प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना 2026 में पहली जीवित संतान पर ₹5,000 और दूसरी संतान लड़की होने पर ₹6,000 मिलते हैं। जानिए पात्रता, किस्त, दस्तावेज और आवेदन का तरीका।
प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना 2026: पहली संतान पर ₹5,000 और दूसरी बेटी पर ₹6,000, जानिए पात्रता और आवेदन
गर्भावस्था किसी भी महिला के जीवन का बेहद महत्वपूर्ण समय होता है। इस दौरान मां को सिर्फ अपने स्वास्थ्य का ही नहीं, बल्कि गर्भ में पल रहे बच्चे के पोषण और स्वास्थ्य का भी ध्यान रखना पड़ता है। लेकिन आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों में गर्भावस्था के दौरान पौष्टिक भोजन, नियमित जांच और प्रसव से जुड़े खर्चों को संभालना आसान नहीं होता।
इसी जरूरत को ध्यान में रखते हुए केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (PMMVY) शुरू की है। इस योजना के तहत पात्र गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाओं को मातृत्व लाभ के रूप में आर्थिक सहायता दी जाती है, ताकि वे गर्भावस्था के दौरान उचित आराम, स्वास्थ्य जांच और पोषण पर ध्यान दे सकें।
PMMVY 2.0 के तहत पहली जीवित संतान के लिए ₹5,000 और दूसरी संतान लड़की होने पर ₹6,000 का लाभ दिया जाता है। राशि सीधे लाभार्थी के आधार-आधारित बैंक या डाकघर खाते में DBT के माध्यम से भेजी जाती है।
प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना क्या है?
प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना यानी PMMVY महिला एवं बाल विकास मंत्रालय की मातृत्व लाभ योजना है। इसे पूरे देश में 1 जनवरी 2017 से लागू किया गया था।
इसका मुख्य उद्देश्य गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाओं को आर्थिक सहायता देना है, ताकि वे गर्भावस्था और प्रसव के बाद अपने स्वास्थ्य तथा बच्चे के पोषण पर पर्याप्त ध्यान दे सकें।
यह सहायता कुछ महत्वपूर्ण स्वास्थ्य गतिविधियों से जुड़ी होती है, जैसे गर्भावस्था का पंजीकरण, प्रसवपूर्व जांच और बच्चे का टीकाकरण। योजना का एक उद्देश्य गर्भावस्था के कारण होने वाले आंशिक मजदूरी नुकसान की भरपाई करना भी है, ताकि महिला को प्रसव से पहले और बाद में पर्याप्त आराम मिल सके।
2026 में प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना में कितना पैसा मिलता है?
PMMVY 2.0 में लाभ संतान के क्रम और दूसरी संतान के लड़की होने की स्थिति के आधार पर मिलता है।
पहली जीवित संतान के लिए ₹5,000
पहली जीवित संतान के लिए पात्र महिला को कुल ₹5,000 की सहायता दो किस्तों में मिलती है।
पहली किस्त – ₹3,000
इसके लिए गर्भावस्था का पंजीकरण और कम से कम दो प्रसवपूर्व जांच यानी ANC पूरी करना आवश्यक है।
दूसरी किस्त – ₹2,000
बच्चे के जन्म का पंजीकरण और जन्म के बाद 14 सप्ताह तक का पहला टीकाकरण चक्र पूरा होने पर दूसरी किस्त दी जाती है।
दूसरी संतान लड़की होने पर ₹6,000
PMMVY 2.0 में एक महत्वपूर्ण बदलाव किया गया है।
यदि परिवार की दूसरी जीवित संतान लड़की है, तो पात्र महिला को ₹6,000 एकमुश्त मातृत्व लाभ दिया जाता है।
इसके लिए गर्भावस्था का पंजीकरण, कम से कम दो ANC, बच्चे के जन्म का पंजीकरण और 14 सप्ताह तक का पहला टीकाकरण चक्र पूरा होना आवश्यक है।
यह प्रावधान बालिका के प्रति सकारात्मक सोच को बढ़ावा देने और जन्म के समय लिंग अनुपात में सुधार के उद्देश्य से PMMVY 2.0 में जोड़ा गया है।
₹5,000 और ₹6,000 को लेकर सबसे जरूरी बात
यहां अक्सर लोगों को भ्रम होता है कि प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना में हर महिला को ₹6,000 मिलते हैं।
ऐसा नहीं है।
पहली जीवित संतान के लिए PMMVY के तहत ₹5,000 मिलते हैं।
दूसरी संतान लड़की होने पर PMMVY के तहत ₹6,000 मिलते हैं।
इसके अलावा पहली संतान के मामले में पात्र महिला को संस्थागत प्रसव के बाद जननी सुरक्षा योजना (JSY) का लाभ भी मिल सकता है। इसलिए कुछ परिस्थितियों में पहली संतान के लिए कुल मातृत्व सहायता लगभग ₹6,000 तक हो सकती है, लेकिन उसमें PMMVY और JSY अलग-अलग योजनाओं के लाभ हैं।
प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना का उद्देश्य क्या है?
इस योजना को केवल “सरकार से पैसे मिलने वाली योजना” समझना सही नहीं होगा।
इसका उद्देश्य मां और बच्चे दोनों के स्वास्थ्य को बेहतर बनाना है।
योजना के प्रमुख उद्देश्य हैं:
- गर्भवती महिला को उचित आराम का अवसर देना।
- गर्भावस्था के दौरान स्वास्थ्य जांच को बढ़ावा देना।
- मां और बच्चे के पोषण में सुधार करना।
- बच्चे का समय पर टीकाकरण सुनिश्चित करना।
- गर्भावस्था के कारण होने वाले आंशिक मजदूरी नुकसान की भरपाई में मदद करना।
- संस्थागत प्रसव और स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति जागरूकता बढ़ाना।
- दूसरी संतान लड़की होने पर परिवार को आर्थिक प्रोत्साहन देकर बालिका के प्रति सकारात्मक व्यवहार को बढ़ावा देना।
प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के लिए कौन पात्र है?
यह समझना बहुत जरूरी है कि PMMVY सभी गर्भवती महिलाओं के लिए बिना किसी अन्य शर्त के सार्वभौमिक नकद योजना नहीं है।
योजना मुख्य रूप से सामाजिक और आर्थिक रूप से वंचित वर्गों की महिलाओं को लक्षित करती है। वर्तमान आधिकारिक FAQ के अनुसार निम्न में से किसी पात्रता श्रेणी में आने वाली महिला योजना का लाभ ले सकती है:
- अनुसूचित जाति (SC) की महिला।
- अनुसूचित जनजाति (ST) की महिला।
- 40% या उससे अधिक दिव्यांगता वाली महिला।
- BPL राशन कार्ड धारक महिला।
- आयुष्मान भारत के प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (PMJAY) की लाभार्थी महिला।
- ई-श्रम कार्ड धारक महिला।
- प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की लाभार्थी महिला किसान।
- मनरेगा जॉब कार्ड धारक महिला।
- ऐसी महिला जिसके परिवार की शुद्ध वार्षिक आय ₹8 लाख से कम हो।
- गर्भवती या स्तनपान कराने वाली आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, आंगनवाड़ी सहायिका या ASHA कार्यकर्ता।
- राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA), 2013 के अंतर्गत राशन कार्ड रखने वाली महिला।
- केंद्र सरकार द्वारा समय-समय पर निर्धारित अन्य पात्र श्रेणियां।
इसलिए केवल गर्भवती होना ही पर्याप्त नहीं है; महिला को निर्धारित पात्रता श्रेणियों में से किसी एक को पूरा करना आवश्यक है।
PMMVY में उम्र कितनी होनी चाहिए?
वर्तमान आधिकारिक FAQ के अनुसार PMMVY के लिए पात्र लाभार्थी की उम्र बच्चे के जन्म के समय 18 वर्ष 7 माह से अधिक और 55 वर्ष से कम होनी चाहिए।
पुराने लेखों में आपको उम्र को लेकर अलग-अलग जानकारी मिल सकती है, इसलिए आवेदन करते समय वर्तमान आधिकारिक नियम को ही आधार बनाना बेहतर है।
क्या दूसरी बेटी होने पर भी ₹6,000 मिलेंगे?
हां।
PMMVY 2.0 के तहत दूसरी संतान लड़की होने पर पात्र महिला को ₹6,000 का लाभ दिया जाता है।
यह सुविधा 1 अप्रैल 2022 से लागू PMMVY 2.0 के तहत शुरू की गई है। इसका उद्देश्य बालिका के जन्म के प्रति सकारात्मक व्यवहार को बढ़ावा देना है।
PMMVY की राशि कैसे मिलती है?
प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना की राशि Direct Benefit Transfer यानी DBT के माध्यम से सीधे लाभार्थी के आधार-आधारित बैंक या डाकघर खाते में भेजी जाती है।
ऑनलाइन आवेदन और संबंधित अधिकारी द्वारा स्वीकृति के बाद भुगतान की प्रक्रिया आगे बढ़ती है।
इसलिए आवेदन करने वाली महिला का बैंक या डाकघर खाता सही होना और आधार से जुड़ा होना बहुत महत्वपूर्ण है।
क्या PMMVY के लिए पति का आधार कार्ड जरूरी है?
नहीं।
PMMVY 2.0 में पति का आधार अनिवार्य करने वाली पुरानी व्यवस्था को हटा दिया गया है।
यानी केवल इस वजह से आवेदन रुकना नहीं चाहिए कि महिला के पास पति का आधार उपलब्ध नहीं है। लाभार्थी महिला का आधार योजना में महत्वपूर्ण है।
आवेदन के लिए कौन-कौन से दस्तावेज लगते हैं?
PMMVY के लिए दस्तावेज महिला की पात्रता और आवेदन की स्थिति के अनुसार हो सकते हैं।
सामान्य तौर पर निम्न जानकारी/दस्तावेजों की आवश्यकता पड़ सकती है:
- महिला का आधार कार्ड
- आधार से जुड़ा बैंक या डाकघर खाता
- मोबाइल नंबर
- MCP/RCHI कार्ड
- LMP यानी अंतिम मासिक धर्म की तारीख से संबंधित जानकारी
- ANC जांच की जानकारी
- बच्चे का जन्म प्रमाण पत्र
- बच्चे के टीकाकरण की जानकारी
- पात्रता प्रमाण के लिए इनमें से संबंधित दस्तावेज:
- ई-श्रम कार्ड
- मनरेगा जॉब कार्ड
- BPL राशन कार्ड
- NFSA राशन कार्ड
- SC/ST प्रमाण पत्र
- दिव्यांगता प्रमाण पत्र
- PMJAY/आयुष्मान भारत से संबंधित प्रमाण
- PM-KISAN लाभार्थी प्रमाण
- ₹8 लाख से कम वार्षिक आय से संबंधित प्रमाण
- AWW/AWH/ASHA पहचान प्रमाण
आधिकारिक FAQ के अनुसार पंजीकरण के समय पात्रता साबित करने के लिए निर्धारित श्रेणियों में से संबंधित प्रमाण प्रस्तुत करना होता है।
प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के लिए आवेदन कैसे करें?
- PMMVY के लिए आवेदन की प्रक्रिया अब ऑनलाइन है।
- पात्र महिला दो तरीकों से आवेदन कर सकती है।
तरीका 1: आंगनवाड़ी या ASHA कार्यकर्ता के माध्यम से
अपने क्षेत्र की आंगनवाड़ी कार्यकर्ता या ASHA कार्यकर्ता से संपर्क करें। वे पात्र महिला का ऑनलाइन आवेदन भरने में सहायता कर सकती हैं और आवश्यक जानकारी PMMVY प्रणाली में दर्ज कर सकती हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाली महिलाओं के लिए यह सबसे आसान तरीका हो सकता है।
तरीका 2: खुद ऑनलाइन आवेदन
सरकार ने नागरिकों के लिए PMMVY पोर्टल पर Self Registration की सुविधा भी उपलब्ध कराई है।
पोर्टल पर आवेदन करते समय मोबाइल नंबर, आधार, बैंक/डाकघर खाते और पात्रता से संबंधित जानकारी की आवश्यकता हो सकती है।
आवेदन कब तक किया जा सकता है?
PMMVY के वर्तमान FAQ के अनुसार पात्र महिला बच्चे के जन्म के बाद 270 दिनों तक PMMVY पोर्टल पर पंजीकरण कर सकती है।
हालांकि पहली किस्त के लिए गर्भावस्था का पंजीकरण और ANC जैसी शर्तें हैं। इसलिए केवल बच्चे के जन्म के बाद आवेदन करने का इंतजार करना सही तरीका नहीं है।
बेहतर है कि गर्भावस्था की शुरुआत में ही आंगनवाड़ी या ASHA कार्यकर्ता से संपर्क कर लिया जाए।
पहली किस्त ₹3,000 पाने के लिए क्या करना होगा?
पहली जीवित संतान के लिए ₹5,000 दो किस्तों में मिलते हैं।
पहली किस्त ₹3,000 के लिए:
- गर्भावस्था का पंजीकरण होना चाहिए।
- कम से कम दो ANC यानी प्रसवपूर्व स्वास्थ्य जांच पूरी करनी होती है।
- यह जांच निर्धारित समय-सीमा और योजना के नियमों के अनुसार होनी चाहिए। आधिकारिक FAQ में इन्हें LMP के छह महीने के भीतर करवाना प्राथमिकता के रूप में बताया गया है।
दूसरी किस्त ₹2,000 कब मिलेगी?
पहली जीवित संतान के लिए दूसरी किस्त ₹2,000 पाने के लिए:
- बच्चे का जन्म पंजीकृत होना चाहिए।
- बच्चे का 14 सप्ताह तक का पहला टीकाकरण चक्र पूरा होना चाहिए।
इसके बाद पात्रता और आवेदन स्वीकृति के अनुसार राशि DBT से खाते में भेजी जाती है।
दूसरी बेटी के ₹6,000 के लिए क्या करना होगा?
दूसरी संतान लड़की होने पर ₹6,000 एक किस्त में दिए जाते हैं।
इसके लिए:
- गर्भावस्था का पंजीकरण
- कम से कम दो ANC
- बच्चे के जन्म का पंजीकरण
- बच्चे का 14 सप्ताह तक का पहला टीकाकरण चक्र
जैसी शर्तें पूरी करनी होती हैं।
गर्भपात या मृत बच्चे के जन्म की स्थिति में क्या होगा?
यह भी योजना की महत्वपूर्ण जानकारी है।
आधिकारिक PMMVY FAQ के अनुसार यदि किसी लाभार्थी का गर्भपात (miscarriage) या मृत बच्चे का जन्म (stillbirth) हो जाता है, तो भविष्य की गर्भावस्था में उसे नए लाभार्थी के रूप में पात्रता के अनुसार माना जा सकता है।
इसलिए ऐसी स्थिति में महिला को योजना से बाहर समझकर आवेदन करना छोड़ना नहीं चाहिए। उसे आंगनवाड़ी/ASHA कार्यकर्ता से अपनी वर्तमान पात्रता की जानकारी लेनी चाहिए।
क्या PMMVY में बच्चे का टीकाकरण जरूरी है?
हां, योजना का लाभ स्वास्थ्य संबंधी गतिविधियों से जुड़ा है।
पहली संतान की दूसरी किस्त और दूसरी लड़की की ₹6,000 वाली सहायता के लिए बच्चे के जन्म के बाद 14 सप्ताह तक का पहला टीकाकरण चक्र पूरा होना आवश्यक है।
इसका उद्देश्य केवल आर्थिक सहायता देना नहीं बल्कि बच्चे के शुरुआती स्वास्थ्य और टीकाकरण को बढ़ावा देना भी है।
PMMVY में कितने बच्चों का लाभ मिलता है?
PMMVY 2.0 में:- पहली जीवित संतान → ₹5,000 और दूसरी संतान यदि लड़की है → ₹6,000 का प्रावधान है।
इसलिए यह कहना सही नहीं होगा कि योजना के तहत हर बच्चे के लिए ₹5,000 या ₹6,000 मिलते हैं। लाभ संतान के क्रम और दूसरी संतान के लड़की होने जैसी निर्धारित शर्तों पर निर्भर करता है।
PMMVY और जननी सुरक्षा योजना में क्या अंतर है?
दोनों योजनाओं को लेकर अक्सर भ्रम रहता है।
- PMMVY महिला एवं बाल विकास मंत्रालय की मातृत्व लाभ योजना है, जिसमें पात्र महिलाओं को पहली जीवित संतान के लिए ₹5,000 और दूसरी संतान लड़की होने पर ₹6,000 का लाभ दिया जाता है।
- JSY यानी जननी सुरक्षा योजना स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की योजना है और संस्थागत प्रसव से संबंधित लाभ देती है।
पात्र महिला पहली संतान के मामले में PMMVY के साथ JSY का लाभ भी पा सकती है, यदि वह JSY की शर्तें पूरी करती है।
2026 में PMMVY की स्थिति क्या है?
यह योजना अभी भी केंद्र सरकार की प्रमुख मातृत्व लाभ योजनाओं में शामिल है और Mission Shakti के अंतर्गत संचालित की जा रही है।
महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के जून 2026 के अपडेट के अनुसार, 30 अप्रैल 2026 तक PMMVY में 4.92 करोड़ लाभार्थी नामांकित किए जा चुके थे, जबकि 4.28 करोड़ लाभार्थियों को भुगतान किया जा चुका था। कुल ₹20,150 करोड़ की राशि वितरित की जा चुकी थी।
यह आंकड़ा बताता है कि योजना देशभर में बड़े स्तर पर लागू की जा रही है।
PMMVY का पैसा नहीं आया तो क्या करें?
यदि आपने आवेदन कर दिया है लेकिन राशि खाते में नहीं आई है, तो सबसे पहले यह जांचें:
- आवेदन स्वीकृत हुआ है या नहीं।
- आधार सही दर्ज है या नहीं।
- बैंक/डाकघर खाता आधार से जुड़ा है या नहीं।
- बैंक खाते की जानकारी सही है या नहीं।
- ANC की जानकारी दर्ज हुई है या नहीं।
- बच्चे का जन्म पंजीकरण हुआ है या नहीं।
- बच्चे का आवश्यक टीकाकरण दर्ज हुआ है या नहीं।
- आवेदन में कोई दस्तावेज या जानकारी लंबित तो नहीं है।
सबसे पहले अपनी आंगनवाड़ी कार्यकर्ता/ASHA कार्यकर्ता से आवेदन की स्थिति की जानकारी लें। PMMVY प्रणाली में आवेदन की स्थिति ट्रैक करने की सुविधा भी उपलब्ध है।
प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना की सबसे जरूरी बातें
| जानकारी | विवरण |
|---|---|
| योजना का नाम | प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना |
| संक्षिप्त नाम | PMMVY |
| शुरुआत | 1 जनवरी 2017 |
| वर्तमान स्वरूप | PMMVY 2.0, Mission Shakti के अंतर्गत |
| पहली जीवित संतान | ₹5,000 |
| पहली संतान की किस्त | ₹3,000 + ₹2,000 |
| दूसरी संतान | केवल लड़की होने पर ₹6,000 |
| दूसरी लड़की की सहायता | एक किस्त |
| भुगतान का तरीका | DBT |
| खाता | आधार-आधारित बैंक/डाकघर खाता |
| आवेदन | PMMVY पोर्टल/आंगनवाड़ी/ASHA |
| बच्चे का टीकाकरण | 14 सप्ताह तक का पहला चक्र महत्वपूर्ण |
| आवेदन की समय-सीमा | बच्चे के जन्म के 270 दिन तक पंजीकरण की सुविधा |
| पति का आधार | PMMVY 2.0 में अनिवार्य नहीं |
उपरोक्त जानकारी वर्तमान आधिकारिक PMMVY FAQ और महिला एवं बाल विकास मंत्रालय की उपलब्ध जानकारी के आधार पर है।
एक मां के लिए यह सहायता क्यों महत्वपूर्ण है?
मां बनने का समय खुशियों से भरा होता है, लेकिन हर परिवार के लिए यह समय आर्थिक रूप से आसान नहीं होता। कई महिलाएं गर्भावस्था के अंतिम दिनों तक काम करती रहती हैं, क्योंकि घर का खर्च उनके रुकने से नहीं रुकता।
ऐसे में सरकार की यह सहायता उस मां के लिए छोटी जरूर है, लेकिन महत्वपूर्ण हो सकती है।
कुछ हजार रुपये किसी परिवार के लिए पौष्टिक भोजन खरीदने, अस्पताल तक पहुंचने, जरूरी जांच कराने या बच्चे की शुरुआती जरूरतें पूरी करने में मदद कर सकते हैं।
एक स्वस्थ मां ही एक स्वस्थ बच्चे की मजबूत शुरुआत कर सकती है।
प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना का उद्देश्य भी यही है कि आर्थिक मजबूरी के कारण मां अपनी सेहत और बच्चे की जरूरतों को नजरअंदाज न करे।
निष्कर्ष
प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना 2026 गर्भवती और स्तनपान कराने वाली पात्र महिलाओं के लिए महत्वपूर्ण मातृत्व सहायता योजना है।
इसके तहत पहली जीवित संतान के लिए ₹5,000 दो किस्तों में और दूसरी संतान लड़की होने पर ₹6,000 एक किस्त में दिए जाते हैं। लाभ पाने के लिए पात्रता श्रेणी, गर्भावस्था पंजीकरण, ANC, जन्म पंजीकरण और बच्चे के टीकाकरण जैसी शर्तों को पूरा करना जरूरी है।
अगर आप या आपके परिवार की कोई महिला गर्भवती है और वह योजना की पात्रता में आती है, तो गर्भावस्था के दौरान ही अपनी नजदीकी आंगनवाड़ी या ASHA कार्यकर्ता से संपर्क करें। आवेदन के लिए बच्चे के जन्म तक इंतजार करना जरूरी नहीं है।
सरकार की किसी योजना का लाभ तभी वास्तविक मदद बनता है, जब सही जानकारी सही समय पर जरूरतमंद व्यक्ति तक पहुंचे। इसलिए इस जानकारी को उन महिलाओं और परिवारों तक जरूर पहुंचाएं जिन्हें इसकी जरूरत हो सकती है।
महत्वपूर्ण नोट: सरकारी योजनाओं की पात्रता, दस्तावेज और प्रक्रिया में समय-समय पर बदलाव हो सकते हैं। आवेदन करने से पहले PMMVY के आधिकारिक पोर्टल या अपने क्षेत्र की आंगनवाड़ी/ASHA कार्यकर्ता से नवीनतम जानकारी की पुष्टि करें।
आधिकारिक स्रोत: महिला एवं बाल विकास मंत्रालय का PMMVY FAQ और भारत सरकार का प्रेस सूचना ब्यूरो।
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