डॉ. भीमराव आंबेडकर कामधेनु योजना 2026: 25 गाय/भैंस पर लोन, सब्सिडी और ऑनलाइन आवेदन

By Umesh Shriwas

August 28, 2026

Table of Contents

मध्यप्रदेश की डॉ. भीमराव आंबेडकर कामधेनु योजना 2026 की पूरी जानकारी। जानें पात्रता, 25 गाय या भैंस की डेयरी इकाई, 3.50 एकड़ भूमि, बैंक लोन, 25% से 33% सब्सिडी और ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया।

डॉ. भीमराव आंबेडकर कामधेनु योजना 2026: पात्रता, 25 गाय/भैंस, सब्सिडी, लोन और ऑनलाइन आवेदन की पूरी जानकारी

डॉ. भीमराव आंबेडकर कामधेनु योजना क्या है?

मध्यप्रदेश सरकार द्वारा पशुपालन और डेयरी क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए डॉ. भीमराव आंबेडकर कामधेनु योजना संचालित की जा रही है। यह योजना विशेष रूप से उन लोगों के लिए महत्वपूर्ण है जो बड़े स्तर पर डेयरी व्यवसाय शुरू करना चाहते हैं या अपने मौजूदा डेयरी व्यवसाय का विस्तार करना चाहते हैं।

योजना के तहत पात्र हितग्राहियों को दुग्ध उत्पादन बढ़ाने और डेयरी इकाई स्थापित करने के लिए बैंक ऋण तथा पूंजीगत अनुदान (Capital Subsidy) की सुविधा उपलब्ध कराई जाती है। इसका उद्देश्य युवाओं और पशुपालकों को डेयरी क्षेत्र में रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराना, दूध उत्पादन बढ़ाना और ग्रामीण परिवारों की आय में सुधार करना है।

मध्यप्रदेश सरकार की आधिकारिक जानकारी के अनुसार, इस योजना को मुख्यमंत्री पशुपालन विकास योजना के अंतर्गत एक नवीन घटक के रूप में शामिल किया गया है। योजना सभी वर्गों के पात्र पशुपालकों के लिए उपलब्ध है।

योजना का मुख्य उद्देश्य

डॉ. भीमराव आंबेडकर कामधेनु योजना के प्रमुख उद्देश्य हैं:

  • प्रदेश में दूध उत्पादन बढ़ाना
  • डेयरी क्षेत्र में नए रोजगार और स्वरोजगार के अवसर पैदा करना
  • बेरोजगार युवाओं को डेयरी व्यवसाय से जोड़ना
  • पशुपालकों की आर्थिक स्थिति मजबूत करना
  • संगठित एवं व्यावसायिक डेयरी इकाइयों की स्थापना को प्रोत्साहित करना
  • राज्य में बढ़ती दूध और दुग्ध उत्पादों की मांग को पूरा करने में सहायता करना

योजना के आधिकारिक पोर्टल पर भी इसका उद्देश्य डेयरी क्षेत्र में व्यावसायिक अवसर बढ़ाना, विशेषकर युवाओं को अवसर देना और पशुपालकों की आर्थिक स्थिति मजबूत करना बताया गया है।

डॉ. भीमराव आंबेडकर कामधेनु योजना की मुख्य बातें

विवरण जानकारी
योजना का नाम डॉ. भीमराव आंबेडकर कामधेनु योजना
राज्य मध्यप्रदेश
संबंधित विभाग पशुपालन एवं डेयरी विभाग, मध्यप्रदेश
उद्देश्य डेयरी व्यवसाय और दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देना
लाभार्थी सभी वर्गों के पात्र पशुपालक
न्यूनतम इकाई 25 गाय अथवा 25 भैंस
अधिकतम इकाई 8 इकाई
अधिकतम पशु 200 दुधारू पशु
भूमि आवश्यकता प्रत्येक इकाई के लिए 3.50 एकड़ कृषि भूमि
चयन प्रक्रिया ऑनलाइन, पहले आवे पहले पावे के आधार पर
प्राथमिकता पूर्व से दुग्ध संघों को दूध आपूर्ति करने वाले पशुपालक
आवेदन ऑनलाइन

योजना के तहत कितने पशुओं की डेयरी इकाई स्थापित की जा सकती है?

इस योजना में एक डेयरी इकाई के लिए 25 गाय अथवा 25 भैंस निर्धारित की गई है।

एक पात्र हितग्राही न्यूनतम एक इकाई से लेकर अधिकतम 8 इकाइयों तक की पात्रता रख सकता है। इस प्रकार अधिकतम 200 दुधारू पशुओं तक की डेयरी इकाई के लिए योजना का लाभ लिया जा सकता है।

उदाहरण के लिए:

  • 1 इकाई = 25 गाय या 25 भैंस
  • 2 इकाई = 50 दुधारू पशु
  • 4 इकाई = 100 दुधारू पशु
  • 8 इकाई = अधिकतम 200 दुधारू पशु

यह योजना छोटे स्तर पर केवल 2 या 5 पशु खरीदने वाली योजना नहीं है। इसलिए आवेदन करने से पहले यह समझना जरूरी है कि यह अपेक्षाकृत बड़े और व्यावसायिक डेयरी प्रोजेक्ट के लिए बनाई गई योजना है।

डॉ. भीमराव आंबेडकर कामधेनु योजना में कितनी जमीन चाहिए?

योजना की एक महत्वपूर्ण पात्रता भूमि से संबंधित है।

आधिकारिक जानकारी के अनुसार, प्रत्येक डेयरी इकाई के लिए हितग्राही के पास 3.50 एकड़ कृषि भूमि होना आवश्यक है।

इस आधार पर यदि कोई व्यक्ति एक से अधिक इकाइयों के लिए आवेदन करना चाहता है, तो परियोजना के अनुसार आवश्यक भूमि की पात्रता की जांच की जाएगी।

इसलिए आवेदन करने से पहले भूमि संबंधी दस्तावेज और रिकॉर्ड तैयार रखना जरूरी है।

डॉ. भीमराव आंबेडकर कामधेनु योजना में सब्सिडी कितनी मिलेगी?

योजना के आधिकारिक पोर्टल पर उपलब्ध जानकारी के अनुसार परियोजना लागत पर Back-ended Capital Subsidy का प्रावधान है।

  • अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग: परियोजना लागत का 33 प्रतिशत
  • अन्य वर्ग: परियोजना लागत का 25 प्रतिशत

यह पूंजीगत सब्सिडी बैंक ऋण से संबंधित प्रक्रिया के अनुसार उपलब्ध कराई जाती है। आधिकारिक पोर्टल के अनुसार सब्सिडी पर प्रथम ऋण वितरण की तारीख से 3 वर्ष की लॉक-इन अवधि का प्रावधान है।

ध्यान रखें कि सब्सिडी की वास्तविक राशि परियोजना लागत, स्वीकृत इकाई और बैंक द्वारा स्वीकृत वित्तीय संरचना पर निर्भर कर सकती है। इसलिए आवेदन करने से पहले बैंक और संबंधित पशुपालन विभाग से वर्तमान वित्तीय शर्तों की पुष्टि अवश्य करें।

योजना में बैंक लोन कितना मिलेगा?

डॉ. भीमराव आंबेडकर कामधेनु योजना के तहत डेयरी इकाई स्थापित करने के लिए पात्र हितग्राही को Term Loan की सुविधा उपलब्ध कराने का प्रावधान है।

आधिकारिक योजना पोर्टल के अनुसार:

  • टर्म लोन की अवधि 7 वर्ष तक हो सकती है
  • इसमें 6 महीने का Moratorium Period निर्धारित है
  • निर्धारित पात्रता शर्तें पूरी होने पर भविष्य में दूसरा टर्म लोन लेने की भी संभावना हो सकती है

ऋण की वास्तविक राशि परियोजना की लागत, बैंक की स्वीकृति, हितग्राही की पात्रता और अन्य बैंकिंग शर्तों पर निर्भर करेगी।

Back-ended Subsidy क्या होती है?

बहुत से लोग यह समझते हैं कि सरकार पहले ही खाते में पूरी सब्सिडी की राशि जमा कर देती है। लेकिन इस योजना में Back-ended Capital Subsidy का प्रावधान बताया गया है।

सरल शब्दों में, सब्सिडी बैंक ऋण से जुड़ी वित्तीय प्रक्रिया के तहत समायोजित होती है। इसलिए:

  • केवल आवेदन करने से सब्सिडी तुरंत नहीं मिलती
  • परियोजना और ऋण की स्वीकृति जरूरी होती है
  • बैंक की निर्धारित प्रक्रिया पूरी करनी होती है
  • सब्सिडी योजना की शर्तों के अनुसार लागू होती है

इसलिए किसी भी व्यक्ति को केवल सोशल मीडिया या अनधिकृत जानकारी के आधार पर राशि और भुगतान प्रक्रिया के बारे में निष्कर्ष नहीं निकालना चाहिए।

डॉ. भीमराव आंबेडकर कामधेनु योजना की पात्रता

योजना की उपलब्ध आधिकारिक जानकारी के आधार पर प्रमुख पात्रताएं इस प्रकार हैं:

1. मध्यप्रदेश का पात्र पशुपालक होना चाहिए

यह मध्यप्रदेश शासन की राज्य स्तरीय योजना है। इसलिए आवेदन करने वाले व्यक्ति को योजना की निर्धारित राज्य और विभागीय पात्रता शर्तों को पूरा करना होगा।

2. सभी वर्गों के पशुपालक आवेदन कर सकते हैं

आधिकारिक जिला प्रशासन की सूचना के अनुसार यह योजना सभी वर्गों के पशुपालकों के लिए उपलब्ध है।

3. न्यूनतम डेयरी इकाई 25 दुधारू पशुओं की है

आवेदन एक इकाई के लिए किया जा सकता है, जिसमें:

  • 25 गाय, या
  • 25 भैंस

की डेयरी इकाई शामिल है।

4. प्रति इकाई 3.50 एकड़ कृषि भूमि आवश्यक

प्रत्येक इकाई के लिए 3.50 एकड़ कृषि भूमि होना आवश्यक बताया गया है।

5. आधार से आवेदन प्रक्रिया

योजना के आधिकारिक पोर्टल के अनुसार आवेदन के लिए Aadhaar आधारित Sign-up किया जाता है और आधार से जुड़े मोबाइल नंबर पर OTP प्राप्त होता है।

6. दुग्ध संघ के पुराने आपूर्तिकर्ताओं को प्राथमिकता

मध्यप्रदेश सरकार की जिला स्तर की आधिकारिक सूचना के अनुसार वर्तमान में दुग्ध संघों के अंतर्गत पहले से दूध उपलब्ध कराने वाले पशुपालकों को प्राथमिकता दी जाएगी।

डॉ. भीमराव आंबेडकर कामधेनु योजना में आवेदन कैसे करें?

योजना की प्रक्रिया ऑनलाइन है।

Step 1: आधिकारिक पोर्टल पर जाएं

आवेदन के लिए योजना के आधिकारिक पोर्टल पर जाएं:

डॉ. भीमराव आंबेडकर कामधेनु योजना पोर्टल

Step 2: Aadhaar से Sign Up करें

पोर्टल पर अपना आधार नंबर दर्ज करके पंजीकरण करें।

आधिकारिक पोर्टल के अनुसार आवेदन के लिए आधार आवश्यक है और OTP आधार से लिंक मोबाइल नंबर पर प्राप्त होता है।

Step 3: व्यक्तिगत जानकारी भरें

आवेदन फॉर्म में मांगी गई व्यक्तिगत जानकारी सही-सही भरें।

Step 4: भूमि संबंधी जानकारी भरें

डेयरी इकाई के लिए उपलब्ध कृषि भूमि का विवरण भरना होगा। भूमि संबंधी जानकारी योजना की पात्रता जांच में महत्वपूर्ण हो सकती है।

Step 5: डेयरी इकाई की जानकारी भरें

आवेदन में प्रस्तावित डेयरी इकाई, पशुओं की संख्या और आवश्यक परियोजना विवरण भरना होगा।

Step 6: आवेदन विभाग द्वारा जांचा जाएगा

आधिकारिक पोर्टल के अनुसार आवेदन की विभागीय समीक्षा की जाएगी और आगे की प्रक्रिया के लिए बैंक को भेजा जाएगा।

Step 7: बैंक द्वारा ऋण प्रक्रिया

विभागीय प्रक्रिया के बाद बैंक परियोजना और ऋण से संबंधित आवश्यक जांच करेगा।

Step 8: स्वीकृति और ऋण वितरण

पात्रता और बैंकिंग शर्तें पूरी होने के बाद ऋण वितरण की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।

हितग्राहियों का चयन कैसे होगा?

उपलब्ध आधिकारिक जानकारी के अनुसार योजना में हितग्राहियों का चयन ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से पहले आवे, पहले पावे के आधार पर किया जाएगा।

साथ ही, वर्तमान में दुग्ध संघों को पहले से दूध उपलब्ध कराने वाले पशुपालकों को प्राथमिकता देने की बात भी कही गई है।

इसका अर्थ है कि पात्रता पूरी होने के बावजूद आवेदन, परियोजना और बैंक प्रक्रिया की शर्तों को पूरा करना आवश्यक होगा।

आवेदन के लिए कौन-कौन से दस्तावेज लग सकते हैं?

ऑनलाइन आवेदन के दौरान सामान्य रूप से निम्न प्रकार के दस्तावेजों और जानकारियों की आवश्यकता पड़ सकती है:

  • आधार कार्ड
  • आधार से लिंक मोबाइल नंबर
  • पहचान संबंधी जानकारी
  • निवास संबंधी जानकारी
  • कृषि भूमि के दस्तावेज
  • बैंक खाते की जानकारी
  • भूमि रिकॉर्ड
  • डेयरी परियोजना से संबंधित जानकारी
  • पशुपालन से संबंधित आवश्यक जानकारी

हालांकि, अंतिम और सटीक दस्तावेज सूची पोर्टल पर आवेदन के समय और संबंधित विभाग या बैंक की वर्तमान आवश्यकताओं के अनुसार देखनी चाहिए।

क्या योजना में दूसरी बार लोन लिया जा सकता है?

योजना के आधिकारिक पोर्टल के अनुसार पात्र हितग्राही निर्धारित शर्तें पूरी करने पर दूसरा टर्म लोन लेने के लिए भी पात्र हो सकता है।

लेकिन इसके लिए योजना और बैंक द्वारा निर्धारित सभी मानदंडों को पूरा करना जरूरी होगा।

योजना के क्या फायदे हैं?

डॉ. भीमराव आंबेडकर कामधेनु योजना के प्रमुख लाभ निम्नलिखित हो सकते हैं:

डेयरी व्यवसाय शुरू करने का अवसर

बेरोजगार युवा और इच्छुक पशुपालक बड़े स्तर पर डेयरी व्यवसाय स्थापित कर सकते हैं।

पूंजीगत सब्सिडी

पात्र श्रेणियों को परियोजना लागत पर 25 प्रतिशत या 33 प्रतिशत तक पूंजीगत सब्सिडी का प्रावधान है।

लंबी अवधि का टर्म लोन

डेयरी इकाई की स्थापना के लिए 7 वर्ष तक की अवधि वाले टर्म लोन का प्रावधान है।

6 महीने का मोरेटोरियम

ऋण के लिए 6 महीने का मोरेटोरियम पीरियड उपलब्ध होने का प्रावधान बताया गया है।

रोजगार और आय के अवसर

डेयरी इकाई स्थापित होने से केवल पशुपालक को ही नहीं बल्कि पशु देखभाल, चारा प्रबंधन, दूध संग्रह और परिवहन जैसे क्षेत्रों में भी रोजगार के अवसर बढ़ सकते हैं।

डॉ. भीमराव आंबेडकर कामधेनु योजना और अन्य डेयरी योजनाओं में अंतर

मध्यप्रदेश में दुग्ध उत्पादन और पशुपालन से संबंधित अन्य योजनाएं भी संचालित की जाती हैं। इनमें आचार्य विद्यासागर गौसंवर्धन योजना और मुख्यमंत्री डेयरी प्लस जैसी योजनाएं शामिल हैं।

मध्यप्रदेश विधानसभा में उपलब्ध आधिकारिक जानकारी के अनुसार डॉ. भीमराव आंबेडकर कामधेनु योजना प्रदेश के सभी 55 जिलों में संचालित योजनाओं में शामिल है।

इस योजना की विशेषता यह है कि इसमें अपेक्षाकृत बड़े स्तर की डेयरी इकाई, यानी 25 दुधारू पशुओं से शुरुआत का प्रावधान है।

आवेदन करने से पहले इन बातों का ध्यान रखें

डॉ. भीमराव आंबेडकर कामधेनु योजना के लिए आवेदन करने से पहले निम्न बातों पर विशेष ध्यान दें:

  • भूमि की पात्रता की जांच करें
  • आधार से मोबाइल नंबर लिंक होना सुनिश्चित करें
  • डेयरी परियोजना की लागत समझें
  • पशुओं के लिए शेड, पानी और चारे की व्यवस्था की योजना बनाएं
  • बैंक की ऋण शर्तों की जानकारी लें
  • सब्सिडी को तुरंत नकद भुगतान मानकर योजना न बनाएं
  • पशुओं के रखरखाव और दूध विपणन की व्यवस्था पहले से तैयार करें
  • संबंधित विकासखंड स्तरीय पशु चिकित्सा संस्था से जानकारी लें

क्योंकि 25 पशुओं की डेयरी इकाई एक बड़ा निवेश है, इसलिए आवेदन करने से पहले पूरी परियोजना की आर्थिक व्यवहार्यता का आकलन करना जरूरी है।

योजना से संबंधित महत्वपूर्ण संपर्क

अधिक जानकारी के लिए मध्यप्रदेश पशुपालन एवं डेयरी विभाग की आधिकारिक वेबसाइट देखी जा सकती है:

मध्यप्रदेश पशुपालन एवं डेयरी विभाग

विभाग का संपर्क पता:

संचालनालय पशुपालन एवं डेयरी
कामधेनु भवन, वैशाली नगर,
कोटरा सुल्तानाबाद, भोपाल, मध्यप्रदेश – 462003

फोन: 0755-2772262
ईमेल: dirveterinary@mp.gov.in

संबंधित जानकारी के लिए निकटतम विकासखंड स्तरीय पशु चिकित्सा संस्था से भी संपर्क किया जा सकता है।

डॉ. भीमराव आंबेडकर कामधेनु योजना पर अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

प्रश्न: डॉ. भीमराव आंबेडकर कामधेनु योजना किस राज्य की योजना है?

उत्तर: यह मध्यप्रदेश सरकार की पशुपालन और डेयरी क्षेत्र से संबंधित योजना है।

प्रश्न: योजना के तहत कितने पशुओं की डेयरी इकाई बनाई जा सकती है?

उत्तर: न्यूनतम एक इकाई में 25 गाय अथवा 25 भैंस शामिल हैं। अधिकतम 8 इकाइयों यानी 200 दुधारू पशुओं तक की पात्रता बताई गई है।

प्रश्न: योजना में कितनी जमीन चाहिए?

उत्तर: प्रत्येक इकाई के लिए 3.50 एकड़ कृषि भूमि आवश्यक बताई गई है।

प्रश्न: क्या सभी वर्ग के लोग आवेदन कर सकते हैं?

उत्तर: उपलब्ध आधिकारिक जानकारी के अनुसार योजना सभी वर्गों के पात्र पशुपालकों के लिए उपलब्ध है।

प्रश्न: सब्सिडी कितनी मिलेगी?

उत्तर: आधिकारिक योजना पोर्टल के अनुसार SC/ST श्रेणी के लिए परियोजना लागत का 33 प्रतिशत और अन्य वर्गों के लिए 25 प्रतिशत Back-ended Capital Subsidy का प्रावधान है।

प्रश्न: लोन की अवधि कितनी है?

उत्तर: आधिकारिक पोर्टल पर 7 वर्ष तक की टर्म लोन अवधि और 6 महीने के मोरेटोरियम का उल्लेख है।

प्रश्न: आवेदन ऑनलाइन होगा या ऑफलाइन?

उत्तर: योजना के लिए ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया उपलब्ध है।

निष्कर्ष

डॉ. भीमराव आंबेडकर कामधेनु योजना मध्यप्रदेश के उन पशुपालकों और युवाओं के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर है जो डेयरी व्यवसाय को बड़े स्तर पर शुरू करना चाहते हैं। योजना के तहत 25 दुधारू पशुओं की एक इकाई से लेकर अधिकतम 200 पशुओं तक की डेयरी परियोजना के लिए पात्रता का प्रावधान है।

इस योजना की सबसे महत्वपूर्ण बातें हैं—बैंक टर्म लोन, 25 प्रतिशत से 33 प्रतिशत तक पूंजीगत सब्सिडी का प्रावधान, 7 वर्ष तक की ऋण अवधि और ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया। हालांकि, योजना का लाभ लेने के लिए भूमि, बैंक ऋण और अन्य विभागीय पात्रता शर्तों को पूरा करना जरूरी है।

यदि आप मध्यप्रदेश में डेयरी व्यवसाय शुरू करने की योजना बना रहे हैं, तो आवेदन करने से पहले अपनी भूमि, निवेश क्षमता, चारा व्यवस्था, पशु शेड, दूध बिक्री व्यवस्था और बैंक ऋण चुकाने की क्षमता का पूरा आकलन करें। अंतिम आवेदन से पहले योजना के आधिकारिक पोर्टल और संबंधित पशुपालन विभाग से नवीनतम शर्तों की पुष्टि करना सबसे सुरक्षित रहेगा।

नोट: योजना के नियम, वित्तीय प्रावधान, बैंकिंग शर्तें और आवेदन प्रक्रिया समय-समय पर अपडेट हो सकती हैं। इसलिए आवेदन करने से पहले आधिकारिक पोर्टल पर उपलब्ध वर्तमान जानकारी अवश्य जांचें।

Umesh Shriwas

मेरा नाम उमेश कुमार श्रीवास है। मैं Jaankaarilo.in का संस्थापक एवं कंटेंट ब्लॉगर हूँ। मैं RTI, श्रमिक अधिकार, सरकारी योजनाओं, कानून और प्रशासनिक प्रक्रियाओं से जुड़ी सरल, उपयोगी और विश्वसनीय जानकारी आम नागरिकों तक पहुंचाने का प्रयास करता हूँ, ताकि लोग अपने अधिकारों को समझें और सरकारी सेवाओं एवं योजनाओं का सही लाभ उठा सकें।

Leave a Comment