RTI आवेदन के 10 तैयार नमूने हिंदी में डाउनलोड करें। ग्राम पंचायत, सड़क, जमीन, राशन, सरकारी योजना, स्कूल, स्वास्थ्य और शिकायत पर RTI कैसे लिखें, आसान प्रारूप सहित जानें।
अगर आप किसी सरकारी योजना, ग्राम पंचायत, सड़क निर्माण, राशन दुकान, जमीन-राजस्व मामले, स्कूल, स्वास्थ्य केंद्र या किसी सरकारी कार्यालय से संबंधित जानकारी प्राप्त करना चाहते हैं, तो RTI यानी सूचना का अधिकार आपके लिए बहुत उपयोगी माध्यम हो सकता है।
कई लोगों को RTI के बारे में जानकारी तो होती है, लेकिन यह समझ नहीं आता कि RTI आवेदन कैसे लिखें, उसमें क्या सवाल पूछें और किस तरह रिकॉर्ड की प्रमाणित प्रति मांगी जाए।
इसी समस्या को ध्यान में रखते हुए यहां 10 तैयार RTI आवेदन नमूने दिए गए हैं, जिन्हें अपनी जरूरत के अनुसार नाम, तारीख, गांव, विभाग और विषय बदलकर इस्तेमाल किया जा सकता है।
महत्वपूर्ण: ये प्रारूप सामान्य मार्गदर्शन के लिए हैं। आवेदन शुल्क, जमा करने की प्रक्रिया और संबंधित लोक सूचना अधिकारी का विवरण केंद्र/राज्य तथा विभाग के नियमों के अनुसार अलग हो सकता है।
RTI आवेदन लिखने का आसान तरीका
एक अच्छा RTI आवेदन लिखते समय मुख्य रूप से इन बातों का ध्यान रखें:
- सूचना किस सरकारी विभाग के पास है, यह पता करें।
- संबंधित लोक सूचना अधिकारी (PIO) को आवेदन दें।
- सूचना की समय अवधि स्पष्ट लिखें।
- प्रश्नों को स्पष्ट और क्रमवार रखें।
- उपलब्ध रिकॉर्ड/दस्तावेज की प्रमाणित प्रति मांगें।
- आवेदन की एक कॉपी अपने पास रखें।
- आवेदन जमा करने की रसीद/डाक प्रमाण सुरक्षित रखें।
RTI आवेदन में सामान्यतः यह बताना जरूरी नहीं है कि आप सूचना क्यों मांग रहे हैं। उद्देश्य यह होना चाहिए कि सरकारी रिकॉर्ड में उपलब्ध सूचना स्पष्ट रूप से मांगी जाए।
1. सामान्य RTI आवेदन का नमूना
यह प्रारूप किसी सामान्य सरकारी विभाग से सूचना मांगने के लिए उपयोग किया जा सकता है।
सेवा में,
श्रीमान लोक/जनसूचना सूचना अधिकारी महोदय,
[विभाग/कार्यालय का नाम]
[पूरा पता]
विषय: सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 के तहत सूचना प्राप्त करने हेतु आवेदन।
महोदय/महोदया,
कृपया सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 के तहत निम्नलिखित सूचनाएं उपलब्ध कराने की कृपा करें:
- [विषय/कार्य] से संबंधित उपलब्ध अभिलेख/रिकॉर्ड की प्रमाणित प्रति उपलब्ध कराई जाए।
- उक्त विषय में जारी आदेश/पत्र/नोटशीट/रिपोर्ट की प्रमाणित प्रति उपलब्ध कराई जाए।
- उक्त मामले में अब तक की गई कार्रवाई का उपलब्ध रिकॉर्ड एवं कार्रवाई की तिथियां उपलब्ध कराई जाएं।
- संबंधित अधिकारी/कार्यालय का नाम एवं पदनाम उपलब्ध रिकॉर्ड के अनुसार बताया जाए।
मांगी गई सूचना की अवधि: [दिनांक] से [दिनांक] तक।
सूचना हिंदी में तथा जहां संभव हो प्रमाणित प्रतियों के रूप में उपलब्ध कराई जाए।
आवेदक का नाम: __________
पूरा पता: __________
मोबाइल/ई-मेल: __________
दिनांक: __________
हस्ताक्षर: __________
2. ग्राम पंचायत के विकास कार्यों की जानकारी के लिए RTI
अगर आपको अपनी ग्राम पंचायत में हुए सड़क, नाली, भवन, सीसी रोड, पुलिया या अन्य विकास कार्यों की जानकारी चाहिए तो यह प्रारूप उपयोगी हो सकता है।
विषय: ग्राम पंचायत [नाम] में कराए गए विकास कार्यों की जानकारी।
कृपया वर्ष [2024-25] के दौरान ग्राम पंचायत [नाम] में कराए गए विकास कार्यों के संबंध में निम्नलिखित जानकारी उपलब्ध कराएं:
- सभी विकास कार्यों की सूची एवं कार्य का नाम उपलब्ध कराया जाए।
- प्रत्येक कार्य की प्रशासनिक एवं तकनीकी स्वीकृति की प्रमाणित प्रति दी जाए।
- स्वीकृत राशि, व्यय राशि और भुगतान विवरण उपलब्ध कराया जाए।
- कार्यादेश/अनुबंध की प्रमाणित प्रति दी जाए।
- संबंधित माप पुस्तिका (MB) के प्रासंगिक पृष्ठों की प्रमाणित प्रति दी जाए।
- संबंधित बिल, वाउचर एवं भुगतान अभिलेखों की प्रमाणित प्रति दी जाए।
- पूर्णता प्रमाण-पत्र/निरीक्षण रिपोर्ट उपलब्ध हो तो उसकी प्रमाणित प्रति दी जाए।
अवधि: [01-04-2024 से 31-03-2025]
3. पंचायत को प्राप्त और खर्च की गई राशि की जानकारी
ग्राम पंचायत में किस मद में कितना पैसा आया और कहां खर्च हुआ, इसकी जानकारी के लिए यह RTI उपयोगी है।
विषय: ग्राम पंचायत [नाम] को प्राप्त विभिन्न मदों की राशि एवं व्यय का विवरण।
निम्नलिखित जानकारी उपलब्ध कराई जाए:
- [वित्तीय वर्ष] में पंचायत को प्राप्त राशि का मदवार विवरण दिया जाए।
- प्रत्येक मद में प्राप्त राशि की उपलब्ध रिकॉर्ड के अनुसार जानकारी दी जाए।
- प्रत्येक मद से किए गए व्यय का कार्यवार विवरण दिया जाए।
- संबंधित भुगतान आदेश, बिल एवं वाउचर की प्रमाणित प्रतियां दी जाएं।
- उपलब्ध कैशबुक/लेजर/व्यय रजिस्टर के संबंधित पृष्ठों की प्रमाणित प्रतियां दी जाएं।
- संबंधित कार्यों के ग्राम सभा/पंचायत प्रस्ताव की प्रमाणित प्रति दी जाए।
सूचना की अवधि: [01-04-2024 से 31-03-2025]
4. सड़क/बायपास/निर्माण परियोजना की जानकारी के लिए RTI
अगर किसी सड़क, बायपास, पुल, भवन या बड़ी निर्माण परियोजना को लेकर जानकारी चाहिए तो इस तरह रिकॉर्ड मांगा जा सकता है।
विषय: [परियोजना/सड़क का नाम] से संबंधित स्वीकृति, DPR, भूमि एवं निर्माण रिकॉर्ड की जानकारी।
- परियोजना की प्रशासनिक स्वीकृति की प्रमाणित प्रति दी जाए।
- उपलब्ध DPR/प्राक्कलन/तकनीकी स्वीकृति की प्रमाणित प्रति दी जाए।
- स्वीकृत लागत एवं संशोधित लागत का विवरण उपलब्ध कराया जाए।
- स्वीकृत मार्ग/अलाइनमेंट/मानचित्र से संबंधित उपलब्ध रिकॉर्ड की प्रति दी जाए।
- भूमि अधिग्रहण से संबंधित अधिसूचना/आदेश/उपलब्ध रिकॉर्ड की प्रमाणित प्रतियां दी जाएं।
- प्रभावित खसरा नंबरों की उपलब्ध सूची/रिकॉर्ड की प्रति दी जाए।
- अब तक किए गए भुगतान/मुआवजा संबंधी उपलब्ध रिकॉर्ड की प्रति दी जाए।
महत्वपूर्ण: RTI में अधिकारी से अपनी राय देने के बजाय उपलब्ध सरकारी रिकॉर्ड मांगना अधिक प्रभावी रहता है।
5. जमीन/राजस्व मामले में कार्रवाई की जानकारी के लिए RTI
अगर आपने तहसील, राजस्व कार्यालय या किसी अन्य कार्यालय में आवेदन दिया है और उसकी कार्रवाई जानना चाहते हैं, तो यह प्रारूप उपयोगी है।
विषय: आवेदन/राजस्व प्रकरण क्रमांक [____] पर की गई कार्रवाई की जानकारी।
- मेरे आवेदन दिनांक [____] की प्राप्ति एवं डायरी/प्रकरण संख्या संबंधी रिकॉर्ड उपलब्ध कराया जाए।
- प्रकरण में अब तक की गई कार्रवाई की तिथिवार उपलब्ध नोटिंग/आदेश/कार्रवाई रिपोर्ट की प्रमाणित प्रति दी जाए।
- फाइल/प्रकरण किस-किस अधिकारी के पास किस अवधि में रहा, इसका उपलब्ध रिकॉर्ड दिया जाए।
- जारी नोटिस/पंचनामा/रिपोर्ट/आदेश की प्रमाणित प्रतियां दी जाएं।
- वर्तमान स्थिति से संबंधित उपलब्ध रिकॉर्ड की प्रति दी जाए।
प्रकरण/खसरा/ग्राम: [विवरण]
6. राशन दुकान/PDS से संबंधित RTI
उचित मूल्य दुकान में राशन आवंटन, वितरण और निरीक्षण से जुड़ी जानकारी के लिए यह प्रारूप इस्तेमाल किया जा सकता है।
विषय: उचित मूल्य दुकान/राशन वितरण व्यवस्था से संबंधित जानकारी।
- उचित मूल्य दुकान [दुकान क्रमांक/ग्राम] के आवंटन/लाइसेंस से संबंधित उपलब्ध आदेश की प्रति दी जाए।
- [माह/वर्ष] में दुकान को आवंटित खाद्यान्न का मदवार विवरण दिया जाए।
- वितरण से संबंधित उपलब्ध स्टॉक रजिस्टर/वितरण रिकॉर्ड की प्रमाणित प्रति दी जाए।
- निरीक्षण रिपोर्ट एवं कार्रवाई रिपोर्ट की प्रमाणित प्रति दी जाए।
- प्राप्त शिकायतों और उन पर की गई कार्रवाई के उपलब्ध रिकॉर्ड की प्रति दी जाए।
- संबंधित डीलर को जारी कारण बताओ नोटिस/आदेश उपलब्ध हो तो उसकी प्रति दी जाए।
7. सरकारी योजना और लाभार्थियों की जानकारी के लिए RTI
किसी सरकारी योजना में कितनी राशि स्वीकृत हुई, लाभार्थियों के चयन से संबंधित कौन-से रिकॉर्ड हैं और भुगतान कैसे हुआ, यह जानने के लिए यह प्रारूप उपयोगी है।
विषय: [योजना का नाम] के अंतर्गत लाभार्थियों एवं व्यय की जानकारी।
- [वर्ष] में [ग्राम/क्षेत्र] के लिए योजना के अंतर्गत स्वीकृत राशि का विवरण दिया जाए।
- लाभार्थियों की उपलब्ध सूची/स्वीकृति रिकॉर्ड की प्रति दी जाए, जहां कानून के तहत उपलब्ध कराना अनुमत हो।
- लाभार्थी चयन के लिए लागू नियम/दिशानिर्देश की प्रति दी जाए।
- भुगतान/लाभ वितरण से संबंधित उपलब्ध रिकॉर्ड की प्रमाणित प्रति दी जाए।
- योजना की निगरानी/सत्यापन/निरीक्षण रिपोर्ट की प्रमाणित प्रति दी जाए।
8. सरकारी स्कूल से संबंधित RTI
स्कूल में मिलने वाली राशि, भवन, शौचालय, फर्नीचर, मरम्मत, पेयजल और अन्य सुविधाओं से संबंधित रिकॉर्ड जानने के लिए यह आवेदन उपयोगी है।
विषय: शासकीय [विद्यालय का नाम] में [वर्ष] के दौरान उपलब्ध कराई गई सुविधाओं एवं खर्च की जानकारी।
- विद्यालय को प्राप्त अनुदान/राशि का मदवार विवरण दिया जाए।
- भवन, शौचालय, पेयजल, फर्नीचर, मरम्मत आदि पर किए गए व्यय का विवरण दिया जाए।
- संबंधित खरीद/निर्माण के बिल एवं भुगतान रिकॉर्ड की प्रमाणित प्रतियां दी जाएं।
- निरीक्षण रिपोर्ट की प्रमाणित प्रति दी जाए।
- उपलब्ध स्टॉक रजिस्टर के संबंधित पृष्ठों की प्रमाणित प्रति दी जाए।
- विद्यालय विकास समिति/संबंधित समिति के प्रस्ताव की प्रति उपलब्ध हो तो दी जाए।
9. सरकारी स्वास्थ्य केंद्र से संबंधित RTI
सरकारी अस्पताल, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र या उपस्वास्थ्य केंद्र में दवाइयों, उपकरणों, बजट और निर्माण/मरम्मत खर्च से संबंधित जानकारी के लिए यह प्रारूप उपयोग किया जा सकता है।
विषय: [स्वास्थ्य केंद्र/उपकेंद्र] में [वर्ष] के दौरान उपलब्ध सेवाओं एवं व्यय की जानकारी।
- केंद्र को प्राप्त बजट/अनुदान का मदवार विवरण दिया जाए।
- दवाइयों/उपकरणों की उपलब्धता और खरीद से संबंधित रिकॉर्ड की प्रमाणित प्रति दी जाए।
- उपलब्ध स्टॉक रजिस्टर के संबंधित पृष्ठों की प्रमाणित प्रति दी जाए।
- निरीक्षण/ऑडिट रिपोर्ट की प्रमाणित प्रति दी जाए।
- भवन/मरम्मत/उपकरण पर किए गए खर्च का विवरण एवं संबंधित बिल/भुगतान रिकॉर्ड उपलब्ध कराया जाए।
नोट: व्यक्तिगत मरीजों की निजी या कानून द्वारा संरक्षित गोपनीय जानकारी नहीं मांगी जा रही है।
10. शिकायत/आवेदन पर की गई कार्रवाई की जानकारी
अगर आपने किसी सरकारी कार्यालय में शिकायत या आवेदन दिया है लेकिन कार्रवाई की जानकारी नहीं मिल रही है, तो यह RTI बहुत उपयोगी हो सकती है।
विषय: मेरे आवेदन/शिकायत दिनांक [____] पर की गई कार्रवाई की जानकारी।
- आवेदन/शिकायत की प्राप्ति एवं डायरी संख्या की प्रमाणित प्रति/रिकॉर्ड उपलब्ध कराया जाए।
- आवेदन किस अधिकारी/शाखा को भेजा गया, उसका उपलब्ध रिकॉर्ड दिया जाए।
- फाइल पर की गई कार्रवाई/नोटिंग/आदेश की प्रमाणित प्रतियां दी जाएं, जहां कानून के तहत उपलब्ध हों।
- जारी पत्र/नोटिस/रिपोर्ट की प्रमाणित प्रतियां दी जाएं।
- मामले में उपलब्ध अंतिम आदेश/निर्णय की प्रमाणित प्रति दी जाए।
- यदि मामला किसी अन्य कार्यालय को भेजा गया हो तो प्रेषण पत्र की प्रमाणित प्रति दी जाए।
आवेदन/शिकायत संख्या: []
दिनांक: []
RTI आवेदन में ये 7 गलतियां न करें
1. बहुत लंबा सवाल न पूछें
एक आवेदन में एक मुख्य विषय रखना बेहतर होता है।
2. अधिकारी से राय न मांगें
जैसे—
“अधिकारी ने ऐसा क्यों किया?”
इसके बजाय उपलब्ध रिकॉर्ड मांगें।
3. नई जानकारी बनाने को न कहें
RTI मुख्यतः उपलब्ध रिकॉर्ड/सूचना प्राप्त करने का माध्यम है।
4. समय अवधि जरूर लिखें
उदाहरण:
1 अप्रैल 2024 से 31 मार्च 2025 तक।
5. दस्तावेज की जरूरत हो तो प्रमाणित प्रति मांगें
जैसे—
“उक्त आदेश की प्रमाणित प्रति उपलब्ध कराई जाए।”
6. आवेदन का प्रमाण रखें
ऑनलाइन आवेदन संख्या, रसीद या डाक की रसीद संभालकर रखें।
7. गलत विभाग चुनने से बचें
पहले यह पता करें कि मांगी गई सूचना किस सार्वजनिक प्राधिकरण के पास उपलब्ध होने की संभावना है।
RTI का जवाब कितने दिन में मिलता है?
सामान्य मामलों में सूचना सामान्यतः 30 दिनों के भीतर दी जानी चाहिए। यदि मांगी गई सूचना किसी व्यक्ति के जीवन या स्वतंत्रता से संबंधित है, तो कानून में 48 घंटे की समय-सीमा है। कुछ परिस्थितियों में, जैसे आवेदन Assistant PIO के माध्यम से भेजे जाने या गलत सार्वजनिक प्राधिकरण को भेजे जाने पर अतिरिक्त समय का प्रावधान हो सकता है।
जवाब नहीं मिले तो क्या करें?
अगर निर्धारित समय में सूचना नहीं मिलती या सूचना अधूरी/असंतोषजनक है, तो प्रथम अपील की जा सकती है।
DoPT की मार्गदर्शिका के अनुसार प्रथम अपील सामान्यतः संबंधित प्रथम अपीलीय प्राधिकारी के पास की जाती है और अपील के लिए सामान्यतः 30 दिन की अवधि बताई गई है। प्रथम अपीलीय प्राधिकारी को सामान्यतः 30 दिनों में और असाधारण स्थिति में कारण दर्ज करके अधिकतम 45 दिनों में अपील का निपटारा करना होता है।
यदि प्रथम अपील के बाद भी समस्या बनी रहती है तो RTI Act की धारा 19 के तहत द्वितीय अपील संबंधित सूचना आयोग के समक्ष की जा सकती है।
RTI और शिकायत में अंतर समझना जरूरी है
यह सबसे महत्वपूर्ण बातों में से एक है।
RTI में:
“सरकारी रिकॉर्ड में क्या जानकारी उपलब्ध है?”
शिकायत में:
“इस मामले में कार्रवाई की जाए।”
उदाहरण के लिए:
RTI:
“सड़क निर्माण से संबंधित भुगतान बिल एवं वाउचर की प्रमाणित प्रति उपलब्ध कराएं।”
शिकायत:
“सड़क निर्माण में अनियमितता की जांच कर संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाए।”
इसलिए RTI और शिकायत को एक ही चीज नहीं समझना चाहिए।
RTI को प्रभावी बनाने का आसान फॉर्मूला
RTI लिखते समय यह फॉर्मूला याद रखें:
विषय + समय अवधि + रिकॉर्ड
उदाहरण:
वर्ष 2024-25 में ग्राम पंचायत द्वारा कराए गए निर्माण कार्यों की सूची उपलब्ध कराई जाए।
प्रत्येक कार्य की स्वीकृत राशि की जानकारी उपलब्ध कराई जाए।
संबंधित कार्यादेश की प्रमाणित प्रति उपलब्ध कराई जाए।
संबंधित भुगतान रिकॉर्ड की प्रमाणित प्रति उपलब्ध कराई जाए।
इस तरह सूचना अधिकारी को भी स्पष्ट रहता है कि आवेदक किस रिकॉर्ड की मांग कर रहा है।
PDF में 10 RTI फॉर्म डाउनलोड करें
ऊपर दिए गए सभी 10 प्रारूपों को हमने एक अलग PDF में भी तैयार किया है, ताकि आप उसे डाउनलोड करके अपने कंप्यूटर या मोबाइल में रख सकें और जरूरत के अनुसार प्रिंट निकाल सकें।
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निष्कर्ष
RTI आम नागरिक को सरकारी व्यवस्था में उपलब्ध सूचना तक पहुंचने का महत्वपूर्ण कानूनी माध्यम देती है। सही RTI वही है जिसमें स्पष्ट विषय, निश्चित समय अवधि और उपलब्ध रिकॉर्ड की मांग हो।
अगर आपको पंचायत के काम की जानकारी चाहिए तो पंचायत से संबंधित रिकॉर्ड मांगें। जमीन के मामले में राजस्व रिकॉर्ड मांगें। सड़क या बायपास के मामले में स्वीकृति, DPR, अलाइनमेंट और भूमि अधिग्रहण से संबंधित उपलब्ध रिकॉर्ड मांगें।
और सबसे जरूरी बात—
RTI में सवाल ऐसा पूछें जिसका जवाब सरकारी रिकॉर्ड या दस्तावेज से दिया जा सके।
इससे आपका आवेदन अधिक स्पष्ट और उपयोगी बनता है।
स्रोत: भारत सरकार, कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (DoPT) की RTI मार्गदर्शिका और सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005।
अस्वीकरण: यह लेख सामान्य जानकारी के लिए है। किसी विशेष कानूनी विवाद या मामले में आवेदन/अपील करने से पहले संबंधित विभाग के वर्तमान नियम और लागू कानून की जांच करें।
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