सही होना महत्वपूर्ण है।

भुगतान में देरी क्यों हो सकती है?

सहायता राशि का भुगतान केवल आवेदन जमा करने से तुरंत नहीं होता। सामान्यतः संबंधित प्रकरण में:

आवेदन → दस्तावेज/जानकारी की जांच → पात्रता निर्धारण → स्वीकृति → भुगतान प्रक्रिया → DBT

जैसी प्रक्रिया हो सकती है।

मध्य प्रदेश विधानसभा के रिकॉर्ड में भी संबल अनुग्रह सहायता के भुगतान को पात्रता, स्वीकृति, डिजिटल हस्ताक्षर और उपलब्ध बजट के अनुसार प्रक्रिया से जोड़ा गया है।

दुर्घटना में मृत्यु के बाद ₹4 लाख के लिए क्या करना चाहिए?

यदि संबल में पंजीकृत श्रमिक की दुर्घटना में मृत्यु हो जाती है, तो परिवार को केवल कार्ड देखकर भुगतान की प्रतीक्षा नहीं करनी चाहिए।

परिवार को संबंधित स्थानीय निकाय/पदाभिहित अधिकारी के कार्यालय में योजना के अनुसार सहायता के लिए आवेदन करना चाहिए।

प्रकरण के अनुसार मृत्यु प्रमाण, दुर्घटना से संबंधित दस्तावेज और अन्य निर्धारित प्रमाण मांगे जा सकते हैं। उपलब्ध सरकारी योजना रिकॉर्ड में सहायता के लिए वैध पंजीयन को आवश्यक दस्तावेजों में बताया गया है।

महत्वपूर्ण: दुर्घटना मृत्यु की स्थिति में संबंधित घटना के पुलिस रिकॉर्ड, मृत्यु प्रमाण-पत्र और अन्य दस्तावेज सुरक्षित रखना उपयोगी है। अंतिम दस्तावेज सूची प्रकरण और वर्तमान सरकारी निर्देशों के अनुसार संबंधित अधिकारी से पुष्टि करें।

संबल योजना में आवेदन कहां करें?

संबल 2.0 के लिए ऑनलाइन सेवाएं मध्य प्रदेश सरकार के e-Service पोर्टल पर उपलब्ध हैं। सरकारी सेवा सूची में नया श्रमिक पंजीयन और संबल से संबंधित अन्य सेवाएं दर्ज हैं।

योजना का आधिकारिक पोर्टल:

sambal.mp.gov.in

स्थानीय स्तर पर सहायता के लिए संबंधित श्रम विभाग/स्थानीय निकाय से संपर्क किया जा सकता है।

आवेदन अस्वीकृत हो जाए तो क्या करें?

यदि संबल पंजीयन या अनुग्रह सहायता का आवेदन अस्वीकृत हो जाता है, तो सबसे पहले अस्वीकृति का कारण समझना चाहिए।

संबल 2.0 व्यवस्था में पंजीयन, अपील, अनुग्रह तथा अनुग्रह अपील के लिए आवेदन की सुविधा का उल्लेख मध्य प्रदेश सरकार के आधिकारिक जिला पोर्टल पर है।

यदि दस्तावेज या पात्रता संबंधी समस्या है तो आवश्यक सुधार/दस्तावेज के साथ निर्धारित अपील प्रक्रिया का उपयोग किया जा सकता है।

संबल योजना का लाभ लेते समय 7 जरूरी सावधानियां

1. केवल सोशल मीडिया की जानकारी पर भरोसा न करें

योजना की राशि और पात्रता में बदलाव हो सकते हैं। वर्तमान सरकारी पोर्टल को प्राथमिकता दें।

2. संबल कार्ड को ₹4 लाख की गारंटी न समझें

₹4 लाख का लाभ दुर्घटना में मृत्यु और पात्रता की शर्तों से जुड़ा है।

3. समग्र जानकारी सही रखें

नाम, परिवार और पहचान संबंधी गलत जानकारी आवेदन में समस्या पैदा कर सकती है।

4. बैंक विवरण सही रखें

DBT भुगतान के कारण बैंक खाते से संबंधित जानकारी महत्वपूर्ण है।

5. दुर्घटना के दस्तावेज सुरक्षित रखें

दुर्घटना मृत्यु के मामले में पुलिस एवं मृत्यु संबंधी दस्तावेजों की आवश्यकता पड़ सकती है।

6. आवेदन संख्या संभालकर रखें

ऑनलाइन आवेदन की स्थिति देखने में यह उपयोगी हो सकती है।

7. अस्वीकृति पर कारण जानें

आवेदन खारिज होने पर केवल दोबारा आवेदन करने के बजाय पहले अस्वीकृति का कारण और उपलब्ध अपील प्रक्रिया देखें।

संबल 2.0 और दूसरी योजनाओं में अंतर

संबल 2.0 को सामान्य बीमा पॉलिसी की तरह समझना सही नहीं है।

यह मध्य प्रदेश सरकार की राज्य सामाजिक सुरक्षा योजना है, जिसमें निर्धारित श्रेणियों में पंजीकृत और पात्र असंगठित श्रमिकों को लाभ दिया जाता है।

इसके विपरीत प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना जैसी योजनाएं अलग बीमा व्यवस्था के अंतर्गत आती हैं। इसलिए किसी व्यक्ति के पास अन्य बीमा होने या न होने को संबल के लाभ का स्वतः प्रमाण नहीं माना जाना चाहिए।

2026 में संबल योजना की स्थिति

2026 में मध्य प्रदेश सरकार के e-Service सिस्टम पर संबल 2.0 से संबंधित सेवाएं उपलब्ध हैं, जिनमें नया श्रमिक पंजीयन और समग्र e-KYC से संबंधित सेवा शामिल है।

मध्य प्रदेश विधानसभा के 2026 के रिकॉर्ड में भी संबल 2.0 के अंतर्गत अनुग्रह सहायता के मामलों और पंजीकृत श्रमिकों को पात्रता के आधार पर लाभ दिए जाने का उल्लेख मिलता है।

इससे यह स्पष्ट है कि संबल 2.0 केवल पुरानी योजना का नाम नहीं है, बल्कि 2026 में भी इससे संबंधित पंजीयन और लाभ प्रक्रिया सरकारी व्यवस्था में सक्रिय है।

संबल योजना 2026: एक नजर में

जानकारी विवरण
आधिकारिक नाम मुख्यमंत्री जनकल्याण (संबल 2.0) योजना
संबंधित विभाग श्रम विभाग, मध्य प्रदेश
मुख्य लाभार्थी पात्र पंजीकृत असंगठित श्रमिक
दुर्घटना में मृत्यु ₹4 लाख
सामान्य मृत्यु ₹2 लाख
स्थायी अपंगता ₹2 लाख
आंशिक स्थायी अपंगता ₹1 लाख
अंत्येष्टि सहायता ₹5,000
भुगतान DBT
ऑनलाइन पोर्टल sambal.mp.gov.in

राशियां मध्य प्रदेश सरकार के उपलब्ध आधिकारिक योजना विवरण के अनुसार हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

क्या संबल योजना में दुर्घटना में मृत्यु पर ₹4 लाख मिलते हैं?

हां। मुख्यमंत्री जनकल्याण संबल 2.0 योजना के तहत पात्र पंजीकृत श्रमिक की दुर्घटना में मृत्यु होने पर ₹4 लाख की अनुग्रह सहायता का प्रावधान है।

सामान्य मृत्यु पर संबल योजना में कितने रुपये मिलते हैं?

सामान्य मृत्यु की स्थिति में ₹2 लाख की अनुग्रह सहायता का प्रावधान है।

संबल योजना में अंत्येष्टि सहायता कितनी है?

आधिकारिक योजना विवरण के अनुसार ₹5,000 की अंत्येष्टि सहायता का प्रावधान है।

स्थायी अपंगता पर कितना लाभ मिलता है?

स्थायी अपंगता की स्थिति में ₹2 लाख और आंशिक स्थायी अपंगता में ₹1 लाख सहायता का प्रावधान है।

क्या संबल कार्ड बनने के बाद ₹4 लाख मिलना तय है?

नहीं। संबल कार्ड या पंजीयन अपने आप ₹4 लाख का भुगतान सुनिश्चित नहीं करता। दुर्घटना मृत्यु के मामले में संबंधित नियम, वैध पंजीयन, पात्रता और दस्तावेजों की जांच के बाद सहायता स्वीकृत होती है।

संबल योजना का पैसा किस खाते में आता है?

स्वीकृत सहायता राशि DBT के माध्यम से हितग्राही के बैंक खाते में भेजी जाती है।

संबल योजना का ऑनलाइन पोर्टल कौन-सा है?

संबल 2.0 का आधिकारिक पोर्टल sambal.mp.gov.in है।

संबल आवेदन अस्वीकृत होने पर क्या करें?

सबसे पहले अस्वीकृति का कारण देखें। संबल 2.0 व्यवस्था में पंजीयन तथा अनुग्रह से संबंधित अपील की सुविधा उपलब्ध होने का उल्लेख सरकारी पोर्टल पर है।

निष्कर्ष

मध्य प्रदेश आर्थिक संबल योजना 2026, यानी मुख्यमंत्री जनकल्याण (संबल 2.0), पात्र असंगठित श्रमिकों के लिए महत्वपूर्ण सामाजिक सुरक्षा व्यवस्था है। इसमें दुर्घटना में मृत्यु होने पर ₹4 लाख, सामान्य मृत्यु पर ₹2 लाख, स्थायी अपंगता पर ₹2 लाख और आंशिक स्थायी अपंगता पर ₹1 लाख की सहायता का प्रावधान है। इसके साथ ₹5,000 अंत्येष्टि सहायता भी उपलब्ध है।

सबसे जरूरी बात यह है कि संबल कार्ड होना और किसी विशेष लाभ के लिए पात्र होना दो अलग बातें हैं। लाभ के लिए वैध पंजीयन, संबंधित घटना, दस्तावेज और योजना के लागू नियमों की जांच होती है।

इसलिए 2026 में संबल योजना का लाभ लेने वाले श्रमिकों को अपना संबल/समग्र रिकॉर्ड, बैंक विवरण और अन्य जरूरी जानकारी सही एवं अपडेट रखनी चाहिए और किसी भी सहायता के लिए आधिकारिक पोर्टल या संबंधित सरकारी कार्यालय की वर्तमान जानकारी को अंतिम आधार मानना चाहिए।

Official Sources

Umesh Shriwas

मेरा नाम उमेश कुमार श्रीवास है। मैं Jaankaarilo.in का संस्थापक एवं कंटेंट ब्लॉगर हूँ। मैं RTI, श्रमिक अधिकार, सरकारी योजनाओं, कानून और प्रशासनिक प्रक्रियाओं से जुड़ी सरल, उपयोगी और विश्वसनीय जानकारी आम नागरिकों तक पहुंचाने का प्रयास करता हूँ, ताकि लोग अपने अधिकारों को समझें और सरकारी सेवाओं एवं योजनाओं का सही लाभ उठा सकें।

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